Chaibasa Accident : चाईबासा में मां पार्वती बस और ट्रक की भीषण भिड़ंत, खिड़कियां चकनाचूर,50 जिंदगियां बचीं
चाईबासा बाईपास पर बड़बिल से जमशेदपुर जा रही मां पार्वती बस और मालवाहक ट्रक की भीषण टक्कर ने यात्रियों की रूह कंपा दी है। 50 यात्रियों की जान पर आए इस बड़े खतरे और कांच के टुकड़ों में तब्दील हुई बस के पीछे छिपे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी चाईबासा के इस खतरनाक सफर के जोखिम से हमेशा अनजान रह जाएंगे।
चाईबासा/पश्चिमी सिंहभूम, 13 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की ओर जा रहे यात्रियों के लिए मंगलवार की दोपहर मौत से आमना-सामना होने जैसी थी। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा बाईपास मार्ग पर एक तेज रफ्तार मालवाहक ट्रक और 'मां पार्वती' नामक बस के बीच रूह कंपा देने वाली टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एसी कोच के बाएं हिस्से की सभी खिड़कियां एक झटके में चकनाचूर होकर बिखर गईं। बस के भीतर चीख-पुकार मच गई, लेकिन कुदरत का करिश्मा और ड्राइवर की जांबाजी ने एक बड़ी सामूहिक मौतों की घटना को टाल दिया। करीब 50 यात्रियों से भरी यह बस एक बड़े नरसंहार का हिस्सा बनते-बनते रह गई।
मौत का वो पल: शीशे के टुकड़ों में तब्दील हुई बस
बस बड़बिल से खुलकर चाईबासा बाईपास होते हुए जमशेदपुर की ओर बढ़ रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बस के किनारे वाले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
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खिड़कियों के उड़े परखच्चे: टक्कर लगते ही बस के एसी कोच की खिड़कियां धमाके के साथ फूट गईं। कांच के हजारों नुकीले टुकड़े सीधे यात्रियों की सीटों और सिर के ऊपर गिरे।
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ड्राइवर की सूझबूझ: बस ड्राइवर ने अंतिम क्षणों में स्टयरिंग को इस तरह घुमाया कि ट्रक का मुख्य हिस्सा बस के केबिन से नहीं टकराया, जिससे बस पलटने से बच गई।
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यात्रियों की सलामती: चमत्कारिक रूप से, किसी भी यात्री को कोई जानलेवा या गंभीर चोट नहीं आई। कुछ यात्रियों को कांच के टुकड़ों से मामूली खरोंचें जरूर आई हैं।
ग्रामीणों ने दिखाया जज्बा: देवदूत बनकर आए लोग
हादसे के तुरंत बाद आसपास के गांवों से लोग दौड़ पड़े और मदद का हाथ बढ़ाया।
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सुरक्षित रेस्क्यू: ग्रामीणों ने टूटी हुई खिड़कियों और पिछले दरवाजे से डरे-सहमे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
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पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन व अन्य साधनों से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात बहाल कराया।
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वैकल्पिक व्यवस्था: जमशेदपुर जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ा; पुलिस और बस मालिक की मदद से दूसरी बस की व्यवस्था कर उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
चाईबासा बस हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| बस का नाम | मां पार्वती (एसी कोच) |
| रूट | बड़बिल (ओडिशा) से जमशेदपुर (झारखंड) |
| हादसे का स्थान | चाईबासा बाईपास मार्ग |
| यात्रियों की संख्या | लगभग 50 (सभी सुरक्षित) |
| नुकसान | बस का बायां हिस्सा और खिड़कियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त |
पुलिस की तफ्तीश: ट्रक चालक की तलाश जारी
हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
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ओवरटेकिंग का मामला: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मालवाहक ट्रक एक अन्य वाहन को गलत तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, जिससे बस के पास जगह कम बची।
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ट्रैफिक जाम: हादसे के कारण बाईपास पर करीब एक घंटे तक ट्रकों की लंबी कतार लग गई थी, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद साफ कराया।
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ब्लैक स्पॉट: पुलिस प्रशासन अब उस विशिष्ट स्थान को 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिन्हित करने पर विचार कर रहा है जहाँ यह भिड़ंत हुई।
सूझबूझ ने टाला मातम
आज चाईबासा में 50 परिवारों के चिराग बुझने से बच गए। यह घटना याद दिलाती है कि हाईवे पर एक सेकंड की असावधानी कितनी भारी पड़ सकती है।
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