Chandil Collision: एनएच-33 पर दो ट्रकों की भीषण टक्कर, एक सप्ताह में चौथी बड़ी दुर्घटना, सुरक्षा पर सवाल
सरायकेला के चांडिल में दो मालवाहक वाहनों की आमने-सामने टक्कर, एक सप्ताह में चार से अधिक मौतें, सड़क सुरक्षा पर सवाल। जानिए पूरा मामला।
सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विशेषकर राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच-33) पर बढ़ती दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। बीते एक सप्ताह में दर्जनों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें चार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ताजा मामला बुधवार तड़के करीब 4 बजे का है, जब दो बड़े मालवाहक वाहन आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 4 बजे चांडिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-33 पर दो मालवाहक ट्रक आमने-सामने की दिशा में आ रहे थे। अचानक एक ट्रक अनियंत्रित हो गया और उसने दूसरे ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आंध्र प्रदेश से आ रही गाड़ी का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरे ट्रक के चालक को मामूली चोटें आईं।
घायल को अस्पताल भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने घायल चालक को तत्काल अस्पताल भिजवाया। बताया जा रहा है कि घायल चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
यातायात प्रभावित, क्रेन से हटाए गए वाहन
दुर्घटना के बाद एनएच-33 पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह से प्रभावित रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर क्रेन बुलाई और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारु कराया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सड़क को जाम से मुक्त कराया जा सका।
एक सप्ताह में चौथी बड़ी दुर्घटना
यह पिछले एक सप्ताह में चांडिल थाना क्षेत्र में चौथी बड़ी सड़क दुर्घटना है। इससे पहले 17 अप्रैल को एक बाइक सवार की मौत हुई थी, 20 अप्रैल को एक कार और ट्रक की टक्कर में दो लोग घायल हुए थे, 21 अप्रैल को एक पिकअप वैन पलटने से तीन लोग घायल हुए थे। अब इस ट्रक टक्कर ने एक और गंभीर घटना को जन्म दिया है। इन हादसों में अब तक चार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
लगातार हो रही घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। उनका आरोप है कि पुलिया गश्ती अपर्याप्त है और खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर या चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हैं। प्रशासन की लापरवाही के कारण हर हफ्ते किसी न किसी की जान जा रही है।
ग्रामीणों ने उठाई आवाज
चांडिल क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से एनएच-33 पर स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इंतजाम नहीं किए गए, तो इस तरह के हादसे होते रहेंगे। एक स्थानीय निवासी ने बताया, "इस सड़क पर रोजाना सैकड़ों लोग सफर करते हैं, लेकिन कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाना चाहिए।"
पुलिस ने दी ये बात
चांडिल थाना पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि तेज रफ्तार और चालकों की लापरवाही ही इस हादसे का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और तेज रफ्तार से बचना चाहिए। पुलिस ने यह भी कहा कि वे सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
क्या है समाधान?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सड़क पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय किए जाने चाहिए - खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए रडार लगाए जाएं, रात के समय सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो, पुलिया गश्ती बढ़ाई जाए और चालकों को नियमित रूप से जागरूक किया जाए।
सरायकेला के चांडिल में एक सप्ताह में चार बड़े सड़क हादसे, ताजा ट्रक टक्कर ने बढ़ाई चिंता। क्या हमारी सड़कें सुरक्षित हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि प्रशासन इस ओर ध्यान दे।
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