Dhalbhumgarh Death : धालभूमगढ़ में बाइक के नीचे दबा मिला मछली विक्रेता का शव, शुडगि हाट से लौटते वक्त हुआ हादसा या साजिश?
धालभूमगढ़ के बेतझरिया गुड़ा रोड पर मछली विक्रेता अमूल्य मंडल का शव उनकी बाइक के नीचे दबा मिला। शुक्रवार रात हाट से लौटने के दौरान हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस इसे दुर्घटना और हत्या दोनों नजरिए से देख रही है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
धालभूमगढ़/पूर्वी सिंहभूम, 7 मार्च 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के धालभूमगढ़ प्रखंड में शनिवार की सुबह एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। जीएनडी कॉलेज के पीछे बेतझरिया गुड़ा जाने वाले रास्ते पर एक व्यक्ति का शव उसकी अपनी ही बाइक के नीचे दबा हुआ पाया गया। मृतक की पहचान अमूल्य मंडल के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और ग्रामीण अब इस मौत के पीछे के असली कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
बाइक के नीचे दबी थी लाश: सुबह का खौफनाक खुलासा
घटनास्थल पर सबसे पहले उन ग्रामीणों की नजर पड़ी जो सुबह अपने काम के लिए बेतझरिया गुड़ा मार्ग से गुजर रहे थे।
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दिल दहला देने वाला दृश्य: रास्ते के किनारे एक बाइक (रजिस्ट्रेशन नंबर JH05J4779) पलटी हुई थी और उसके नीचे एक व्यक्ति बेसुध पड़ा था।
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शिनाख्त और पेशा: ग्रामीणों ने तुरंत पास जाकर देखा तो मृतक की पहचान कानस गांव निवासी अमूल्य मंडल के रूप में हुई। अमूल्य पेशे से मछली विक्रेता थे और क्षेत्र के विभिन्न हाट-बाजारों में मछली बेचने का काम करते थे।
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परिजनों का विलाप: सूचना मिलते ही अमूल्य की पत्नी और अन्य परिजन मौके पर पहुँचे। पति का निर्जीव शरीर देखकर पत्नी दहाड़ मारकर रोने लगी, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं।
हाट से वापसी और 'लापता' रात का रहस्य
परिजनों के अनुसार, अमूल्य मंडल शुक्रवार को रोज की तरह शुडगि हाट में मछली बेचने गए थे।
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शुक्रवार रात से तलाश: जब वे देर रात तक घर नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। रात करीब 8 बजे से ही उनके मोबाइल और संभावित रास्तों पर खोजबीन शुरू कर दी गई थी, लेकिन अंधेरे के कारण कुछ पता नहीं चल पाया।
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दुर्घटना स्थल का भूगोल: जिस स्थान पर शव मिला है, वहां सड़क काफी घुमावदार है और बगल में गहरा गड्ढा भी है। अंदेशा है कि रात के अंधेरे में संतुलन बिगड़ने से बाइक गड्ढे की ओर पलट गई होगी।
धालभूमगढ़ और हाट संस्कृति: जीविका का संघर्ष और जोखिम
धालभूमगढ़ का यह इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी हाट-बाजार संस्कृति के लिए मशहूर है।
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ऐतिहासिक जुड़ाव: धालभूमगढ़ प्राचीन काल से ही धाल राजाओं के शासन और घने जंगलों के बीच व्यापारिक मार्ग रहा है। यहाँ के ग्रामीण आज भी अपनी आजीविका के लिए साप्ताहिक हाटों (जैसे शुडगि हाट) पर निर्भर हैं।
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सड़कों का जाल और चुनौतियां: बेतझरिया गुड़ा जैसे ग्रामीण रास्ते अक्सर संकरे और खराब रोशनी वाले होते हैं। अमूल्य मंडल जैसे छोटे व्यापारी रात-बेरात इन्हीं रास्तों से अपनी कमाई लेकर लौटते हैं, जो उनके लिए जोखिम भरा साबित होता है।
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पुलिसिया जांच की दिशा: धालभूमगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव का पंचनामा कर लिया है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि क्या यह महज एक सड़क दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।
क्या यह केवल एक हादसा है?
ग्रामीणों के मन में कई सवाल सुलग रहे हैं। हालांकि सड़क का मोड़ खतरनाक है, लेकिन बाइक के नीचे दबकर मौत होना कई बार 'हिट एंड रन' या किसी आपसी रंजिश की ओर भी इशारा करता है।
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पोस्टमार्टम की अहमियत: पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अमूल्य की मौत चोट लगने से हुई या दम घुटने से।
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साक्ष्यों का संकलन: पुलिस ने घटनास्थल से बाइक और अन्य सामान को कब्जे में ले लिया है। आसपास के किसी भी चश्मदीद या रात के सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) की तलाश की जा रही है।
हादसे का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक का नाम | अमूल्य मंडल (मछली विक्रेता) |
| निवास | कानस गांव, धालभूमगढ़ |
| बाइक नंबर | JH05J4779 |
| घटनास्थल | जीएनडी कॉलेज के पीछे, बेतझरिया गुड़ा मार्ग |
| अंतिम लोकेशन | शुडगि हाट (शुक्रवार शाम) |
सुरक्षा और सतर्कता की दरकार
अमूल्य मंडल की मौत ने धालभूमगढ़ के ग्रामीण रास्तों पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। एक मेहनतकश इंसान का इस तरह अपनी ही बाइक के नीचे दम तोड़ देना दुखद है। अब प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें ताकि शोकाकुल परिवार को इंसाफ मिल सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मोड़ पर जरूरी संकेतक लगाए जा सकें।
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