Giridih Murder: एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या, पूरे गांव में सनसनी!
गिरिडीह के बरदौनी गांव में महिला और उसके दो बच्चों की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। पति चारो हेंब्रम और ससुर तालो हेंब्रम हिरासत में, हत्या के पीछे चौंकाने वाली वजह आई सामने।

झारखंड के गिरिडीह जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लोकाय नयनपुर थाना क्षेत्र के बरदौनी गांव में मंगलवार सुबह महिला और उसके दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इस खौफनाक वारदात के बाद गांव में मातम पसर गया और पुलिस ने मृत महिला के पति चारो हेंब्रम और ससुर तालो हेंब्रम को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच में हत्या की वजह बेहद चौंकाने वाली बताई जा रही है।
कौन थे मृतक और कैसे हुई हत्या?
मृत महिला का नाम रेणुआ टुडू (30 वर्ष) था।
उसकी 9 साल की बेटी सरिता हेंब्रम और 6 साल का बेटा सतीश हेंब्रम भी इस जघन्य हत्याकांड का शिकार बने।
तीनों की हत्या अत्यंत निर्ममता से की गई, जिससे गांववाले भी सन्न हैं।
गांववालों ने जब मंगलवार सुबह मां और बेटे के शव को एक पेड़ से लटका देखा, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। वहीं, बेटी का शव तालाब में तैरता हुआ मिला, जिसे देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
पति ने कबूली चौंकाने वाली बात!
हत्या के आरोप में पकड़े गए पति चारो हेंब्रम ने पुलिस को जो बयान दिया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
उसने बताया कि सोमवार की रात उसने अपनी पत्नी को गांव के एक युवक के साथ देखा।
इसके बाद गुस्से में आकर उसने पत्नी से मारपीट की और वह अपने दोनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई।
मंगलवार सुबह गांव के तालाब के पास तीनों के शव संदिग्ध हालत में मिले, जिससे मामला हत्या का निकला।
गांववालों का आरोप है कि चारो हेंब्रम और उसके पिता ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की।
कैसे हुई इस जघन्य हत्याकांड की साजिश?
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह इस वारदात को और भी भयावह बना देता है।
महिला और उसके बेटे को मारने के बाद शव को पेड़ से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
बेटी सरिता की सबसे पहले आंखें फोड़ी गईं, फिर उसकी निर्मम हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया।
पुलिस को अंदेशा है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसे छुपाने की कोशिश भी की गई।
गांववालों का गुस्सा, पुलिस पर दबाव!
इस वीभत्स हत्याकांड से गांववालों में आक्रोश है और वे आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
जल्द ही पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस हत्या का पूरा सच सामने लाएगी।
इतिहास में ऐसे मामलों की झलक!
भारत में ऐसे अपराध पहले भी होते रहे हैं, जहां गुस्से या शक में आकर परिवार के ही लोग हत्या कर देते हैं।
2008 में दिल्ली का आरुषि हत्याकांड, जिसमें माता-पिता ही आरोपों के घेरे में आ गए थे।
2013 में पश्चिम बंगाल के एक गांव में एक महिला और उसकी बच्ची की हत्या, वजह भी घरेलू विवाद ही था।
2021 में बिहार में एक व्यक्ति ने पत्नी और बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली, मामला अवैध संबंधों से जुड़ा था।
गिरिडीह का यह मामला भी ऐसे ही घरेलू विवादों और पारिवारिक कलह का नतीजा दिखता है, जिसने तीन जिंदगियां निगल लीं।
अब आगे क्या?
पुलिस इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी, ताकि दोषियों को सजा मिले।
फॉरेंसिक जांच से हत्या की असली वजह सामने आएगी।
गांववाले न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।
आखिर कब रुकेगी ऐसी घटनाएं?
गिरिडीह की यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है कि घरेलू विवादों को समय रहते हल करना कितना जरूरी है।
क्या कानून ऐसे मामलों में और कड़े कदम उठा सकता है?
क्या गांवों में जागरूकता की कमी ऐसी वारदातों की वजह है?
जब तक समाज में शिक्षा, जागरूकता और कड़े कानून का सही पालन नहीं होगा, तब तक ऐसे मामले दोहराए जाते रहेंगे।
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