Jadugora Murder: राखा कॉपर कॉलोनी में बुजुर्ग रतन बहादुर की धारदार हथियार से हत्या, पास में मिली घायल महिला

जादूगोड़ा के राखा कॉपर कॉलोनी में यूसिलकर्मी के पिता रतन बहादुर श्रेष्ठ की निर्मम हत्या हुई है। पुराने नर्सरी स्कूल में खून से लथपथ शव, घायल महिला की मौजूदगी और पुलिस की छापेमारी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 7, 2026 - 19:07
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Jadugora Murder:  राखा कॉपर कॉलोनी में बुजुर्ग रतन बहादुर की धारदार हथियार से हत्या, पास में मिली घायल महिला
Jadugora Murder: राखा कॉपर कॉलोनी में बुजुर्ग रतन बहादुर की धारदार हथियार से हत्या, पास में मिली घायल महिला

जमशेदपुर/जादूगोड़ा, 7 अप्रैल 2026 – लौहनगरी से सटे जादूगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत राखा कॉपर कॉलोनी मंगलवार की सुबह एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की गवाह बनी। यहां के पुराने नर्सरी स्कूल परिसर में 80 वर्षीय बुजुर्ग रतन बहादुर श्रेष्ठ की धारदार हथियार से प्रहार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक जादूगोड़ा निवासी और यूसिल (UCIL) कर्मी संजय श्रेष्ठ के पिता थे। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने न केवल कॉलोनी बल्कि पूरे जिले में दहशत पैदा कर दी है। घटनास्थल पर एक घायल महिला की मौजूदगी ने इस पूरे मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन हत्या के पीछे की असल वजह पर सस्पेंस बरकरार है।

आधी रात का खूनी खेल: जब घर नहीं लौटे रतन बहादुर

सोमवार की रात रतन बहादुर श्रेष्ठ किसी काम के सिलसिले में जादूगोड़ा से राखा कॉलोनी आए थे। परिवार को उम्मीद थी कि वे काम निपटाकर देर रात तक लौट आएंगे, लेकिन सुबह जो खबर आई उसने सबके होश उड़ा दिए।

  • खून से लथपथ शव: मंगलवार सुबह जब स्थानीय लोग पुराने नर्सरी स्कूल परिसर के पास से गुजरे, तो उन्होंने वहां रतन बहादुर का शव पड़ा देखा। उनके शरीर पर धारदार हथियार के गहरे और जानलेवा निशान थे।

  • घायल महिला का रहस्य: सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शव के पास ही एक घायल महिला भी तड़पती हुई मिली। महिला की वहां मौजूदगी और उसकी चोटों ने इस हत्याकांड को एक नई दिशा दे दी है।

  • पुलिस की दस्तक: सूचना मिलते ही जादूगोड़ा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और घायल महिला को उपचार के लिए भेजकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।

जांच के केंद्र में 'घायल महिला': क्या छिपा है गहरा राज?

पुलिस के लिए इस वक्त सबसे बड़ी कड़ी वह महिला है जो रतन बहादुर के शव के पास मिली।

  1. चश्मदीद या शिकार: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह महिला इस हमले की चश्मदीद है या हमलावरों का दूसरा निशाना वही थी।

  2. सुनसान स्कूल का चयन: पुराने नर्सरी स्कूल का खंडहरनुमा परिसर रात के वक्त बेहद सुनसान रहता है। हमलावरों ने इस जगह का चुनाव बेहद सोच-समझकर किया था ताकि शोर बाहर न जा सके।

  3. धारदार हथियार का इस्तेमाल: जिस तरह से वार किए गए हैं, उससे साफ है कि अपराधी पूरी तैयारी के साथ आए थे और उनका मकसद केवल हत्या करना ही था।

सन्नाटे में छिपे अपराधों का गवाह

जादूगोड़ा और राखा कॉपर का इलाका यूरेनियम और तांबे की खदानों के कारण वैश्विक मानचित्र पर है, लेकिन यहाँ की पुरानी कॉलोनियां अब खंडहरों में तब्दील हो रही हैं।

  • पुराने निर्माण बने अड्डों का केंद्र: राखा कॉलोनी के कई पुराने स्कूल और सरकारी भवन अब बंद पड़े हैं। ये सुनसान जगहें अक्सर असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन जाती हैं। रतन बहादुर की हत्या के लिए इस पुराने स्कूल का चयन इसी सुरक्षा चूक को दर्शाता है।

  • यूसिल परिवार का जुड़ाव: श्रेष्ठ परिवार जादूगोड़ा के प्रतिष्ठित यूसिल (UCIL) संस्थान से जुड़ा है। 80 वर्षीय बुजुर्ग की ऐसी निर्मम हत्या ने कर्मचारी आवासों में रहने वाले लोगों के भीतर असुरक्षा की भावना भर दी है।

  • बढ़ता अपराध ग्राफ: पोटका और जादूगोड़ा के इन शांत इलाकों में हाल के वर्षों में अज्ञात अपराधियों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे स्थानीय लोग अब रात में निकलने से कतराने लगे हैं।

अगली कार्रवाई: पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साक्ष्य

जादूगोड़ा पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर पहलू से जांच तेज कर दी है।

  • बयानों का इंतजार: पुलिस को उम्मीद है कि घायल महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद हमलावरों का हुलिया और हत्या की वजह साफ हो जाएगी।

  • आसपास की घेराबंदी: पुलिस की एक विशेष टीम संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुराने अपराधियों और संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है।

  • परिजनों का आक्रोश: संजय श्रेष्ठ और उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस 'ब्लाइंड मर्डर' केस को जल्द से जल्द सुलझाया जाए।

जादूगोड़ा में हुई यह हत्या प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। एक 80 साल के बुजुर्ग की ऐसी बेरहमी से हत्या करना समाज की गिरती मानसिकता को दर्शाता है। घायल महिला इस पूरे खूनी ड्रामे की 'मास्टर की' साबित हो सकती है। क्या यह पुरानी रंजिश थी या कुछ और? इसका जवाब फिलहाल पुलिस की फाइलों में बंद है। पूरी राखा कॉपर कॉलोनी अब केवल न्याय की गुहार लगा रही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।