Dumka Train Accident: दुमका स्टेशन पर पटरी से उतरी पैसेंजर ट्रेन की 2 बोगियां, OHE पोल टूटने से हाहाकार, 10 घंटे तक ट्रेनें रद्द, क्या थी वजह?
झारखंड के दुमका स्टेशन पर बड़ा हादसा होते-होते टला! रामपुरहाट-जसीडीह पैसेंजर ट्रेन की 2 बोगियां पटरी से उतरीं, OHE इलेक्ट्रिक पोल क्षतिग्रस्त। रूट पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह बंद।
दुमका, 27 नवंबर 2025 – झारखंड (Jharkhand) की उपराजधानी दुमका (Dumka) में गुरुवार (Thursday) को एक बड़ी रेल दुर्घटना (Train Accident) टल गई, लेकिन इसने इस पूरे रेलवे रूट (Railway Route) पर आवागमन (Traffic) को पूरी तरह से ठप (Halted) कर दिया। दुमका रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर 63081 रामपुरहाट-जसीडीह पैसेंजर ट्रेन (Rampurhat-Jasidih Passenger Train) की 2 बोगियां (Coaches) अचानक पटरी से उतर (Derail) गईं। इस हादसे के बाद मौके पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक पोल (OHE Electric Pole) भी क्षतिग्रस्त (Damaged) हो गया, जिसके कारण यात्रियों (Passengers) को भारी परेशानी (Heavy Inconvenience) का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ट्रेन की कम गति (Low Speed) के चलते कोई हताहत (Casualty) नहीं हुआ, लेकिन रेलवे की सुरक्षा (Safety) व्यवस्था पर एक बार फिर से गंभीर सवाल (Serious Questions) उठ गए हैं।
पटरी से उतरीं 2 बोगियां, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
यह दुर्घटना तब हुई, जब पैसेंजर ट्रेन दुमका रेलवे स्टेशन पर पहुंच रही थी। रेलवे के वरिष्ठ (Senior) अधिकारियों ने बताया कि चूंकि ट्रेन स्टेशन पर पहुंचने के कारण बहुत कम गति से चल रही थी, इसलिए एक बड़ा विनाशकारी (Catastrophic) हादसा होते-होते टला।
-
नुकसान: ट्रेन की 2 बोगियों के पटरी से उतरने के बाद पास का ओवरहेड इलेक्ट्रिक पोल भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। यह पोल रेलवे रूट पर बिजली की आपूर्ति (Power Supply) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण (Crucial) है।
-
यात्रियों की दशा: दुर्घटना के कारण ट्रेन के भीतर यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी (Chaos) का माहौल बन गया, लेकिन जल्द ही स्पष्ट हो गया कि कोई हताहत नहीं हुआ है।
रामपुरहाट-जसीडीह रूट बंद, मरम्मत का काम शुरू
दुर्घटना के कारण रेलवे प्रशासन को तत्काल (Immediate) कदम उठाते हुए रामपुरहाट-जसीडीह (Rampurhat-Jasidih) रूट पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से बंद (Suspended) करना पड़ा। कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें (Express Trains) बीच में ही फंस (Stranded) गईं या उन्हें रद्द (Cancelled) करना पड़ा।
-
विलम्ब: इस दुर्घटना के कारण कई ट्रेनों में 10 घंटे या उससे अधिक की देरी (Delay) होने की आशंका है। यात्री स्टेशनों पर अटक (Stuck) गए हैं और अगले कुछ घंटों के लिए उनके सफर पर बड़ा असर (Impact) पड़ा है।
रेलवे के वरीय पदाधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई है और मरम्मत कार्य (Repair Work) शुरू कर दिया गया है। ओएचई पोल और क्षतिग्रस्त पटरियों को ठीक करने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है।
सुरक्षा पर सवाल: क्या थी पटरी से उतरने की वजह?
हालांकि ट्रेन की गति कम थी, लेकिन स्टेशन पर ही ट्रेन का पटरी से उतरना (Derailment) रेलवे के लिए एक चिंता (Concern) का विषय है। प्रारंभिक जांच (Preliminary Investigation) में कई पहलुओं पर गौर किया जा रहा है:
-
पटरियों में खराबी (Faulty Tracks): क्या पटरियों में कोई तकनीकी खराबी थी, जो कम गति पर भी ट्रेन को स्थिर (Stable) नहीं रख पाई?
-
प्वाइंट खराबी (Point Failure): क्या स्टेशन पर पटरी बदलने वाले 'प्वाइंट' में कोई गड़बड़ी (Malfunction) थी?
-
तकनीकी समस्या: क्या ट्रेन के पहियों (Wheels) या बोगियों में कोई यांत्रिक (Mechanical) समस्या आई?
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल (Accident Site) पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
What's Your Reaction?


