Chaibasa Tragedy: खौफनाक अंत, मनोहरपुर में अवैध बालू लदा ट्रैक्टर पलटा, चालक की मलबे में दबकर मौत, माफियाओं का तांडव
मनोहरपुर के धानापाली में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के नीचे दबकर चालक अजित टोप्पो की दर्दनाक मौत ने प्रशासन और माफियाओं के गठजोड़ की पोल खोल दी है। रात के अंधेरे में कोयल-कारो नदियों से हो रहे अवैध खनन और पुलिस की खामोशी के पीछे छिपे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस 'रेत के खूनी खेल' से बेखबर रह जाएंगे।
चाईबासा/मनोहरपुर, 13 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर में 'सफेद सोने' यानी बालू के अवैध कारोबार ने एक और जान ले ली है। सोमवार की देर रात धानापाली गांव के पास एक अवैध बालू लदा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर मंदिर के पास एक खेत में पलट गया। इस भीषण हादसे में ट्रैक्टर चालक अजित टोप्पो (41) की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर पलटने के बाद उस पर लदा भारी मात्रा में बालू सीधे चालक के ऊपर जा गिरा, जिससे उसे सांस लेने तक का मौका नहीं मिला। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस सिस्टम की नाकामी है जहाँ पुलिस की नाक के नीचे रात भर कोयल और कारो नदियों का सीना चीरकर बालू की तस्करी की जा रही है।
खेत में पलटा 'काल': आधी रात को रेत में दबी जिंदगी
अजित टोप्पो हर रात की तरह सोमवार को भी अवैध रूप से बालू का उठाव कर उसे खपाने जा रहा था।
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अनियंत्रित रफ्तार: मंदिर के पास मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर संतुलन खो बैठा और सीधे बगल के खेत में जा गिरा।
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मदद से पहले मौत: शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद बालू के ढेर से अजित को बाहर निकाला। उसे मनोहरपुर उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस पर आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन जब जनाक्रोश बढ़ा, तब जाकर केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर भेजा गया।
सफेद सोने का काला साम्राज्य: थानों के सामने से गुजरती है मौत
मनोहरपुर, आनंदपुर और गोइलकेरा में बालू माफियाओं का नेटवर्क इतना मजबूत है कि उन्हें कानून का जरा भी खौफ नहीं है।
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प्रशासनिक चुप्पी: स्थानीय सूत्रों का दावा है कि रोजाना 50 से 60 ट्रैक्टर और कई हाईवा अवैध बालू लेकर थानों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है।
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राजस्व को चपत: इस अवैध खनन से सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। कोयल और कारो नदियों का अस्तित्व खतरे में है।
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एसडीओ की कार्रवाई ठप: पूर्व में तत्कालीन एसडीओ ने दर्जनों ट्रैक्टर जब्त किए थे, लेकिन अब माफिया फिर से बेखौफ हो गए हैं।
मनोहरपुर बालू हादसा: मुख्य विवरण (Sand Mafia Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मृतक का नाम | अजित टोप्पो (उम्र 41 वर्ष) |
| हादसे का स्थान | धानापाली गांव, मनोहरपुर |
| अवैध गतिविधि | कोयल-कारो नदी से अवैध बालू परिवहन |
| पुलिस की भूमिका | संदेह के घेरे में (मामला दबाने का आरोप) |
| प्रमुख क्षेत्र | मनोहरपुर, गोइलकेरा, गुदड़ी, सोनुवा |
अधिकारियों की चुप्पी: सवालों के घेरे में सिस्टम
इस पूरी घटना पर जब मनोहरपुर के एसडीपीओ जयदीप लकड़ा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा।
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जवाबदेही से बचाव: अधिकारियों की यह चुप्पी माफियाओं के साथ मिलीभगत के आरोपों को और पुख्ता करती है।
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साजिश की बू: चालक की मौत के बाद ट्रैक्टर को जल्दबाजी में वहां से हटाने की कोशिश भी की गई ताकि अवैध बालू के सबूत नष्ट किए जा सकें।
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ग्रामीणों का गुस्सा: स्थानीय लोगों का कहना है कि चक्रधरपुर की ओर भेजे जा रहे इस बालू के खेल में बड़े रसूखदार शामिल हैं।
रेत में दबता कानून
अजित टोप्पो की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चाईबासा के मनोहरपुर में कानून से ऊपर 'बालू का पैसा' है। जब तक कोयल-कारो की रेत पर चल रही यह खूनी तस्करी बंद नहीं होगी, तब तक नदियाँ और मासूम जिंदगियां ऐसे ही दम तोड़ती रहेंगी।
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