Jamshedpur Goat Theft: जमशेदपुर में कार से बकरियां उड़ा ले गया गिरोह, हाईवा से टकराई गाड़ी और खुल गया सारा राज
जमशेदपुर के गोविंदपुर में कार से बकरी चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। चोरों की कार सड़क किनारे खड़े हाईवा से टकरा गई, जिससे डिक्की खुल गई और चोरी की गई 6 बकरियां सबके सामने आ गईं। पुलिस ने कार जब्त कर ली है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/गोविंदपुर, 13 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में अपराध के तरीके अब किसी फिल्मी कहानी की तरह बदलते जा रहे हैं। शहर में अब तक आपने कार से कीमती सामान या मोबाइल चोरी की खबरें सुनी होंगी, लेकिन शुक्रवार को गोविंदपुर थाना क्षेत्र में जो हुआ, उसने सबको हैरत में डाल दिया। चोरों का एक गिरोह लग्जरी स्टाइल में कार से बकरियां चोरी कर फरार हो रहा था, लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी पूरी पोल खोल दी। पुलिस ने मौके से कार और चोरी की गई 6 बकरियां बरामद कर ली हैं, हालांकि आरोपी भागने में सफल रहे।
हादसे ने खोला राज: डिक्की खुली और सच सामने आया
यह पूरी घटना गोविंदपुर साउथ गेट के पास की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक हाईवा से पीछे से जा टकराई।
-
जोरदार टक्कर: टक्कर इतनी भीषण थी कि कार की डिक्की का लॉक टूट गया और वह अचानक खुल गई।
-
जिंदा बकरियां बरामद: जैसे ही डिक्की खुली, उसमें ठूंस-ठूंस कर रखी गई 6 जिंदा बकरियां बाहर दिखाई देने लगीं। यह देख आसपास के लोग दंग रह गए। आमतौर पर डिक्की में सामान होता है, लेकिन बकरियां देखकर लोगों को समझते देर नहीं लगी कि यह चोरी का मामला है।
-
चोर फरार: भीड़ इकट्ठा होते देख कार सवार तीनों आरोपी मौका पाकर वहां से नौ दो ग्यारह हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज
सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लिया।
-
मालिक की पहचान: जांच के दौरान पता चला कि ये बकरियां टेल्को थाना क्षेत्र के खड़ंगाझार ज्योतिनगर की रहने वाली बिथु रानी की हैं।
-
प्राथमिकी दर्ज: बिथु रानी ने गोविंदपुर थाना में कार नंबर के आधार पर चालक और उसके दो साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
-
वापसी की प्रक्रिया: पुलिस ने बरामद बकरियों को उनकी मालकिन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जमशेदपुर में पशु चोरी के बदलते तरीके
जमशेदपुर और इसके ग्रामीण इलाकों (जैसे पोटका, पटमदा और गोविंदपुर) में पशु चोरी का इतिहास काफी पुराना है।
-
बदलते साधन: पहले पशुओं को पैदल या ट्रकों के जरिए ले जाया जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चोरों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए छोटी कारों (हैचबैक और सेडान) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
-
हाई-टेक चोर: कार से चोरी करने का फायदा यह होता है कि पुलिस को चेकिंग के दौरान शक कम होता है। जमशेदपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल भी बारीडीह इलाके में एक कार से पालतू कुत्तों की चोरी का प्रयास विफल किया गया था। यह नई 'कार-गैंग' अब पशुपालकों के लिए सिरदर्द बन गई है।
पशुपालक रहें सावधान: पुलिस की चेतावनी
इस अनोखी घटना ने शहर के बकरी पालकों और मवेशी मालिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
-
नंबर प्लेट से होगी पहचान: पुलिस ने बताया कि कार के नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
-
सावधानी जरूरी: पुलिस ने अपील की है कि लोग अपने पशुओं को सड़क किनारे लावारिस न छोड़ें और रात के समय उनकी सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करें।
गोविंदपुर की इस घटना ने साबित कर दिया है कि अपराधी अब सुरक्षा घेरों को तोड़ने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। हालांकि, किस्मत ने इस बार चोरों का साथ नहीं दिया और एक छोटे से एक्सीडेंट ने उनका पूरा धंधा चौपट कर दिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि शहर में हो रही पशु चोरियों पर लगाम लगाई जा सके।
What's Your Reaction?


