Sonari Ram-Katha: इतिहास रचा, जमशेदपुर में पहली बार महिलाओं ने कराई श्री राम कथा, उमड़ा जनसैलाब, भंडारे में टूटे रिकॉर्ड
सोनारी के खूटाडीह में आयोजित 7 दिवसीय श्री राम कथा के समापन ने पूरे जमशेदपुर को भक्ति के सागर में डुबो दिया है। महिलाओं के ऐतिहासिक नेतृत्व, जम्मू वाले बाबा के सानिध्य और विशाल भंडारे के पीछे छिपे इस रूहानी अनुभव की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी लौहनगरी के इस सबसे भव्य और पावन धार्मिक समागम की दिव्य अनुभूति से बेखबर रह जाएंगे।
जमशेदपुर/सोनारी, 14 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सोनारी स्थित खूटाडीह (तरुण बाल संघ हनुमान मंदिर परिसर) में आज आस्था का एक ऐसा महाकुंभ संपन्न हुआ, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है। हनुमंत सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 7 दिवसीय श्री राम कथा का आज विधिवत हवन, दीक्षा और एक विशाल भंडारे के साथ समापन हुआ। लेकिन यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था; इसने जमशेदपुर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह पहली बार था जब शहर में इस स्तर का भव्य आयोजन पूरी तरह से महिलाओं के नेतृत्व में संपन्न हुआ। पूरे सप्ताह खूटाडीह का वातावरण अयोध्या के उत्सव जैसा प्रतीत हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि सनातन संस्कृति की जड़ें आज भी कितनी गहरी हैं।
राम-जानकी विवाह: जब छलक उठीं श्रद्धालुओं की आँखें
कथा के अंतिम चरणों में डॉ. देवाचार्य जी महाराज ने अपनी जादुई वाणी से भगवान राम के जीवन प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
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विवाह प्रसंग: छठे दिन जब राम–जानकी विवाह, पुष्प वाटिका और धनुष भंग का प्रसंग सुनाया गया, तो पूरा पंडाल 'सिया-राम' के जयकारों से गूँज उठा। कई श्रद्धालु तो भाव-विभोर होकर नाचने लगे।
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सुंदरकांड का पाठ: पंडित अभिषेक पाठक जी महाराज द्वारा हनुमान जी का दिव्य श्रृंगार और सुंदरकांड पाठ किया गया, जिससे वातावरण में एक अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
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प्रसाद वितरण: मंदिर कमेटी द्वारा हलवा, लड्डू और फल प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
नारी शक्ति का शंखनाद: जमशेदपुर में बना नया रिकॉर्ड
इस आयोजन की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका मैनेजमेंट रहा।
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महिलाओं का नेतृत्व: डालियां भट्टाचार्य और ऋतु झा जैसी महिलाओं ने जम्मू वाले बाबा के मार्गदर्शन में इस 7 दिवसीय अनुष्ठान की कमान संभाली। यह जमशेदपुर के धार्मिक इतिहास में एक दुर्लभ उदाहरण है।
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सामाजिक सेवा: आयोजन का श्रेय हनुमंत सेवा संस्थान को जाता है, जो केवल कथा ही नहीं कराता, बल्कि पटमदा के पंचमुखी हनुमान मंदिर में गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देकर समाज का भविष्य भी संवार रहा है।
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भंडारे की भव्यता: समापन के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों लोगों ने 'प्रसाद' ग्रहण किया, जिसमें ऊंच-नीच का भेद मिटकर केवल 'भक्ति' दिखाई दी।
सोनारी राम कथा: मुख्य विवरण (Event Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | तरुण बाल संघ हनुमान मंदिर, खूटाडीह, सोनारी |
| आयोजक | हनुमंत सेवा संस्थान |
| विशेषता | पहली बार महिलाओं के नेतृत्व में बड़ा आयोजन |
| मुख्य सानिध्य | जम्मू वाले बाबा एवं डॉ. देवाचार्य जी महाराज |
| प्रमुख सहयोगी | डालियां भट्टाचार्य, ऋतु झा, पंडित गौतम |
| गतिविधि | हवन, दीक्षा, सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारा |
इनका रहा विशेष योगदान: टीम वर्क से मिली सफलता
इतने बड़े आयोजन को बिना किसी बाधा के संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे मंदिर कमेटी और संस्थान के सदस्यों ने बखूबी निभाया।
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समर्पित टीम: पंडित गौतम जी, संजू, मोनू भाई, सुनील सोन पुजारी, रंजीत, अरुण, संतोष, सुमित और मनोज जी ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।
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मातृशक्ति का सहयोग: सुशांति देवी और संगीता देवी जैसी वरिष्ठ सदस्यों ने भंडारे और पूजन सामग्री की शुद्धता का पूरा ख्याल रखा।
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सनातन की छटा: पूरे 7 दिनों तक सोनारी का यह इलाका 'मिनी अयोध्या' बना रहा, जिससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति को समझने का मौका मिला।
भक्ति और सेवा का अनूठा संगम
सोनारी खूटाडीह की यह राम कथा केवल सात दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है कि जब समाज की महिलाएं किसी नेक कार्य का बीड़ा उठाती हैं, तो सफलता के नए आयाम स्थापित होते हैं।
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