Sonari Snatching: जमशेदपुर में अपराधियों का नंगा नाच, सोनारी में महिला के गले से सोने की चेन झपटी, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात
जमशेदपुर के सोनारी में दिनदहाड़े महिला से हुई चेन छिनतई और शहर में बढ़ते खौफनाक अपराधों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप सड़कों पर घूम रहे इन लुटेरों और अपनी सुरक्षा से जुड़े इस सबसे बड़े खतरे से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 12 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर इन दिनों अपराधियों की चरागाह बन गई है। शहर में पुलिस का खौफ मानो पूरी तरह खत्म हो चुका है और अपराधी सरेआम 'नंगा नाच' कर रहे हैं। गोलमुरी में थाने के पास हुई हत्या की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि सोनारी थाना क्षेत्र के कागलनगर बड़तल्ला में बाइक सवार लुटेरों ने एक महिला को निशाना बनाया। दिनदहाड़े हुई इस छिनतई (Snatching) की घटना ने पूरे शहर में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।
कचरा फेंकने निकली महिला पर झपट्टा: खौफनाक मंजर
यह वारदात गुरुवार की दोपहर उस वक्त हुई जब सोनारी कागलनगर निवासी जय श्री बॉस अपने घर के पास कचरा फेंकने निकली थीं।
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हमले का तरीका: जैसे ही वह कचरा फेंक कर वापस अपने घर की ओर मुड़ीं, घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उनके गले पर झपट्टा मारा।
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गंभीर चोट: लुटेरों ने इतनी बेरहमी से सोने की चेन खींची कि जय श्री बॉस के गले में गंभीर खरोच आई है और वह लहूलुहान हो गईं।
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सीसीटीवी में कैद: लुटेरों की यह पूरी करतूत पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें अपराधी तेजी से भागते हुए नजर आ रहे हैं।
पुलिस को खुली चुनौती: 24 घंटे में दूसरी बड़ी वारदात
जमशेदपुर पुलिस प्रशासन के लिए यह शर्मनाक स्थिति है। एक दिन पहले ही गोलमुरी थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर एक फल कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शहर अभी उस सदमे से उबरा भी नहीं था कि सोनारी में हुई इस छिनतई ने साबित कर दिया है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
सोनारी छिनतई कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| पीड़ित | जय श्री बॉस (सोनारी निवासी) |
| स्थान | कागलनगर बड़तल्ला, सोनारी |
| समय | गुरुवार दोपहर (दिनदहाड़े) |
| वारदात | सोने की चेन की छिनतई और शारीरिक चोट |
| साक्ष्य | सीसीटीवी फुटेज और पुलिस में शिकायत |
प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान
सोनारी थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाइक के नंबर और अपराधियों के हुलिए की पहचान कर रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल फुटेज खंगालना काफी है?
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गश्ती की कमी: स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागलनगर जैसे अंदरूनी इलाकों में पुलिस की पीसीआर वैन कम ही दिखती है।
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मनोबल ऊंचा: अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि उन्हें अब दिनदहाड़े वारदात करने में भी संकोच नहीं होता।
दहशत में जमशेदपुर की जनता
जय श्री बॉस के गले के जख्म तो भर जाएंगे, लेकिन शहर के आत्मविश्वास पर जो चोट लगी है, उसकी भरपाई मुश्किल है। अगर पुलिस ने जल्द ही इन 'चेन स्नेचर्स' को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो जमशेदपुर की सड़कों पर चलना दूभर हो जाएगा।
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