Dhanbad Rescue: बच्चा बरामद, धनबाद अस्पताल से चोरी नवजात मिला, 3 लाख में हुआ था सौदा, अस्पताल कर्मी समेत 4 गिरफ्तार, खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

धनबाद के SNMMCH अस्पताल से चोरी हुए नवजात को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। अस्पताल कर्मी और दलालों के बीच हुए 3 लाख के इस खौफनाक सौदे और बच्चे को बेचने की फिराक में लगे गिरोह की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी सरकारी अस्पतालों में चल रहे इस बड़े और घिनौने रैकेट की हकीकत को नहीं जान पाएंगे।

Dec 29, 2025 - 20:53
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Dhanbad Rescue: बच्चा बरामद, धनबाद अस्पताल से चोरी नवजात मिला, 3 लाख में हुआ था सौदा, अस्पताल कर्मी समेत 4 गिरफ्तार, खौफनाक साजिश का पर्दाफाश
Dhanbad Rescue: बच्चा बरामद, धनबाद अस्पताल से चोरी नवजात मिला, 3 लाख में हुआ था सौदा, अस्पताल कर्मी समेत 4 गिरफ्तार, खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

धनबाद, 29 दिसंबर 2025 – कोयलांचल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (SNMMCH) में मानवता को शर्मसार करने वाली एक साजिश का धनबाद पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। अस्पताल के वार्ड से चोरी हुए नवजात बच्चे को पुलिस ने न केवल सुरक्षित बरामद कर लिया, बल्कि इस काले धंधे में शामिल एक महिला और अस्पताल कर्मी समेत चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। सोमवार को सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने जब इस मामले की परतें खोलीं, तो पता चला कि यह केवल एक चोरी नहीं, बल्कि लाखों रुपये का एक सुनियोजित सौदा था।

3 लाख में बिका बचपन: सौदेबाजी का 'डिजिटल' खेल

पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा सच है।

  • साजिश की शुरुआत: भुली ओपी क्षेत्र की अभिलाषा सिंह अपनी निःसंतान मामी के लिए बच्चा ढूंढ रही थी। 18 दिसंबर को वह अस्पताल पहुंची, जहां उसकी मुलाकात 'भेड़ की खाल में भेड़िया' बने अस्पताल कर्मी इश्तियाक अंसारी और दलाल हाशिमुद्दीन अंसारी से हुई।

  • सौदे की रकम: बच्चे का सौदा 3 लाख रुपये में तय हुआ।

  • पेमेंट का तरीका: अभिलाषा के पति कौशल कुमार सिंह ने 80 हजार रुपये Phone-Pe के जरिए और 70 हजार रुपये का चेक एडवांस के तौर पर दलाल को दिया।

  • वारदात: 27 दिसंबर की रात मौका पाकर महिला एवं प्रसूति विभाग से सरिता देवी के कलेजे के टुकड़े को गायब कर दिया गया।

पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक': कार और चेक के साथ पकड़े गए कातिल

एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जाल बिछाया।

  1. छापेमारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चा चोर गिरोह को उस समय दबोचा जब वे बच्चे को बेचने या शिफ्ट करने की फिराक में थे।

  2. जब्ती: आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद स्वीफ्ट कार (JH10AG-1661), 70 हजार का बैंक चेक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

  3. गिरफ्तारी: पुलिस ने इश्तियाक अंसारी, हाशिमुद्दीन अंसारी, अभिलाषा सिंह और कौशल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

SNMMCH बच्चा चोरी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)

विवरण जानकारी
घटना स्थल SNMMCH (मेडिकल कॉलेज), धनबाद
पीड़ित माता-पिता सरिता देवी (मनियाडीह निवासी)
कुल सौदा ₹3,00,000 (3 लाख रुपये)
मुख्य आरोपी इश्तियाक अंसारी (अस्पताल कर्मी)
बरामदगी नवजात बच्चा, कार और ₹70,000 का चेक

इतिहास और सुरक्षा: SNMMCH पर बार-बार उठते सवाल

धनबाद का यह अस्पताल पहले भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में रहा है। इतिहास गवाह है कि सरकारी अस्पतालों के वार्डों में दलालों का नेटवर्क बहुत गहरा होता है। 2018 और 2021 में भी झारखंड के अलग-अलग जिलों के मेडिकल कॉलेजों से बच्चा चोरी के मामले सामने आए थे, जिनमें अक्सर 'अंदरूनी कर्मियों' की मिलीभगत पाई गई। SNMMCH में हुई यह घटना साबित करती है कि अस्पताल में लगे सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड केवल दिखावा बनकर रह गए हैं। अगर आरोपी अस्पताल का कर्मचारी ही हो, तो आम जनता और मरीजों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।

मनियाडीह के भेलवे गांव में खुशी की लहर

जब पुलिस ने बरामद नवजात को उसके माता-पिता, सरिता देवी और उनके परिजनों को सौंपा, तो अस्पताल परिसर भावुक क्षणों का गवाह बना। सरिता देवी ने रोते हुए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

  • अस्पताल पर आक्रोश: बच्चे के पिता का कहना है कि अगर पुलिस सक्रिय नहीं होती, तो उनका बच्चा शायद किसी दूसरे राज्य में बेच दिया जाता।

  • गंभीर लापरवाही: इस मामले ने SNMMCH के प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि एक बाहरी महिला और दलाल कैसे रात के अंधेरे में प्रसूति वार्ड में घुसकर बच्चा ले भागे?

सबक लेने की जरूरत

धनबाद पुलिस की इस सफलता ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया, लेकिन यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। अस्पताल प्रशासन को अब अपनी भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा गार्डों की तैनाती की समीक्षा करनी होगी। आरोपियों ने आधुनिक तकनीक (Phone-Pe) का इस्तेमाल अपनी सुविधा के लिए किया, लेकिन यही तकनीक उनके गले की फांस भी बनी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।