“कृष का गाना सुनेगा क्या…?” कहने वाला धूम उर्फ़ पिंटू अचानक लापता, क्या वायरल होना बना खतरा?

धूम उर्फ पिंटू, कृष का गाना सुनेगा क्या, वायरल बच्चा जमशेदपुर, सोशल मीडिया जिम्मेदारी, बाल सुरक्षा, बाल अधिकार जमशेदपुर, जनवरी 2026

Jan 13, 2026 - 14:05
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“कृष का गाना सुनेगा क्या…?” कहने वाला धूम उर्फ़ पिंटू अचानक लापता, क्या वायरल होना बना खतरा?
“कृष का गाना सुनेगा क्या…?” कहने वाला धूम उर्फ़ पिंटू अचानक लापता, क्या वायरल होना बना खतरा?

“कृष का गाना सुनेगा क्या…?”
यह एक छोटी सी लाइन कुछ ही दिनों में पूरे देश में मशहूर हो गई। इस लाइन को बोलने वाला बच्चा जमशेदपुर के फुटपाथ पर जीवन बिताने वाला धूम उर्फ़ पिंटू है। लोग उसे धूम नाम से जानते और पुकारते हैं।
उसकी मासूम आवाज़ और बोलने का अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। लेकिन अब वही बच्चा अचानक लापता हो गया है। इस खबर के सामने आते ही जमशेदपुर से लेकर देशभर में चिंता का माहौल बन गया है।
 
कौन है धूम उर्फ़ पिंटू?
स्थानीय लोगों के अनुसार, धूम जमशेदपुर के बागबेड़ा इलाके में रहता था। वह रोज़ सड़कों, चौक-चौराहों और फुटपाथ पर दिखाई देता था। बात-बात में वह लोगों से कहता था—
“कृष का गाना सुनेगा क्या?”
यही लाइन उसकी पहचान बन गई।
एक दिन किसी ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कई यूट्यूबर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल चैनल जमशेदपुर पहुंचने लगे।
 
वायरल होने के बाद क्या हुआ?
किसी ने धूम से गाना गवाया।
किसी ने इंटरव्यू रिकॉर्ड किया।
किसी ने भावनात्मक कहानी बनाकर वीडियो डाला।
इन वीडियोज़ को लाखों-करोड़ों व्यूज़ मिले। कई लोगों ने इन वीडियो से अच्छी कमाई भी की। लेकिन जिस बच्चे की आवाज़ से यह सब हुआ, वही बच्चा अब गायब है।
लापता होने से उठे गंभीर सवाल
धूम उर्फ़ पिंटू के अचानक लापता होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या बच्चे को उसकी मर्जी के बिना कहीं ले जाया गया?
क्या नशा मुक्ति या समाज सेवा के नाम पर उसका इस्तेमाल किया गया?
क्या सोशल मीडिया पर कमाई करने वालों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती?
बाल मजदूर मुक्ति सेवा और बाल संरक्षण से जुड़े संगठनों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है।
 प्रशासन तक पहुंची शिकायत
इस मामले में उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि कुछ लोगों ने धूम को एक कमरे में रखकर वीडियो बनाए। बाद में उसे नशा मुक्ति केंद्र या समाज सेवा के नाम पर कहीं भेज दिया गया।
शिकायत में मांग की गई है कि—
संबंधित लोगों और संस्थाओं की जांच हो।
उनका पंजीकरण और अनुमति देखी जाए।
और यह पता लगाया जाए कि बच्चे का सही पुनर्वास हुआ या नहीं।
परिवार का बयान
एक व्यक्ति ने खुद को धूम उर्फ़ पिंटू का भाई बताया है। उसका कहना है कि करीब दस दिन पहले रात में कोई व्यक्ति धूम को अपने साथ ले गया। इसके बाद से वह वापस नहीं आया।
परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि धूम की जल्द तलाश की जाए। उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अगर किसी ने समाज सेवा या नशा मुक्ति के नाम पर आर्थिक लाभ के लिए उसका इस्तेमाल किया है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो।
यह सिर्फ एक बच्चा नहीं, एक चेतावनी है
यह मामला सिर्फ धूम उर्फ़ पिंटू का नहीं है।
यह सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल है।
अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह बाल अधिकारों की बड़ी विफलता बन सकता है।
वायरल होना आसान है।
लेकिन किसी बच्चे की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है।
अब पूरे देश की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।