Jamshedpur Loot : जमशेदपुर लूटकांड का खुलासा, 62 हजार के फोन के साथ एक और आरोपी गया जेल, अपराधी ने लूटे गए पैसे से खरीदा महंगा फोन
जमशेदपुर के बिरसानगर लूटकांड में 62 हजार के फोन के साथ सूरज कांरवा गिरफ्तार। आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने लूट की साजिश रचने वाले समेत 3 को दबोचा, मुख्य सरगना अभी भी फरार।
जमशेदपुर, 26 नवंबर 2025 – झारखंड (Jharkhand) की इस्पात नगरी जमशेदपुर (Jamshedpur) में हुई एक हाई-प्रोफाइल (High-Profile) लूट (Loot) की घटना में पुलिस (Police) को एक और बड़ी सफलता (Big Success) मिली है। बिरसानगर (Birsanagar) जोन नंबर 1 बी के ठेकेदार (Contractor) के दफ्तर (Office) में हुई लूट के मामले में परसुडीह (Parsudih) के रहने वाले एक और आरोपी (Accused) सूरज कांरवा (Suraj Kanrwa) को गिरफ्तार (Arrested) कर न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया गया है। यह मामला सिर्फ लूट का नहीं था, बल्कि इसने अपराधियों की एक आम मानसिकता (Common Mentality) को भी उजागर (Revealed) किया है, जहां लूटे गए पैसे का इस्तेमाल व्यक्तिगत शौक (Personal Hobbies) पूरा करने में किया जाता है।
लूटे गए पैसे से खरीदा 62 हजार का महंगा फोन
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब आरोपी सूरज कांरवा से पूछताछ (Interrogation) की, तो उसने लूटे गए पैसे का लेखा-जोखा (Account) बताया।
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हिस्सेदारी और खर्च: सूरज के हिस्से में लूट के कुल 1 लाख 7 हजार रुपये (Lakh Rupees) आए थे। पुलिस ने उसके पास से एक 62 हजार रुपये का महंगा मोबाइल फोन (Expensive Mobile Phone) जब्त (Seized) किया है, जिसे उसने इसी लूटे हुए पैसे से खरीदा था। बाकी के पैसे वह अन्य शौक पूरा करने में खर्च कर चुका था।
सूरज कांरवा ने पुलिस से बचने के लिए पहले कोर्ट (Court) में आत्मसमर्पण (Surrender) किया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड (Remand) पर लेकर लूटकांड के संबंध (Connection) में गहन पूछताछ (Intensive Questioning) की।
साजिश का सरगना था दफ्तर का कर्मचारी
इस लूट की घटना को साजिश (Conspiracy) के तहत अंजाम दिया गया था, जिसका खुलासा पहले ही हो चुका है। पुलिस ने 18 नवंबर को षड्यंत्र (Plotting) करने वाले मुख्य आरोपी अजीत बेहरा (Ajit Behra) और बाबू सरदार उर्फ नेपू (Babu Sardar) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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अंदरूनी हाथ: पुलिस के अनुसार, अजीत बेहरा ठेकेदार के दफ्तर में वेल्डिंग (Welding) का काम करता था। उसे दफ्तर की आर्थिक गतिविधियों (Financial Activities) की पूरी जानकारी थी, जिसके आधार पर उसने पूरे लूटकांड की साजिश रची। इस तरह के मामलों में अंदरूनी व्यक्ति (Insider) का संलिप्त (Involvement) होना अक्सर देखने को मिलता है।
एक और फरार, पुलिस कर रही छापेमारी
सूरज कांरवा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब एक और संलिप्त आरोपी की तलाश (Search) में है। यह आरोपी अजय सिंह उर्फ मोटा (Ajay Singh Mota) है, जो सरायकेला (Saraikela) का रहने वाला है।
पुलिस ने बताया है कि अजय सिंह की गिरफ्तारी के लिए सरायकेला और आसपास के इलाकों में सघन छापेमारी (Intensive Raid) की जा रही है। इस लूटकांड में तीन आरोपी (Three Accused) पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, और चौथे आरोपी के पकड़े जाने के बाद इस मामले में पर्दा पूरी तरह से उठ जाएगा।
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