Jamshedpur Raid : 15 लाख के ब्राउन शुगर संग महिला समेत 13 गिरफ्तार, जानें कैसे हुआ खुलासा!
जमशेदपुर पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। 15 लाख की ड्रग्स जब्त, जानिए कैसे पुलिस ने इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया।

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जुगसलाई पुलिस ने 15 लाख रुपये मूल्य के ब्राउन शुगर के साथ इन आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। इस ऑपरेशन में एक महिला भी शामिल थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद जमशेदपुर में ड्रग माफियाओं के नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं। आखिर पुलिस ने कैसे पकड़ा इतने बड़े रैकेट को? कौन है इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड? जानिए पूरी कहानी—
खतरनाक ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, पुलिस की बड़ी सफलता!
जुगसलाई पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक स्पेशल ऑपरेशन चलाया और खरकई नदी किनारे पार्वती घाट के पास 13 ड्रग तस्करों को धर दबोचा।
इनमें से मुख्य आरोपी अब्दुल हामिद (27), जो सरायकेला-खरसावां जिले के बालीगुमा कमलपुर का रहने वाला है, इस रैकेट का सरगना बताया जा रहा है।
अब्दुल हामिद ओडिशा और सरायकेला के आदित्यपुर से ब्राउन शुगर लाकर जमशेदपुर में सप्लाई करता था। जुगसलाई में मौजूद बाकी तस्कर इसे छोटे-छोटे पैकेट में बांटकर बेचते थे।
गिरफ्तार तस्करों की पूरी लिस्ट!
जमशेदपुर पुलिस ने इन 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- अब्दुल हामिद (27) – मुख्य आरोपी
- मो. जाकिर (26)
- सजाद खान उर्फ अमन (19)
- शेख अफरीदी उर्फ खदबद (19)
- आरिफ खान उर्फ पीलत (19)
- मो. जावेद (24)
- मो. अल्ताफ (28)
- मो. चॉद
- मो. अरवाज उर्फ रोहित (25)
- नगमा खातून (30) – गिरफ्तार महिला, सजाद खान की प्रेमिका
- मो. अमीर गद्दी
- अमृत गुड़िया (परसुडीह का रहने वाला)
- सावन दास (बागबेड़ा का रहने वाला)
कैसे हुआ पुलिस को इस रैकेट का पता?
पुलिस को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि खरकई नदी किनारे ब्राउन शुगर की बड़ी खेप पहुंचने वाली है। इसी आधार पर स्पेशल टीम गठित की गई और छापेमारी की गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर 150 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन, 7,920 रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है।
क्या जमशेदपुर में पहले भी होते रहे हैं ऐसे खुलासे?
झारखंड और खासकर जमशेदपुर में नशे का व्यापार कोई नई बात नहीं है।
- 2018 में भी जमशेदपुर पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क ध्वस्त किया था।
- 2021 में टाटा नगर रेलवे स्टेशन से लाखों रुपये के मादक पदार्थ बरामद किए गए थे।
- 2023 में पुलिस ने जुगसलाई से 10 किलो गांजा जब्त किया था।
हालांकि, पुलिस की सख्ती के बावजूद ड्रग माफिया नए-नए तरीकों से तस्करी जारी रखते हैं।
क्या तीन तस्कर फायरिंग में भी थे शामिल?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तस्करों में तीन ऐसे भी हैं, जिन्होंने हाल ही में जुगसलाई में देर रात फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। यह फायरिंग गिरोह के आपसी वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी।
अब क्या होगा? तस्करों पर लगेगी कौन-कौन सी धाराएं?
सभी आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनके खिलाफ NDPS (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि अब्दुल हामिद और उसके साथियों के पिछले रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। इस केस में पुलिस अन्य संभावित लिंक भी तलाश रही है, ताकि झारखंड में ब्राउन शुगर तस्करी के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
क्या इस बार खत्म होगा जमशेदपुर का नशे का कारोबार?
पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से ड्रग माफियाओं के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह नेटवर्क पूरी तरह से खत्म हो पाएगा?
यदि प्रशासन इसी तरह सख्ती जारी रखता है और शहर में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी करता है, तो जमशेदपुर को नशामुक्त बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
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