Giridih Gunfight: खूनी जमीन, गिरिडीह में सरेआम हवाई फायरिंग और बट से हमला, दहशत फैलाने वाले रामू साव समेत 4 गिरफ्तार

गिरिडीह के जमुआ में जमीन के पैसे न देने पर हुए विवाद में माफियाओं ने सरेआम गोलियां चलाकर गांव में मौत का सन्नाटा फैला दिया है। हवाई फायरिंग करने वाले मुख्य सरगना रामू साव की गिरफ्तारी और पिस्टल की बट से किए गए हमले की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली साजिश कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 6, 2026 - 14:17
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Giridih Gunfight: खूनी जमीन, गिरिडीह में सरेआम हवाई फायरिंग और बट से हमला, दहशत फैलाने वाले रामू साव समेत 4 गिरफ्तार
Giridih Gunfight: खूनी जमीन, गिरिडीह में सरेआम हवाई फायरिंग और बट से हमला, दहशत फैलाने वाले रामू साव समेत 4 गिरफ्तार

गिरिडीह/जमुआ, 6 जनवरी 2026 – झारखंड के गिरिडीह जिले में जमीन विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। जमुआ थाना क्षेत्र के भूपतडीह गांव में रविवार को हुई 'गैंगवार' जैसी स्थिति के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जमीन के पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुए विवाद में दबंगों ने न केवल हवाई फायरिंग कर पूरे इलाके में दहशत फैलाई, बल्कि पिस्टल की बट से प्रहार कर लहूलुहान भी कर दिया। जमुआ पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए मुख्य आरोपी रामू साव समेत चार लोगों को धर दबोचा है। इस घटना ने एक बार फिर गिरिडीह के शांत इलाकों में पनप रहे 'लैंड माफिया' के खौफनाक चेहरे को उजागर कर दिया है।

भूपतडीह में 'फिल्मी' तांडव: गोलियों की गूँज और चीखें

वारदात की शुरुआत रविवार को हुई, जब भूपतडीह गांव में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए।

  • विवाद की जड़: संतोष कुमार विश्वकर्मा ने अपनी जमीन बेची थी, लेकिन आरोप है कि खरीदार पक्ष के रामू साव और विजय साव ने भुगतान करने में आनाकानी शुरू कर दी।

  • हवाई फायरिंग: जब संतोष ने अपने पैसों की मांग की, तो रामू साव ने इलाके में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए पिस्टल निकाली और हवा में गोलियां दागनी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज सुनकर गांव में भगदड़ मच गई।

  • बट से प्रहार: केवल फायरिंग से मन नहीं भरा, तो दबंगों ने पिस्टल की बट से मारपीट की, जिससे कई लोग चोटिल हो गए।

पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: खोखा बरामद, आरोपी लॉकअप में

घटना की सूचना मिलते ही जमुआ थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस की मौजूदगी ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए।

  1. सबूतों की बरामदगी: पुलिस ने घटना स्थल से चली हुई गोलियों के खोखे बरामद किए हैं, जो कोर्ट में सजा दिलाने के लिए सबसे बड़ा वैज्ञानिक साक्ष्य बनेंगे।

  2. ताबड़तोड़ छापेमारी: पुलिस ने रामू साव के छिपने के ठिकानों पर दबिश दी और द्वारपहर निवासी इस मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को दबोच लिया।

  3. जेल का सफर: सोमवार देर शाम सभी आरोपियों की सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई और फिर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जमुआ फायरिंग केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी (Updates)
मुख्य आरोपी रामू साव (निवासी द्वारपहर)
वारदात स्थल भूपतडीह गांव, जमुआ
हथियार का उपयोग अवैध पिस्टल और हवाई फायरिंग
विवाद का कारण जमीन के भुगतान का बकाया
पुलिस कार्रवाई 4 गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में जेल

इतिहास और रंजिश: गिरिडीह में 'जमीन का जंजाल'

गिरिडीह जिले का जमुआ और देवरी इलाका ऐतिहासिक रूप से जमीन विवादों के लिए संवेदनशील रहा है। 2000 के दशक की शुरुआत में यहाँ 'भू-माफिया' संस्कृति ने जन्म लिया, जहाँ पैसे के दम पर गरीब किसानों की जमीनें हड़पना और विरोध करने पर हथियारों का प्रदर्शन करना आम बात हो गई थी। 2022 में भी इसी क्षेत्र में जमीन को लेकर हुई एक झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। रामू साव जैसे 'नए युग के दबंग' उसी पुरानी परिपाटी को दोहरा रहे हैं, जहाँ कानून से ज्यादा उन्हें अपनी अवैध पिस्टल पर भरोसा है। जमुआ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने संदेश दिया है कि अब 'बाहुबल' से जमीन हड़पने का दौर खत्म हो चुका है।

कानून का शिकंजा: दहशतगर्दों की अब खैर नहीं

जमुआ थाना प्रभारी ने साफ कर दिया है कि इलाके में किसी भी सूरत में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • आर्म्स एक्ट की धाराएं: गिरफ्तार आरोपियों पर फायरिंग के कारण आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

  • विजय साव की तलाश: पुलिस अब विजय साव और अन्य फरार सहयोगियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

  • दहशत का अंत: भूपतडीह के ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। पुलिस ने गांव में गश्त बढ़ा दी है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

शांति या संग्राम?

जमीन के एक टुकड़े के लिए चली ये गोलियां समाज के गिरते स्तर की गवाह हैं। रामू साव और उसके साथी अब जेल की सलाखों के पीछे हैं, लेकिन गिरिडीह प्रशासन के सामने असली चुनौती उन अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है, जो जमीन विवादों को 'खूनी खेल' में बदल देते हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।