Baharagora NH-18 Crash: बहरागोड़ा में दर्दनाक मोड़, पिता के इलाज से लौट रहे रांची के 3 सदस्य बुरी तरह घायल
कोलकाता से रांची लौट रहे परिवार पर टूटा कहर! NH-18 पर बड़ा हादसा, हुंडई क्रेटा ने खोया नियंत्रण और ट्रेलर में जा घुसी। जानिए काली मंदिर के पास के इस डेंजर ज़ोन का इतिहास।
बहरागोड़ा, 26 नवंबर 2025 – कहते हैं कि अस्पताल से घर लौटने का सफर जिंदगी और उम्मीद (Hope) से भरा होता है, लेकिन झारखंड (Jharkhand) के बहरागोड़ा (Baharagora) इलाके में बुधवार को यह सफर एक परिवार के लिए किसी दर्दनाक मोड़ (Dangerous Turn) से कम नहीं रहा। कोलकाता में अपने पिता का इलाज (Treatment) कराकर रांची (Ranchi) स्थित अपने घर लौट रहे एक ही परिवार (One Family) के तीन सदस्य एनएच-18 (NH-18) पर हुए एक भयानक सड़क हादसे (Road Accident) में बुरी तरह घायल (Seriously Injured) हो गए। हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) कार की तेज रफ़्तार और संतुलन खोना (Lost Control) इस हादसे का कारण बना, जिसके बाद कार सीधे एक ट्रेलर (Trailer) में जा घुसी।
खुशी के सफर पर काल का साया
जानकारी के अनुसार, रांची के निवासी फरीन तालत (Farin Talat) (25), नौसीन तालत (Nausin Talat) (23) और मुसरफ अहमद (Musarraf Ahmad) (25) अपने परिजनों के साथ घर लौट रहे थे। उनके काफिले (Convoy) में एक एंबुलेंस (Ambulance) और दो अन्य छोटे निजी वाहन शामिल थे। यह हादसा बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के एनएच 18 पर काली मंदिर (Kali Mandir) के पास हुआ। तीनों युवक - युवती जिस क्रेटा कार में सवार थे, वह अचानक संतुलन खो बैठी और आगे चल रहे एक ट्रेलर के पीछे जोरदार (Violently) टक्कर मारी।
टक्कर इतनी भयानक (Horrible) थी कि कार का अगला हिस्सा (Front Portion) बुरी तरह से क्षतिग्रस्त (Damaged) हो गया और कार में सवार तीनों युवा सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना एक बार फिर तेज रफ़्तार पर नियंत्रण (Control) रखने की जरूरत पर सवाल खड़ा करती है।
काली मंदिर के पास का यह हिस्सा क्यों है डेंजर ज़ोन ?
राष्ट्रीय राजमार्ग 18 (National Highway 18) का बहरागोड़ा से गुजरने वाला यह हिस्सा पहले भी अपनी खराब बनावट (Poor Design) और ट्रैफिक की अधिकता (Traffic Volume) के कारण कई हादसों का गवाह (Witness) बन चुका है। यह सड़क कोलकाता, ओडिशा और झारखंड को जोड़ती है, जिसके कारण यहाँ भारी वाहनों (Heavy Vehicles) का दबाव हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि काली मंदिर के पास सड़क की बनावट में अचानक आने वाला मोड़ (Sudden Turn) और ट्रेलरों के अव्यवस्थित पार्किंग (Disorganized Parking) से दुर्घटनाओं का खतरा (Accident Risk) हमेशा बड़ा रहता है। यह हादसा एक बार फिर इस क्षेत्र को 'डेंजर ज़ोन' के रूप में रेखांकित (Underlines) करता है।
स्थानीय लोगों ने बचाई जान, आगे इलाज के लिए रेफर
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी (Chaos) मच गई। सबसे पहले स्थानीय लोगों (Locals) ने तत्परता (Promptness) दिखाते हुए कार से घायलों को बाहर निकाला और तुरंत मदद की गुहार (Plea for Help) लगाई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस (Ambulance) मौके पर पहुंची और तीनों घायलों – फरीन तालत, नौसीन तालत और मुसरफ अहमद – को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center) बहरागोड़ा लाया गया।
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बेहतर इलाज: प्रारंभिक इलाज (Initial Treatment) के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति (Serious Condition) को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा (Better Medical Care) के लिए तुरंत अन्यत्र (Elsewhere) रेफर कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगों की मदद और 108 की तत्परता (Promptness) ने समय पर जीवन (Life) बचाने का काम किया।
इधर, बहरागोड़ा पुलिस ने भी घटनास्थल (Accident Spot) पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन (Damaged Vehicle) को अपने कब्जे (Custody) में ले लिया है और हादसे के सही कारणों की जांच पड़ताल (Investigation) में जुट गई है। परिवार के अन्य सदस्यों के बयान (Statement) भी दर्ज किए जा रहे हैं।
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