Potka Suicide: पोटका में 23 वर्षीय विवाहिता ने पंखे से लटककर दी जान, 5 साल की मासूम के सिर से उठा मां का साया
पोटका के कोवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दानीसाई गांव में 23 वर्षीय पूजा मिश्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पति और सास की गैरमौजूदगी में गमछे के फंदे से झूलती मिली लाश। 5 साल की मासूम बच्ची को अकेला छोड़ गई मां। पूरी रिपोर्ट और अनसुलझे सवालों के जवाब यहाँ देखें।
पोटका/पूर्वी सिंहभूम, 7 मार्च 2026 – झारखंड के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली थाना क्षेत्र के पोड़ाडीहा पंचायत में शनिवार की दोपहर एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे दानीसाई गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक 23 वर्षीय विवाहिता, पूजा मिश्रा, ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। घर की खुशियाँ उस वक्त मातम में बदल गईं जब परिजनों को पूजा का शव पंखे से लटका मिला। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि एक 5 साल की मासूम बच्ची के सिर से मां का साया भी हमेशा के लिए छीन लिया।
सूने घर में 'मौत' का सन्नाटा: गमछे का बना फंदा
घटना शनिवार दोपहर की है, जब घर के अन्य सदस्य अपने काम पर गए हुए थे।
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पति का बयान: मृतका के पति सुमित मिश्रा ने बताया कि वह और उसकी मां अपनी ड्यूटी पर गए थे। दोपहर में गांव वालों से मिली एक फोन कॉल ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी।
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खौफनाक मंजर: सुमित जब आनन-फानन में घर पहुँचा, तो देखा कि पूजा ने गले में गमछे का फंदा बनाकर पंखे के सहारे आत्महत्या कर ली थी।
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अस्पताल में जवाब: पुलिस की मदद से पूजा को तुरंत एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर ले जाया गया, लेकिन वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अनसुलझी पहेली: "वह हमेशा कहती थी..."
इस आत्महत्या के पीछे के कारण अभी भी रहस्यों के घेरे में हैं। पति सुमित का कहना है कि उनके बीच किसी भी प्रकार का विवाद या अनबन नहीं थी।
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मानसिक स्थिति पर सवाल: सुमित के अनुसार, पूजा अक्सर आत्महत्या करने की बात कहती रहती थी, हालांकि इसके पीछे की ठोस वजह उसे भी समझ नहीं आई।
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मासूम का क्या कसूर: पूजा की एक 5 वर्षीय बेटी है, जिसे इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उसकी मां अब कभी वापस नहीं आएगी।
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चर्चाओं का बाजार: गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर एक युवा मां ने अपनी नन्ही बेटी के भविष्य के बारे में सोचे बिना इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
पोटका और कोवाली: ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि
पोटका प्रखंड पूर्वी सिंहभूम जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और कृषि प्रधानता के लिए जाना जाता है।
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ऐतिहासिक जुड़ाव: पोटका क्षेत्र प्राचीन काल से ही 'स्वर्णरेखा' नदी की गोद में बसा है। कोवाली और दानीसाई जैसे गांव शांत ग्रामीण परिवेश के लिए मशहूर रहे हैं, जहाँ सामाजिक रिश्तों की डोर काफी मजबूत मानी जाती है।
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बदलती चुनौतियां: आधुनिक समय में ग्रामीण इलाकों में भी मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू तनाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। दानीसाई गांव में हुई यह घटना समाज के उस पहलू को उजागर करती है, जहाँ चुप्पी के पीछे छिपे अवसाद (Depression) की पहचान समय पर नहीं हो पाती।
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पुलिस की मुस्तैदी: कोवाली थाना प्रभारी धनंजय पासवान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस को अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच हर पहलू से कर रही है।
कोवाली पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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प्राथमिकी की प्रक्रिया: पुलिस अभी परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक समय और कारणों का पता चल सके।
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साक्ष्यों का संकलन: घटनास्थल से सुसाइड नोट जैसा कोई दस्तावेज़ नहीं मिला है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।
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थाना प्रभारी का रुख: धनंजय पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव के लोगों और पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है ताकि परिवार के आंतरिक माहौल के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।
वारदात का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतका का नाम | पूजा मिश्रा (23 वर्ष) |
| पति का नाम | सुमित मिश्रा |
| घटनास्थल | दानीसाई गांव, पोड़ाडीहा पंचायत (पोटका) |
| संतान | 5 वर्ष की एक बेटी |
| वर्तमान स्थिति | एमजीएम अस्पताल में मृत घोषित, जांच जारी |
टूटे रिश्ते या मानसिक संघर्ष?
पोटका की यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर एक युवा महिला की मानसिक स्थिति किस स्तर तक पहुँच गई थी कि उसने अपनी मासूम बच्ची को अकेला छोड़ दिया। क्या यह केवल एक व्यक्तिगत फैसला था या इसके पीछे कोई सामाजिक या पारिवारिक दबाव छिपा है? कोवाली पुलिस की निष्पक्ष जांच ही इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझा पाएगी।
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