Giridih Shame: दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों से सामूहिक दुष्कर्म, मेले से लौटते वक्त 7 दरिंदों ने किया अगवा, गिरिडीह में फूटा जनता का गुस्सा
गिरिडीह के पीरटांड़ में दो आदिवासी नाबालिग बच्चियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की दहला देने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। मेले से लौटते वक्त अपहरण और 7 अज्ञात दरिंदों की हैवानियत का पूरा सच विस्तार से पढ़िए वरना आप झारखंड के ग्रामीण अंचलों में बढ़ते इन खौफनाक अपराधों और पुलिस की छापेमारी से जुड़ी बड़ी जानकारी से चूक जाएंगे।
गिरिडीह/पीरटांड़, 27 जनवरी 2026 – झारखंड के गिरिडीह जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पीरटांड़ थाना क्षेत्र के हरलाडीह इलाके में रविवार की रात दो आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) की जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना उस वक्त हुई जब पूरा गांव मेले की खुशियों में डूबा था, लेकिन अंधियारी रात में सात दरिंदों ने मासूमियत को तार-तार कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का उबाल है और ग्रामीण दोषियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं।
मेले की खुशियाँ मातम में बदली: बीच रास्ते से अगवा
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों नाबालिग लड़कियां रविवार रात गांव में आयोजित एक स्थानीय मेले का आनंद लेकर घर लौट रही थीं।
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अचानक हमला: रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 6 से 7 अज्ञात युवकों ने लड़कियों को घेर लिया।
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जबरन अपहरण: शोर मचाने की कोशिश करने पर आरोपियों ने उनका मुंह दबा दिया और उन्हें घसीटते हुए पास के एक सूनसान खेत में ले गए।
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सामूहिक हैवानियत: दरिंदों ने बारी-बारी से दोनों मासूमों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उन्हें वहीं बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल जांच और छापेमारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) और चौकी प्रभारी ने मोर्चा संभाला।
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प्राथमिकी दर्ज: हरलाडीह चौकी प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि दोनों पीड़ित लड़कियों की माताओं के लिखित बयान पर पोक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है।
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मेडिकल जांच: डुमरी के SDPO सुमित प्रसाद ने पुष्टि की है कि दोनों बच्चियों की मेडिकल जांच करा ली गई है और उन्हें उचित सुरक्षा व उपचार दिया जा रहा है।
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धरपकड़ तेज: पुलिस की कई टीमें संदिग्धों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
गिरिडीह गैंगरेप कांड: मुख्य बिंदु (Case Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| स्थान | हरलाडीह इलाका, पीरटांड़ थाना, गिरिडीह |
| पीड़ित | दो आदिवासी नाबालिग लड़कियां |
| आरोपी | 07 अज्ञात युवक (अंधेरे का फायदा उठाकर फरार) |
| जांच का नेतृत्व | सुमित प्रसाद (SDPO, डुमरी) |
| कानूनी कार्रवाई | मेडिकल संपन्न, सामूहिक छापेमारी जारी |
ग्रामीणों का गुस्सा और तनावपूर्ण स्थिति
दो मासूम बच्चियों के साथ हुई इस दरिंदगी के बाद हरलाडीह और आसपास के गांवों में भारी तनाव व्याप्त है। आदिवासियों के पारंपरिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
कब सुरक्षित होंगी हमारी बेटियां?
गिरिडीह की यह घटना एक बार फिर चीख-चीख कर कह रही है कि केवल मेले और त्यौहार मनाना काफी नहीं है, बल्कि उन खुशियों के बीच अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
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