Galudih Murder: दिनदहाड़े हत्या, भाजपा नेता तारापद महतो को बदमाशों ने गोलियों से भूना, घाटशिला में सनसनी
घाटशिला के गालुडीह में प्रज्ञा केंद्र संचालक और भाजपा नेता तारापद महतो की सरेआम हत्या ने पूरे राज्य को दहला दिया है। बाइक सवार तीन शूटरों और वर्षों पुराने जमीन विवाद के खूनी अंत की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी जमशेदपुर के पास छिपे इस बड़े हत्याकांड के पीछे की कड़वी सच्चाई से हमेशा अनजान रह जाएंगे।
घाटशिला/गालुडीह, 13 जनवरी 2026 – झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल में अपराध का ग्राफ एक बार फिर आसमान छूने लगा है। गालुडीह थाना क्षेत्र के उलदा पंचायत स्थित खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड के पास सोमवार को अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने प्रज्ञा केंद्र संचालक और भाजपा नेता तारापद महतो (40) की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। अपराधियों ने इस वारदात को इतनी बेखौफ तरीके से अंजाम दिया कि आसपास मौजूद लोग दहशत के मारे सुन्न पड़ गए। हत्या के बाद हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए टाटा की ओर फरार हो गए। इस हत्याकांड ने न केवल गालुडीह बल्कि पूरे जमशेदपुर और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
बस स्टैंड पर खूनी मंजर: तीन शूटर और दनादन गोलियां
तारापद महतो हर दिन की तरह अपने प्रज्ञा केंद्र पर काम कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि मौत उनके इतने करीब खड़ी है।
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अचानक हमला: दोपहर के वक्त एक ही बाइक पर सवार होकर तीन युवक बस स्टैंड के पास पहुँचे। उन्होंने सीधे तारापद महतो को निशाना बनाया और उन पर गोलियां दाग दीं।
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मौके पर ही मौत: गोलियां लगते ही तारापद जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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टाटा की ओर भागे हत्यारे: वारदात को अंजाम देने के बाद शूटरों ने टाटा-मुसाबनी मुख्य मार्ग का रुख किया और तेजी से निकल गए। पुलिस अब उस रूट के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
जमीन विवाद की खूनी रंजिश: सालों से चल रही थी दुश्मनी
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस हत्या के पीछे जमीन का एक पुराना और उलझा हुआ विवाद बताया जा रहा है।
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पुरानी दुश्मनी: तारापद महतो का अपने ही गांव में जमीन के एक टुकड़े को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था।
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पहले भी हुई थी मारपीट: बताया जाता है कि इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार खूनी संघर्ष और मारपीट की घटनाएं घट चुकी थीं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि इसी विवाद का बदला लेने के लिए भाड़े के शूटरों से यह हत्या कराई गई है।
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परिवार में मातम: तारापद की मौत के बाद उनकी पत्नी आशा महतो, पुत्र अनुप महतो और बड़े भाई सृष्टिपदो महतो का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
तारापद महतो हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | तारापद महतो (उम्र 40 वर्ष) |
| पद | प्रज्ञा केंद्र संचालक एवं भाजपा नेता |
| घटनास्थल | खड़िया कॉलोनी बस स्टैंड, गालुडीह |
| हमलावर | 03 अज्ञात युवक (बाइक सवार) |
| संभावित कारण | पुराना जमीन विवाद |
| पुलिस स्टेशन | गालुडीह थाना (जांच जारी) |
पुलिस की कार्रवाई: बॉर्डर सील, छापेमारी शुरू
गालुडीह थाना प्रभारी ने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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घेराबंदी: घटना के तुरंत बाद जिले के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है। टाटा-घाटशिला मार्ग पर सघन वाहन चेकिंग चलाई जा रही है।
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एसआईटी का गठन: भाजपा नेता की हत्या को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विशेष जांच टीम (SIT) के गठन का संकेत दिया है।
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परिजनों से पूछताछ: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले कुछ दिनों में तारापद को क्या किसी अज्ञात नंबर से धमकी मिली थी या जमीन विवाद में कोई नया मोड़ आया था।
सुरक्षा पर उठते सवाल
एक भाजपा नेता और प्रज्ञा केंद्र संचालक की सरेआम हत्या ने पुलिसिया तंत्र पर सवालिया निशान लगा दिया है। क्या तारापद महतो को अपनी जान का खतरा था? अगर जमीन विवाद इतना पुराना था, तो क्या पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया? गालुडीह की जनता अब जल्द से जल्द कातिलों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है।
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