Palamu Horror: कलयुगी बेटा, पलामू में अंधविश्वास ने कराया पिता का कत्ल, बेटे ने ही दी 40 हजार की सुपारी, हत्या का खौफनाक वीडियो बरामद

पलामू के लेस्लीगंज में एक बेटे ने अंधविश्वास के चक्कर में अपने ही पिता पच्चू मोची की गला रेतकर हत्या करवा दी है। ₹40,000 की सुपारी, ऑनलाइन पेमेंट और मोबाइल में रिकॉर्ड हुई इस नृशंस हत्या की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी समाज में छिपे इस कलयुगी सच से अनजान रह जाएंगे।

Dec 30, 2025 - 19:53
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Palamu Horror: कलयुगी बेटा, पलामू में अंधविश्वास ने कराया पिता का कत्ल, बेटे ने ही दी 40 हजार की सुपारी, हत्या का खौफनाक वीडियो बरामद
Palamu Horror: कलयुगी बेटा, पलामू में अंधविश्वास ने कराया पिता का कत्ल, बेटे ने ही दी 40 हजार की सुपारी, हत्या का खौफनाक वीडियो बरामद

पलामू, 30 दिसंबर 2025 – झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों और आधुनिक समाज पर कालिख पोत दी है। लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के डबरा गांव में हुए बुजुर्ग पच्चू मोची हत्याकांड का पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह किसी भी सभ्य इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। जिस बेटे को पिता का सहारा बनना चाहिए था, उसी ने अंधविश्वास की आग में जलकर अपने पिता की जान ले ली। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने इस डरावने कांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि यह हत्या महज एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में गहरे पैठे मानसिक खोखलेपन का नतीजा है।

जंगल में मिला लहूलुहान शव: कत्ल की खौफनाक शुरुआत

26 दिसंबर को डबरा गांव के पास के जंगलों में पच्चू मोची का शव बरामद हुआ था। शव की हालत देखकर ही पुलिस समझ गई थी कि यह किसी पेशेवर अपराधी या गहरी रंजिश का काम है। बुजुर्ग का गला किसी धारदार हथियार से बेरहमी से रेता गया था। शुरुआत में इसे एक सामान्य हत्या माना जा रहा था, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, तो कड़ियां सीधे घर के अंदर यानी मृतक के बेटे गुड्डू मोची तक जा पहुँचीं।

अंधविश्वास का जहर: कुल देवता और ₹4500 की मिस्ट्री

इस हत्या के पीछे की वजह इतनी विचित्र और दुखद है कि आप दंग रह जाएंगे। पुलिस जांच में सामने आया कि:

  • गुम हुए पैसे: करीब तीन महीने पहले पच्चू मोची के ₹4500 कहीं खो गए थे।

  • देवता का अपमान: गुस्से में आकर पच्चू मोची ने घर के कुल देवता की मूर्ति को कबाड़ में फेंक दिया।

  • मौत का सिलसिला: इसके बाद संयोगवश परिवार के कुछ सदस्यों और गोतिया की मां की मौत हो गई और बच्चे बीमार रहने लगे।

  • ओझा-गुणी का शक: बेटे गुड्डू और रिश्तेदारों को लगा कि पिता ने कुल देवता को फेंक कर कोई 'जादू-टोना' कर दिया है, जिससे परिवार तबाह हो रहा है।

₹40,000 की सुपारी और मर्डर का 'लाइव वीडियो'

खौफ जब हकीकत पर हावी हुआ, तो गुड्डू मोची ने अपने ही पिता को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

  1. सौदा: गुड्डू ने धनंजय मोची के साथ मिलकर पिता की हत्या के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी तय की।

  2. डिजिटल सबूत: कलयुगी बेटे ने ₹7000 ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए, जो बाद में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत बना।

  3. खौफनाक वीडियो: हत्यारों ने न केवल पच्चू मोची का गला रेता, बल्कि इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया ताकि गुड्डू को सबूत दे सकें। पुलिस ने यह वीडियो आरोपियों के मोबाइल से बरामद कर लिया है।

पलामू नृशंस हत्याकांड: मुख्य विवरण (Action Snapshot)

विवरण जानकारी
मुख्य साजिशकर्ता गुड्डू मोची (मृतक का बेटा)
सुपारी की रकम ₹40,000 (₹7,000 एडवांस ऑनलाइन)
गिरफ्तार आरोपी गुड्डू, धनंजय, सत्येंद्र और मुनेश्वर
हत्या की वजह अंधविश्वास और ओझा-गुणी का शक
पुलिस टीम लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार व टीम

इतिहास और सामाजिक अंधकार: पलामू में 'ओझा-गुणी' का खौफ

पलामू और गढ़वा जैसे इलाकों का इतिहास गवाह है कि यहाँ 'डायन' और 'ओझा' जैसे अंधविश्वासों ने दर्जनों जिंदगियां ली हैं। 21वीं सदी में भी, जहाँ हम मंगल ग्रह पर जाने की बात कर रहे हैं, पलामू के ग्रामीण इलाकों में आज भी 'कुल देवता' और 'जादू-टोने' के नाम पर खून बहाया जा रहा है। ऐतिहासिक रूप से शिक्षा की कमी और जागरूकता के अभाव ने इन कुरीतियों को जिंदा रखा है। पच्चू मोची की हत्या यह चेतावनी है कि जब तक वैज्ञानिक सोच घर-घर नहीं पहुँचेगी, तब तक बेटे अपने ही पिताओं को 'मौत के घाट' उतारते रहेंगे।

पुलिस की सतर्कता: कैसे सुलझी गुत्थी?

एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराने में परिवार की हिचकिचाहट ने पुलिस के शक को पुख्ता किया। लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय और उनकी टीम ने कॉल डिटेल्स और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की। जब 20-20 साल के इन चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उन्होंने सब उगल दिया। मोबाइल में मिला हत्या का वीडियो इस केस में 'ताबूत की आखिरी कील' साबित हुआ।

रिश्तों का कत्ल

पच्चू मोची अब इस दुनिया में नहीं हैं, और उनका बेटा गुड्डू अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी करनी पर पछता रहा होगा। यह घटना समाज के लिए एक गहरा सबक है कि डर और अंधविश्वास कैसे इंसान को जानवर बना देते हैं। पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर अपना काम कर दिया, लेकिन क्या हम एक समाज के तौर पर इन कुरीतियों को जड़ से मिटा पाएंगे?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।