Golmuri Clash: खूनी पड़ोसी, जमशेदपुर में पार्किंग विवाद ने लिया खौफनाक मोड़, नाली में गिराकर पीटा, जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी
जमशेदपुर के गोलमुरी में पार्किंग के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। गढ़ाबासा के विजय कुमार पर उनके पड़ोसियों द्वारा किए गए जानलेवा हमले, जातिसूचक अपमान और आधी रात को हुई मारपीट की यह पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी मोहल्लों में पनप रही इस खतरनाक दुश्मनी के अंजाम से बेखबर रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 30 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़ाबासा लाइन नंबर-7 में पड़ोसियों के बीच का विवाद अब थाने की चौखट तक पहुँच गया है। 31 वर्षीय विजय कुमार ने अपने पड़ोसी सत्य नारायण और उनके पूरे परिवार पर जानलेवा हमला करने, मारपीट करने और जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पार्किंग जैसे मामूली मुद्दे से शुरू हुई यह रंजिश अब इस कदर बढ़ गई है कि पीड़ित परिवार अपने ही घर में दहशत के साये में जीने को मजबूर है।
आधी रात का हमला: जब नाली में गिराकर पीटा गया
घटना 28 दिसंबर की रात की है, जिसने गढ़ाबासा इलाके में सनसनी फैला दी। पीड़ित विजय कुमार के अनुसार:
-
विवाद की जड़: सत्य नारायण के बेटे अक्सर अपनी बुलेट और कार विजय के घर के ठीक सामने खड़ी कर देते हैं, जिससे आने-जाने का रास्ता बंद हो जाता है।
-
खौफनाक मंजर: रात करीब 12:40 बजे जब विजय ने अपनी बाइक हटाकर पड़ोसियों को अपनी गाड़ी खड़ी करते देखा और विरोध किया, तो मामला बिगड़ गया।
-
बर्बरता: आरोप है कि देवेंद्र कुमार और उसके परिवार ने विजय का पैर खींचकर उसे नाली में गिरा दिया और बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में विजय के मुँह, सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
पूरा परिवार हमले में शामिल: नामजद शिकायत दर्ज
विजय कुमार ने गोलमुरी थाना प्रभारी को सौंपी लिखित शिकायत में सत्य नारायण के पूरे कुनबे को आरोपी बनाया है।
-
मुख्य आरोपी: सत्य नारायण, उसकी पत्नी सविता देवी, देवेंद्र कुमार और उसकी पत्नी पवित्रा देवी।
-
सहयोगी: देवेंद्र का साला शानू और लोकेश कुमार भी इस हमले में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
-
गंभीर आरोप: विजय का कहना है कि ये लोग न केवल मारपीट करते हैं, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित भी करते हैं।
गोलमुरी पार्किंग विवाद: मुख्य विवरण (Quick Summary)
| विवरण | जानकारी |
| घटना स्थल | गढ़ाबासा लाइन नंबर-7, गोलमुरी |
| पीड़ित | विजय कुमार (31 वर्ष) |
| विवाद का कारण | घर के सामने बुलेट और कार पार्किंग |
| धाराएं (संभावित) | मारपीट, धमकी और SC/ST एक्ट के तहत जांच |
| अस्पताल | एमजीएम (MGM) अस्पताल में इलाज जारी |
इतिहास और शहरी विवाद: जमशेदपुर की गलियों का 'पार्किंग वॉर'
जमशेदपुर के पुराने मोहल्लों जैसे गोलमुरी, साकची और मानगो में 'पार्किंग विवाद' का इतिहास काफी पुराना और हिंसक रहा है। टाटा स्टील के शहरी ढांचे के बीच बसे इन मोहल्लों में गलियां तंग हैं, लेकिन वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो गढ़ाबासा जैसे इलाकों में 'लाइन नंबर' की संस्कृति है, जहाँ एक इंच जमीन के लिए भी पड़ोसियों के बीच पीढ़ियों से रंजिश चली आ रही है। विजय कुमार का मामला उसी बढ़ती असहनशीलता का उदाहरण है, जहाँ लोग आपसी बातचीत के बजाय सीधे हिंसा और जातिगत अपमान का सहारा लेने लगे हैं।
दहशत में परिवार: न्याय की मांग
मारपीट के बाद विजय कुमार की स्थिति बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल लेकर गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपी पक्ष उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है।
-
सुरक्षा पर सवाल: विजय के अनुसार, "मेरे घर की महिलाओं को भी अपशब्द कहे जाते हैं। हमें डर है कि अगर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली बार कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।"
-
पुलिस की भूमिका: गोलमुरी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई पुरानी रंजिश भी शामिल है।
सामाजिक सौहार्द पर खतरा
पड़ोसियों के बीच की यह जंग जमशेदपुर के सामाजिक ताने-बाने के लिए एक चेतावनी है। एक छोटा सा पार्किंग विवाद जब जातिसूचक गालियों और नाली में गिराकर पीटने तक पहुँच जाए, तो समझ लेना चाहिए कि समाज में संवाद खत्म हो रहा है। गढ़ाबासा के लोग अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं ताकि मोहल्ले में शांति बहाल हो सके।
What's Your Reaction?


