Jamshedpur Message of Service: जमशेदपुर के वृद्धा आश्रम में सिख नौजवान सभा ने बाँटी गर्माहट, गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी शताब्दी पर बुजुर्गों को मिला सम्मान
जमशेदपुर के बाराद्वारी स्थित आशीर्वाद भवन में सेंट्रल सिख नौजवान सभा ने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर विशेष सेवा कार्य किया। बुजुर्गों को गर्म मोज़े, ऊनी टोपी और विशेष रात्रि भोजन दिया गया, मानवता की सेवा का संदेश।
जमशेदपुर, 26 नवंबर 2025 – जमशेदपुर (Jamshedpur) में सेंट्रल सिख नौजवान सभा (Central Sikh Naujawan Sabha) ने “हिंद की चादर” गुरु तेग बहादुर जी (Guru Tegh Bahadur Ji) की 350वीं शहीदी शताब्दी (Shahidi Shatabdi) को एक अद्वितीय (Unique) और मानवीय (Humanitarian) तरीके से मनाया। गुरु महाराज के त्याग और मानवता (Humanity) की सेवा के संदेश (Message) को आगे बढ़ाते हुए, सभा के सदस्यों ने बाराद्वारी (Baradwari) स्थित आशीर्वाद भवन (वृद्धा आश्रम) में विशेष सेवा कार्य (Special Service Work) आयोजित किया। इस दौरान बुजुर्गों (Elders) को कर्मा टोंड ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र (Woolen Clothes) वितरित (Distributed) किए गए, जो सिख धर्म (Sikhism) के मूल सिद्धांत (Core Principle) – ‘सेवा’ को दर्शाता है।
वृद्धा आश्रम में बाँटी गर्माहट और सम्मान
सभा के सदस्य मंगलवार की शाम आशीर्वाद भवन पहुंचे। उन्होंने वहां निवास कर रहे सभी बुजुर्गों को सर्दी के मौसम (Winter Season) को देखते हुए गर्म मोज़े (Warm Socks) और ऊनी टोपियां (Woolen Caps) सम्मानपूर्वक प्रदान (Provided) कीं। वस्त्रों के वितरण के अलावा, बुजुर्गों के लिए खाद्य सामग्री (Food Items) भी सौंपी गई।
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विशेष रात्रि भोजन: शाम के समय सभा की ओर से वृद्धा आश्रम के बुजुर्गों के लिए विशेष रात्रि भोजन सेवा (Special Dinner Service) भी आयोजित की गई। इस पवित्र सेवा को सेंट्रल सिख नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह (Amrik Singh) ने स्वयं से आगे बढ़कर निभाया। यह पूरी प्रक्रिया सिख धर्म के तीन स्तंभों (Three Pillars) – नाम जपना, किरत करनी और वंड छकना – का व्यवहारिक उदाहरण (Practical Example) थी।
धर्म की रक्षा का अनमोल संदेश
सभा के पदाधिकारियों (Office Bearers) ने इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान (Sacrifice) के महत्व (Importance) पर प्रकाश डाला। सभा के चेयरमैन दमनप्रीत सिंह, महासचिव सुखवंत सिंह और प्रधान अमरीक सिंह ने कहा कि गुरु महाराज ने अपने प्राण त्यागकर सिर्फ एक धर्म (Religion) की नहीं, बल्कि इंसानियत (Humanity) की रक्षा की थी।
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मानवता का उत्थान: उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने निस्वार्थ सेवा (Selfless Service), त्याग (Renunciation) और मानवता के उत्थान (Upliftment) का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक (Guiding Light) है। यह सेवा कार्य उसी बलिदान को श्रद्धांजलि (Tribute) देने की एक छोटी सी कोशिश है।
सेवा के इस प्रयास में प्रधान अमरीक सिंह, चेयरमैन दमनप्रीत सिंह, महासचिव सुखवंत सिंह, सलाहकार सुरेंद्र सिंह शिंदे, आग़ाज़ संस्था के संस्थापक अध्यक्ष इंदरजीत सिंह, सिमरन भाटिया समेत कई अन्य सदस्य सम्मिलित (Included) रहे। नौजवान सभा ने आश्वस्त (Assured) किया कि वे भविष्य (Future) में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर (Continuously) जारी रखेंगे।
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