Ghatshila Lottery: अवैध लॉटरी से बर्बाद हो रहे लोग, जिला परिषद सदस्य ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग!
घाटशिला में अवैध लॉटरी का गोरखधंधा! 50 लाख से ज्यादा का गैरकानूनी कारोबार, पुलिस की मिलीभगत पर उठे सवाल। जिला परिषद सदस्य ने की सख्त कार्रवाई की मांग!

घाटशिला, 23 फरवरी: झारखंड के घाटशिला क्षेत्र में अवैध लॉटरी कारोबार अपने चरम पर है। बिना किसी रोक-टोक के खुलेआम चल रहे इस गैरकानूनी धंधे से आम जनता की गाढ़ी कमाई लुट रही है, और कई गरीब परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता राशि तक इस लॉटरी के चंगुल में फंसकर बर्बाद हो रही है।
इस अवैध धंधे को रोकने के लिए घाटशिला जिला परिषद सदस्य कर्ण सिंह ने सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस गैरकानूनी कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
कैसे चल रहा अवैध लॉटरी कारोबार?
जानकारी के मुताबिक, घाटशिला में अवैध लॉटरी कारोबार इस हद तक फैल चुका है कि इसे दुकानों और मुख्य सड़कों पर खुलेआम संचालित किया जा रहा है। यह सबकुछ प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, जिससे सवाल उठता है कि क्या पुलिस की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है?
लॉटरी माफिया लोगों को रातोंरात करोड़पति बनने का सपना दिखाकर अपनी जाल में फंसा रहे हैं। गरीब, बेरोजगार और मजबूर लोग इस जाल में फंसकर अपनी बचत गवां रहे हैं। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि लॉटरी का लालच पूरा करने के लिए लोग चोरी-छिनतई जैसे अपराधों में भी लिप्त हो रहे हैं।
50 लाख रुपए से ज्यादा का अवैध कारोबार!
एक अनुमान के मुताबिक, घाटशिला में हर महीने 50 लाख रुपए से अधिक की अवैध लॉटरी बेची जा रही है। यह पैसा कहां जा रहा है? कौन इस कारोबार को चला रहा है? और सबसे अहम सवाल – प्रशासन अब तक चुप क्यों है?
सूत्रों के अनुसार, इस धंधे को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि लॉटरी संचालकों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे अब इसे मुख्य सड़कों पर ऑफिस खोलकर चला रहे हैं।
अवैध लॉटरी के कारण बढ़ रहे अपराध
इस गैरकानूनी कारोबार का असर घाटशिला में साफ दिखने लगा है।
- चोरी और छिनतई की घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो गई है।
- घरों में क्लेश और मारपीट जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
- बेरोजगार युवक इस धंधे के जाल में फंसकर अपने भविष्य को चौपट कर रहे हैं।
- लॉटरी संचालकों के बीच गैंगवार जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी दिए थे निर्देश, लेकिन कार्रवाई शून्य!
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को अवैध लॉटरी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन घाटशिला में स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
आश्चर्य की बात यह है कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अब क्या होगा?
घाटशिला के नागरिक अब इस अवैध कारोबार से मुक्ति चाहते हैं। जिला परिषद सदस्य कर्ण सिंह के ज्ञापन के बाद उम्मीद जगी है कि प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा।
अगर जल्द ही लॉटरी माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितना गंभीरता से लेता है और क्या पुलिस की भूमिका की जांच होगी?
घाटशिला में अवैध लॉटरी कारोबार सिर्फ एक आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बर्बादी का कारण भी बनता जा रहा है। यदि इस पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में अपराध और गरीबी की स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
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