Baharagora Accident: भीषण टक्कर, NH-18 पर ऑटो ने स्कूटी सवार को उड़ाया, संवेदक लहूलुहान, बारीपदा रेफर
बहरागोड़ा के पीडब्ल्यूडी मोड़ पर हुए दर्दनाक हादसे में स्कूटी सवार संवेदक अरुण पैड़ा की हालत नाजुक है। एनएच-18 पर ऑटो और स्कूटी की सीधी भिड़ंत और बारीपदा मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी हाईवे के इस जानलेवा ब्लैक स्पॉट की हकीकत जानने से चूक जाएंगे।
बहरागोड़ा/जमशेदपुर, 17 जनवरी 2026 – झारखंड के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-18 पर शनिवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हुआ। पीडब्ल्यूडी (PWD) मोड़ के पास एक अनियंत्रित ऑटो रिक्शा और स्कूटी के बीच सीधी टक्कर हो गई। इस हादसे में केवला निवासी स्कूटी सवार संवेदक अरुण पैड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और अरुण पैड़ा खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
साइट पर वापसी के दौरान 'काल' बना ऑटो
घटना दोपहर के उस वक्त की है जब लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे।
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भोजन के बाद लौट रहे थे काम पर: बताया जाता है कि संवेदक अरुण पैड़ा दोपहर का खाना खाने के बाद अपनी स्कूटी से साइट पर वापस काम के सिलसिले में जा रहे थे।
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आमने-सामने की भिड़ंत: जैसे ही वे पीडब्ल्यूडी मोड़ के पास पहुँचे, तेज रफ्तार ऑटो और स्कूटी के बीच सीधी भिड़ंत हो गई।
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गंभीर चोटें: हादसे में अरुण के सिर और पैरों में गहरी चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और उन्हें उठाया। तत्काल उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया।
बारीपदा रेफर: डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी
बहरागोड़ा सीएचसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हाथ खड़े कर दिए हैं।
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नाजुक स्थिति: डॉक्टरों ने बताया कि अरुण पैड़ा के सिर में अंदरूनी चोट और पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर की आशंका है।
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पीआरएम मेडिकल कॉलेज रवानगी: प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर न्यूरो और ऑर्थोपेडिक इलाज के लिए पीआरएम मेडिकल कॉलेज, बारीपदा (ओडिशा) रेफर कर दिया है।
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परिजनों में कोहराम: पुलिस ने हादसे की जानकारी केवला स्थित उनके घर पर दी, जिसके बाद परिजन बदहवास हालत में अस्पताल पहुँचे।
बहरागोड़ा एनएच-18 हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| हादसे का स्थान | पीडब्ल्यूडी मोड़, एनएच-18, बहरागोड़ा |
| घायल का नाम | अरुण पैड़ा (संवेदक, निवासी- केवला) |
| वाहन | स्कूटी और ऑटो रिक्शा |
| रेफरल | पीआरएम मेडिकल कॉलेज, बारीपदा |
| चोट की गंभीरता | सिर और पैर में गंभीर घाव |
इतिहास का पन्ना: बहरागोड़ा का एनएच-18 और 'पीडब्ल्यूडी मोड़' का पुराना खौफ
बहरागोड़ा भौगोलिक रूप से तीन राज्यों (झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) के मुहाने पर बसा है। एनएच-18 (पुराना एनएच-33) इस क्षेत्र की जीवनरेखा होने के साथ-साथ 'मृत्यु रेखा' भी साबित होती रही है। 1990 के दशक में जब यह मार्ग केवल टू-लेन हुआ करता था, तब भी यह अपनी घुमावदार सड़कों के लिए कुख्यात था। इतिहास गवाह है कि बहरागोड़ा का पीडब्ल्यूडी मोड़ दशकों से एक 'एक्सीडेंटल ब्लैक स्पॉट' रहा है। साल 2012 और 2018 के बीच यहाँ कई बड़े हादसे हुए, जिसके बाद प्रशासन ने यहाँ स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाए थे। 2026 की यह घटना दर्शाती है कि एनएच-18 के फोर-लेन बनने के बाद भी इस मोड़ पर सुरक्षा मानक अब भी अधूरे हैं। संवेदकों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह मार्ग आज भी किसी 'डेथ ट्रैप' से कम नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई: ऑटो चालक पर गिरेगी गाज?
हादसे के बाद बहरागोड़ा पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है।
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लापरवाही की जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ऑटो चालक ओवरस्पीड में था या वह गलत दिशा से आ रहा था।
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गश्ती की मांग: स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि पीडब्ल्यूडी मोड़ जैसे व्यस्त पॉइंट पर दोपहर के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए क्योंकि यहाँ भारी वाहनों और छोटी गाड़ियों का दबाव हमेशा बना रहता है।
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सुरक्षा ऑडिट की जरूरत: ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मोड़ के डिजाइन में तकनीकी खामी है, जिसे दुरुस्त किए बिना हादसों पर लगाम लगाना नामुमकिन है।
हाईवे पर एक सेकंड की चूक और...
अरुण पैड़ा का यह हादसा एक बार फिर सबक देता है कि हाईवे पर स्कूटी जैसे हल्के वाहनों के साथ चलना कितना जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल, बहरागोड़ा की जनता उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रही है।
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