Ulidih Fraud: साधु बनकर आए लुटेरे, पत्थर को सोना बनाने का दिया झांसा, महिला के लाखों के गहने लेकर उड़े, उलीडीह में सनसनी
जमशेदपुर के उलीडीह में तीन कथित साधुओं ने 'पत्थर को सोना' बनाने का दावा कर एक महिला से 4 लाख के गहने ठग लिए हैं। सम्मोहन और हाथ की सफाई के इस खौफनाक खेल की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अपने घर के दरवाजे पर आने वाले इन 'बहरूपियों' की असलियत जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 17 जनवरी 2026 – लौहनगरी के मानगो स्थित उलीडीह थाना क्षेत्र के संजय पथ (सर्वोदय पथ) में ठगी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने लोगों की रूह कपा दी है। भक्ति और विश्वास का फायदा उठाकर तीन कथित साधुओं ने एक महिला को 'चमत्कार' के जाल में फंसाया और पलक झपकते ही उसके जीवन भर की कमाई यानी सोने के गहने लेकर रफूचक्कर हो गए। ठगी गई महिला कंचन देवी अब सदमे में है, जबकि उलीडीह पुलिस सीसीटीवी कैमरों के जरिए उन शातिर 'बहरूपियों' की तलाश में जुटी है।
सम्मोहन या हाथ की सफाई: घर के अंदर हुआ 4 लाख का 'कांड'
शनिवार दोपहर जब कंचन देवी अपने घर में अकेली थीं, तभी भगवा वस्त्र पहने तीन साधु उनके दरवाजे पर दस्तक देते हैं।
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सिद्ध पुरुष का ढोंग: साधुओं ने खुद को पहुंचे हुए सिद्ध पुरुष बताया और कंचन देवी का विश्वास जीतने के लिए कुछ 'छोटा-मोटा चमत्कार' दिखाया।
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पत्थर बना सोना: ठगों ने एक साधारण पत्थर निकाला और दावा किया कि उनके पास ऐसी शक्ति है जिससे वे पत्थर को शुद्ध सोने में बदल सकते हैं। उन्होंने महिला को लालच दिया कि अगर वह अपने घर का सोना उन्हें देगी, तो वे उसे 'अभिमंत्रित' कर कई गुना बढ़ा देंगे।
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पोटली का रहस्य: महिला उनकी बातों में इस कदर उलझ गई कि उसने अपनी सोने की चेन, जिउतिया और अन्य कीमती गहने (कीमत करीब 4 लाख रुपये) उन्हें सौंप दिए। साधुओं ने गहनों को एक पोटली में बांधा, मंत्र पढ़ा और महिला को सख्त हिदायत दी कि "सिद्धी" पूरी होने तक पोटली न खोली जाए।
जब खुली पोटली, तो उड़े होश: गहनों की जगह निकले पत्थर
साधु जैसे ही गली से बाहर निकले, महिला को कुछ अनहोनी का अहसास हुआ। जब उसने कांपते हाथों से वह पोटली खोली, तो उसके भीतर न तो सोना था और न ही कोई कीमती सामान।
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बदल गए गहने: पोटली के भीतर केवल कुछ कंकर-पत्थर और नकली धातु के टुकड़े पड़े थे।
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चीख-पुकार: ठगी का अहसास होते ही कंचन देवी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक अपराधी मुख्य सड़क से गायब हो चुके थे।
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पुलिस की एंट्री: महिला के पति चंदन कुमार के घर पहुँचने पर उलीडीह थाना को सूचना दी गई। पुलिस अब इलाके के एग्जिट पॉइंट्स पर लगे कैमरों को खंगाल रही है ताकि उन 'नकली साधुओं' के चेहरे बेनकाब हो सकें।
उलीडीह साधु ठगी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | संजय पथ, सर्वोदय पथ, उलीडीह (मानगो) |
| पीड़ित | कंचन देवी (पति- चंदन कुमार) |
| ठगों का हुलिया | तीन व्यक्ति, साधु के वेश में |
| लूट की संपत्ति | सोने की चेन, जिउतिया (कीमत ~ 4 लाख) |
| तरीका | पत्थर को सोना बनाने का झांसा (सम्मोहन) |
इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर में 'बहरूपिया' गिरोहों का पुराना रिकॉर्ड
जमशेदपुर और इसके आसपास के इलाकों में वेश बदलकर ठगी करने का इतिहास काफी पुराना रहा है। 1990 के दशक में जब मानगो का विस्तार हो रहा था, तब 'इरानी गिरोह' और 'बहरूपिया गिरोह' के सदस्य अक्सर साधु, पुलिस ऑफिसर या सेल्समैन बनकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। इतिहास गवाह है कि उलीडीह और डिमना जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अपराधियों के लिए गलियों में गायब होना आसान होता है। साल 2015 और 2022 में भी साकची और मानगो में इसी तरह 'सोना चमकाने' या 'गहने दोगुने करने' के नाम पर बड़ी ठगी हुई थी। 2026 की यह घटना दिखाती है कि सीसीटीवी और डिजिटल सुरक्षा के युग में भी, अपराधी आज भी लोगों के 'अंधविश्वास' और 'आस्था' को अपना सबसे बड़ा हथियार बना रहे हैं।
पुलिस की अपील: अनजान लोगों के लिए न खोलें दरवाजा
उलीडीह थाना प्रभारी ने इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों के लिए एक एडवायजरी जारी की है।
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कोई चमत्कार नहीं होता: पुलिस ने साफ कहा है कि कोई भी साधु या तांत्रिक वैज्ञानिक रूप से पत्थर को सोना नहीं बना सकता। यह केवल हाथ की सफाई और सम्मोहन (Hypnotism) का खेल है।
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संदेह होने पर क्या करें: अगर आपके घर के पास कोई संदिग्ध साधु या अनजान व्यक्ति चमत्कार दिखाने का दावा करे, तो तुरंत '100' या स्थानीय थाना को सूचित करें।
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सीसीटीवी का सहारा: पुलिस उस रूट को ट्रैक कर रही है जिससे ठग फरार हुए हैं। आशंका है कि वे किसी ऑटो या बाइक से भागने में सफल रहे।
आस्था जब अंधविश्वास बन जाए
कंचन देवी के साथ हुई यह घटना पूरे शहर के लिए एक चेतावनी है। जब तक हम 'शॉर्टकट' और 'चमत्कार' के पीछे भागेंगे, तब तक ऐसे 'पत्थर वाले साधु' हमारी मेहनत की कमाई लूटते रहेंगे।
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