Dhanbad Hospital: हंगामा, SNMMCH में पारंपरिक हथियारों के साथ घुसा आदिवासी समाज, बच्चा चोरी पर भड़का जनता का गुस्सा

धनबाद के SNMMCH अस्पताल में बच्चा चोरी की घटना के बाद आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। पारंपरिक हथियारों के साथ अस्पताल में मचे हंगामे, पुलिस की चार गिरफ्तारियों और एसएसपी द्वारा सुरक्षा ऑडिट के आदेश की यह पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी सरकारी अस्पतालों की इस बड़ी सुरक्षा चूक से बेखबर रह जाएंगे।

Dec 30, 2025 - 20:28
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Dhanbad Hospital: हंगामा, SNMMCH में पारंपरिक हथियारों के साथ घुसा आदिवासी समाज, बच्चा चोरी पर भड़का जनता का गुस्सा
Dhanbad Hospital: हंगामा, SNMMCH में पारंपरिक हथियारों के साथ घुसा आदिवासी समाज, बच्चा चोरी पर भड़का जनता का गुस्सा

धनबाद, 30 दिसंबर 2025 – कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SNMMCH) में बच्चा चोरी की वारदात ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। भले ही पुलिस ने चोरी हुए नवजात को सकुशल बरामद कर लिया है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जनता के गुस्से की ज्वाला भड़का दी है। सोमवार को अस्पताल परिसर किसी रणक्षेत्र जैसा नजर आया, जब भारी संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपने पारंपरिक हथियारों (तीर-धनुष और टांगी) के साथ वार्डों में घुस गए। इस अचानक हुए हंगामे से पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों के बीच दहशत फैल गई।

अस्पताल में पारंपरिक हथियारों की गूंज: जब भड़का गुस्सा

मनियाडीह की सरिता देवी का बच्चा चोरी होने की खबर ने पूरे जिले को झकझोर दिया था।

  • भारी विरोध: सोमवार को आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोग हाथों में पारंपरिक हथियार लेकर नारेबाजी करते हुए गायनी वार्ड तक पहुँच गए।

  • एसएसपी का हस्तक्षेप: हालात बिगड़ते देख धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर उन्हें शांत कराया और भरोसा दिलाया कि यह लड़ाई अब पुलिस की है और दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।

अवैध 'गोद' का काला धंधा: अस्पताल कर्मी ही निकला गद्दार

एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रेस वार्ता में जो खुलासे किए, वे सरकारी तंत्र की सड़ांध को उजागर करते हैं।

  1. चार गिरफ्तार: पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 4 लोगों को दबोच लिया है।

  2. अंदर का भेदी: गिरफ्तार आरोपियों में अस्पताल का ही एक कर्मचारी शामिल है, जिसने चंद रुपयों के लिए माँ की ममता का सौदा कर दिया।

  3. एडॉप्शन का खेल: प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह बच्चा चोरी किसी रंजिश के लिए नहीं, बल्कि अवैध बच्चा गोद लेने (Illegal Adoption) के गिरोह से जुड़ी थी। एक गिरोह ऐसे निसंतान दंपतियों को निशाना बनाता है जो लाखों रुपये देकर बच्चा खरीदना चाहते हैं।

SNMMCH बच्चा चोरी कांड: मुख्य विवरण (Quick Summary)

विवरण जानकारी
पीड़ित माँ सरिता देवी (मनियाडीह निवासी)
गिरफ्तारियाँ 4 आरोपी (अस्पताल कर्मी समेत)
विरोध प्रदर्शन पारंपरिक हथियारों के साथ आदिवासी समाज
पुलिस कार्रवाई एसएसपी द्वारा सुरक्षा ऑडिट के आदेश
मुख्य कारण अवैध एडॉप्शन रैकेट

इतिहास और सुरक्षा की पोल: क्यों असुरक्षित है SNMMCH?

धनबाद का यह मेडिकल कॉलेज, जिसे पूर्व में पीएमसीएच (PMCH) के नाम से जाना जाता था, सुरक्षा चूक के मामले में पुराना इतिहास रखता है। पूर्व में भी यहाँ वार्डों से मोबाइल चोरी, मरीजों के परिजनों से मारपीट और दलालों के हस्तक्षेप की खबरें आती रही हैं। ऐतिहासिक रूप से कोसी और कोयलांचल के सरकारी अस्पतालों में 'बच्चा चोर गिरोह' सक्रिय रहे हैं, जो गरीब माताओं को निशाना बनाते हैं। शनिवार रात हुई यह वारदात साबित करती है कि करोड़ों का बजट और सीसीटीवी कैमरे केवल कागजों पर ही प्रभावी हैं। झामुमो नेताओं और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि जब तक अस्पताल में बाहरी दलालों का प्रवेश बंद नहीं होगा, ऐसी शर्मनाक घटनाएं होती रहेंगी।

भावुक मिलन: मां सरिता को मिला अपना लाल

हंगामे और जांच के बीच एक सुखद तस्वीर तब सामने आई जब एसएसपी खुद सरिता देवी से मिलने पहुँचे।

  • माँ का दर्द: सरिता देवी ने बताया कि जब बच्चा गायब हुआ था, तो उनकी दुनिया उजड़ गई थी।

  • नामकरण की तैयारी: सरिता ने पुलिस की तत्परता को सलाम करते हुए कहा, "अभी बच्चे का नाम नहीं रखा है, लेकिन अब यह पुलिस की अमानत है जिसने मुझे नई जिंदगी दी है।"

  • सुरक्षा ऑडिट: एसएसपी ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए पूरी सिक्योरिटी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। अब हर वार्ड में गार्ड्स की जवाबदेही तय होगी और बिना पास के किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा।

सबक लेने की घड़ी

SNMMCH की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। अगर एक सरकारी अस्पताल के सुरक्षित वार्ड से बच्चा चोरी हो सकता है, तो आम आदमी कहाँ सुरक्षित है? पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन अस्पताल प्रशासन को अब अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी। पारंपरिक हथियारों के साथ प्रदर्शन करना जनता के उस भरोसे के टूटने का प्रतीक है जो वे सिस्टम पर करते हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।