Govindpur Scam: टाटा मोटर्स कर्मचारी के खाते पर 'डिजिटल डाका', योनो एप डाउनलोड करते ही 1.55 लाख पार, फर्जी बैंक मैनेजर के एक लिंक ने खाली की जिंदगी भर की कमाई
जमशेदपुर के गोविंदपुर में टाटा मोटर्स कर्मचारी चित्तरंजन स्वाई के साथ हुई 1.55 लाख की साइबर ठगी का खौफनाक सच यहाँ मौजूद है। फर्जी 'सुनील कुमार' की कॉल और एक घातक लिंक के जरिए कैसे गायब हुए बैंक से पैसे, इसकी पूरी रिपोर्ट विस्तार से पढ़िए वरना आप भी बैंकिंग एप्स के नाम पर चल रहे इस बड़े जाल का शिकार होने से नहीं बच पाएंगे।
जमशेदपुर/गोविंदपुर, 23 जनवरी 2026 – लौहनगरी में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए एक मध्यमवर्गीय कर्मचारी की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर दिया है। गोविंदपुर थाना अंतर्गत हाउसिंग कॉलोनी के निवासी और टाटा मोटर्स कर्मचारी चित्तरंजन स्वाई से 1.55 लाख रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने बैंकिंग एप 'योनो' (Yono SBI) की तकनीकी मदद के नाम पर ऐसा जाल बुना कि पीड़ित को भनक तक नहीं लगी और चंद मिनटों में उनका बैंक खाता पूरी तरह खाली हो गया। इस संबंध में चित्तरंजन ने जमशेदपुर साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
21 जनवरी की वो 'मददगार' कॉल: ऐसे शुरू हुआ खेल
घटना की शुरुआत 21 जनवरी को हुई, जब चित्तरंजन अपने मोबाइल पर एसबीआई का 'योनो एप' डाउनलोड करने की कोशिश कर रहे थे।
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फर्जी मैनेजर की एंट्री: इसी दौरान उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को योनो का ब्रांच मैनेजर बताते हुए अपना नाम 'सुनील कुमार' बताया।
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भरोसे का जाल: ठग ने चित्तरंजन को एप सेटअप में मदद करने का झांसा दिया और बातों-बातों में उनका खाता नंबर और एटीएम कार्ड का विवरण हासिल कर लिया।
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वो घातक लिंक: इसके बाद ठग ने मोबाइल पर एक लिंक भेजा और कहा कि एप एक्टिवेट करने के लिए इस पर क्लिक करना अनिवार्य है। जैसे ही चित्तरंजन ने लिंक पर क्लिक किया, उनके फोन का एक्सेस अपराधियों के पास चला गया।
LIC का प्रीमियम जमा करने गए तो उड़े होश
ठगी का अहसास चित्तरंजन को तुरंत नहीं हुआ। उन्हें लगा कि उनका एप अपडेट हो रहा है।
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अगली सुबह का झटका: गुरुवार की सुबह जब वे अपनी एलआईसी (LIC) की किस्त जमा करने के लिए मोबाइल बैंकिंग चेक करने लगे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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दो किस्तों में निकासी: उनके खाते से दो बार में पैसे निकाले गए थे। पहली बार में 95 हजार रुपये और दूसरी बार में 60 हजार रुपये की निकासी की गई थी।
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कुल नुकसान: महज कुछ ही घंटों के भीतर कुल 1.55 लाख रुपये अपराधियों ने अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए थे।
गोविंदपुर साइबर ठगी: केस प्रोफाइल (Crime Details)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित | चित्तरंजन स्वाई (टाटा मोटर्स कर्मचारी) |
| ठगी का तरीका | फर्जी बैंक मैनेजर बनकर लिंक भेजना |
| कुल चपत | 1,55,000 रुपये |
| एप का नाम | योनो एसबीआई (Yono SBI) |
| थाना | साइबर पुलिस स्टेशन, जमशेदपुर |
इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर की बैंकिंग और साइबर अपराध का बदलता चेहरा
जमशेदपुर ऐतिहासिक रूप से भारत के सबसे संगठित औद्योगिक शहरों में से एक रहा है। 1920 के दशक में जब टाटा स्टील और अन्य उद्योगों का विस्तार हुआ, तो यहाँ बैंकिंग सेवाओं की शुरुआत हुई। उस समय 'चेक बुक' और 'पासबुक' ही लेन-देन के मुख्य माध्यम थे। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर के कर्मचारी हमेशा से तकनीकी रूप से जागरूक रहे हैं, लेकिन साल 2010 के बाद जैसे-जैसे डिजिटल बैंकिंग बढ़ी, वैसे-वैसे 'जामताड़ा मॉडल' ने यहाँ के नागरिकों को निशाना बनाना शुरू किया। पहले ठग 'लॉटरी' का लालच देते थे, लेकिन 2024-2026 के बीच अपराधियों ने 'एप अपडेट' और 'केवाईसी' (KYC) जैसे तकनीकी बहाने ढूंढ लिए हैं। चित्तरंजन स्वाई के साथ हुई यह घटना दर्शाती है कि अब अपराधी बैंकिंग सिस्टम की बारीकियों का इस्तेमाल कर भरोसेमंद कर्मचारियों को अपना शिकार बना रहे हैं।
पुलिस की जांच: 'सुनील कुमार' के सुराग की तलाश
साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
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खाता ट्रेसिंग: पुलिस उन बैंक खातों को फ्रीज करने की कोशिश कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए हैं।
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सावधानी ही बचाव: पुलिस ने फिर से चेतावनी दी है कि कोई भी बैंक मैनेजर कभी भी फोन पर एटीएम नंबर, ओटीपी या किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए नहीं कहता।
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टारगेटेड अटैक: साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ठगों ने चित्तरंजन की सर्च हिस्ट्री या एप डाउनलोड करने की कोशिश को ट्रैक किया होगा, जिसके बाद उन्हें तुरंत कॉल किया गया।
डिजिटल युग में आपकी एक गलती भारी है
टाटा मोटर्स के कर्मचारी के साथ हुई यह घटना जमशेदपुर के हर नागरिक के लिए एक सबक है। अगर आप भी किसी बैंकिंग एप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अनजान कॉल्स और लिंक्स से दूरी बनाकर रखें। आपकी बरसों की मेहनत की कमाई केवल एक 'क्लिक' की दूरी पर अपराधियों के निशाने पर है।
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