Galudih Murder: सनसनीखेज खुलासा, तारापद महतो हत्याकांड के कातिल दबोचे गए, जमीन के लिए मारी थी गोली, हथियार बरामद
गालूडीह के चर्चित सीएसपी संचालक तारापद महतो की हत्या का पुलिस ने रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। जमीन विवाद की आग और जेल से रची गई साजिश के जाल में फंसे 2 शूटरों की गिरफ्तारी के पीछे छिपे इस खौफनाक सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी जमशेदपुर के इस सबसे चर्चित हत्याकांड के राज से हमेशा अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर/गालूडीह, 14 जनवरी 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सीएसपी (CSP) केंद्र संचालक तारापद महतो हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बुधवार को ग्रामीण एसपी ऋषि गर्ग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने हत्या में शामिल दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है, जो एमजीएम थाना क्षेत्र के चांदनी चौक के पास एक नियमित वाहन जांच के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े। यह पूरी वारदात किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहाँ जेल की सलाखों के पीछे से मौत का फरमान जारी किया गया और जमीन की एक लालची जंग ने एक मासूम इंसान की जान ले ली।
चांदनी चौक पर दबोचे गए कातिल: भागने की फिराक में थे शूटर
पुलिस को यह बड़ी सफलता उस वक्त मिली जब एमजीएम थाना क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
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संदेह और तलाशी: मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों की हरकतें संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने उन्हें रोककर तलाशी ली, तो उनके पास से देसी कट्टा, एक खोखा और खून लगा हुआ छूरा बरामद हुआ।
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गिरफ्तार अपराधी: पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिरसानगर जोन नंबर 1 निवासी विकास दुबे उर्फ राहुल दुबे (21) और टेल्को खड़ंगाझाड़ निवासी अभिषेक कुमार उर्फ गोलू उर्फ हैप्पी (21) के रूप में हुई है।
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खून के निशान: आरोपियों के पास से मिले छूरी पर मौजूद खून के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि तारापद महतो पर हमला कितना नृशंस था।
जमीन विवाद और 'दुबे परिवार' की खूनी साजिश
ग्रामीण एसपी ने बताया कि यह हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे 'जमीन विवाद' की एक लंबी और कड़वी दास्तान छिपी है।
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पुराना विवाद: तारापद महतो का जितेन्द्र दुबे के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। तारापद ने पूर्व में जितेन्द्र के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई थी।
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जेल का कनेक्शन: जितेन्द्र दुबे वर्तमान में जेल की सलाखों के पीछे है। पुलिस का मानना है कि जितेन्द्र के परिवार ने ही तारापद को रास्ते से हटाने के लिए विकास और अभिषेक को सुपारी दी थी।
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बदले की आग: जेल में बंद आरोपी के परिजनों ने तारापद की हत्या कर उस कानूनी लड़ाई को खत्म करने की कोशिश की, जो वह लड़ रहे थे।
तारापद महतो हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित का नाम | तारापद महतो (सीएसपी संचालक) |
| गिरफ्तार आरोपी | विकास दुबे (21) और अभिषेक कुमार (21) |
| बरामद हथियार | देसी कट्टा, मोटरसाइकिल, खून लगा छूरा, खोखा |
| हत्या का कारण | जमीन विवाद एवं पारिवारिक रंजिश |
| मुख्य साजिशकर्ता | जितेन्द्र दुबे का परिवार (जांच जारी) |
छापेमारी जारी: पुलिस के रडार पर अन्य साजिशकर्ता
विकास और अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने में जुट गई है।
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मास्टरमाइंड की तलाश: ग्रामीण एसपी ने स्पष्ट किया कि विकास और अभिषेक केवल मोहरे थे। असली मास्टरमाइंड दुबे परिवार के वो लोग हैं जिन्होंने इन्हें पैसे और हथियार मुहैया कराए।
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फरार आरोपियों की घेराबंदी: पुलिस की कई टीमें शहर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही साजिश के अन्य सूत्रधार भी सलाखों के पीछे होंगे।
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कड़ी पूछताछ: गिरफ्तार शूटरों से रिमांड पर पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने हथियार कहां से खरीदे थे और इस वारदात के लिए उन्हें कितनी रकम मिली थी।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
तारापद महतो की हत्या ने पूरे गालूडीह को हिला कर रख दिया था। लेकिन पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराध कितना भी सोच-समझकर क्यों न किया जाए, पुलिस की सतर्कता और 'वाहन चेकिंग' जैसे जमीनी अभियान अपराधियों का काल बन ही जाते हैं।
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