Jamshedpur Rape: बड़शोल में 12 साल की मासूम से झाड़ियों में हैवानियत, साधु मुर्मू ने पूरे परिवार को दी थी जान से मारने की धमकी

जमशेदपुर के बड़शोल थाना क्षेत्र में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी साधु मुर्मू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पाथरडांगा गांव की घटना, नवोदय विद्यालय के पास हुई दरिंदगी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 6, 2026 - 20:53
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Jamshedpur Rape: बड़शोल में 12 साल की मासूम से झाड़ियों में हैवानियत, साधु मुर्मू ने पूरे परिवार को दी थी जान से मारने की धमकी
Jamshedpur Rape: बड़शोल में 12 साल की मासूम से झाड़ियों में हैवानियत, साधु मुर्मू ने पूरे परिवार को दी थी जान से मारने की धमकी

जमशेदपुर/बड़शोल, 6 अप्रैल 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के बड़शोल थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 23 वर्षीय युवक ने अपनी हवस का शिकार एक महज 12 साल की मासूम बच्ची को बनाया। घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश की, लेकिन मासूम के साहस और पुलिस की तत्परता ने आरोपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सोमवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी साधु मुर्मू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

झाड़ियों में हैवानियत: सुबह 8 बजे जब मासूम के साथ हुई दरिंदगी

घटना 4 अप्रैल की सुबह की है, जब पूरा इलाका अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त था।

  • समय और स्थान: सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, बड़शोल थाना क्षेत्र के पाथरडांगा गांव का रहने वाला साधु मुर्मू (23 वर्ष) बच्ची को बहला-फुसलाकर नवोदय विद्यालय के समीप सुनसान झाड़ियों में ले गया।

  • शर्मनाक कृत्य: सुनसान जगह का फायदा उठाकर आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की चीखें झाड़ियों के शोर में दबकर रह गईं।

  • खौफनाक धमकी: वारदात को अंजाम देने के बाद हैवान ने मासूम को डराया कि अगर उसने घर पर किसी को भी इस बारे में बताया, तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। इसी डर के कारण सहमी हुई बच्ची उस दिन चुप रही।

दूसरे दिन टूटा चुप्पी का बांध: परिवार के सामने आई सच्चाई

बच्ची के व्यवहार में आए अचानक बदलाव और उसके खौफ को देखकर परिवार वालों को संदेह हुआ।

  1. मासूम की आपबीती: 5 अप्रैल को जब बच्ची का डर थोड़ा कम हुआ, तो उसने सिसकते हुए अपने परिजनों को उस काली सुबह की पूरी कहानी सुनाई।

  2. पुलिस की दबिश: परिवार बिना देर किए उसी दिन बड़शोल थाना पहुँचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

  3. देर रात गिरफ्तारी: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक टीम बनाई और पाथरडांगा गांव में छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी साधु मुर्मू के घर की घेराबंदी कर उसे देर रात दबोच लिया।

बड़शोल और ग्रामीण क्षेत्रों का इतिहास: सुरक्षा और सन्नाटा

पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाकों में नवोदय विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास का इलाका अक्सर झाड़ियों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से घिरा होता है।

  • सुनसान रास्तों का खतरा: बड़शोल जैसे इलाकों में स्कूलों के आसपास झाड़ियां और सुनसान पगडंडियां अपराधियों के लिए छिपने का अड्डा बन जाती हैं।

  • जागरूकता की कमी: अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में 'लोक-लाज' और 'धमकी' के कारण ऐसे मामले दबकर रह जाते हैं, लेकिन इस परिवार ने हिम्मत दिखाकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया, जो एक सराहनीय कदम है।

  • कानून का शिकंजा: पुलिस ने आरोपी पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

प्रशासनिक रुख: 'फास्ट ट्रैक' जांच की तैयारी

पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया है और घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए हैं।

  • न्यायिक हिरासत: सोमवार दोपहर कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद साधु मुर्मू को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।

  • गश्ती बढ़ाने की मांग: इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने मांग की है कि स्कूल और सुनसान रास्तों पर पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में कोई और 'साधु' ऐसी जघन्य वारदात न कर सके।

  • कड़ी सजा का संकल्प: बड़शोल थाना पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले में चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल करेंगे ताकि आरोपी को कम से कम समय में कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

जमशेदपुर के बड़शोल में हुई यह घटना समाज के चेहरे पर एक काला धब्बा है। एक 23 साल का युवक, जिसे समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए था, वह 12 साल की बच्ची का भविष्य उजाड़ने निकल पड़ा। हालांकि, पुलिस की 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई ने पीड़ित परिवार को थोड़ा ढांढस बंधाया है। यह मामला एक सबक है कि बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के साथ-साथ किसी भी खतरे के खिलाफ बोलने के लिए प्रेरित करना कितना जरूरी है। फिलहाल, आरोपी सलाखों के पीछे है और पूरा जिला मासूम के लिए न्याय की मांग कर रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।