Ramgarh Tragedy: सस्पेंस गहराया, रामगढ़ में जंगली हाथी की रहस्यमयी मौत, सूंढ़ से बह रहा खून, ग्रामीणों में दहशत
रामगढ़ के गोला वन क्षेत्र में एक विशाल जंगली हाथी की संदिग्ध मौत ने वन विभाग के होश उड़ा दिए हैं। सूंढ़ से बहते खून और दूसरे हाथी के आक्रामक होने के पीछे छिपे इस खौफनाक सच की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी हाथियों के इस 'खूनी प्रतिशोध' के खतरे से हमेशा अनजान रह जाएंगे।
रामगढ़, 13 जनवरी 2026 – झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र में सोमवार की देर रात कुदरत का एक दर्दनाक और रहस्यमयी मंजर सामने आया है। चोपादारू गांव के पास एक विशालकाय जंगली हाथी का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अब तक एक पहेली बनी हुई है। सबसे डरावनी बात यह है कि मृत हाथी की सूंढ़ से खून निकल रहा था, जो किसी बड़े हादसे या साजिश की ओर इशारा कर रहा है। वन विभाग ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है, क्योंकि इलाके में एक और आक्रामक हाथी मौजूद है जो अपने साथी की मौत से बौखलाया हुआ है।
खेत में मचाया तांडव और फिर मौत: चोपादारू गांव का खौफ
ग्रामीणों के अनुसार, रात के सन्नाटे में हाथियों का एक जोड़ा गांव की सीमा में दाखिल हुआ था।
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फसल की बर्बादी: दोनों हाथी एक स्थानीय किसान के खेत में घुस गए और वहां लगी आलू की फसल को पूरी तरह रौंद डाला।
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अचानक हुई मौत: फसल बर्बाद करने के दौरान ही एक हाथी अचानक जमीन पर गिर पड़ा और उसने दम तोड़ दिया। दूसरा हाथी अपने साथी को बेजान देख काफी देर तक चिंघाड़ता रहा और फिर घने जंगल की ओर निकल गया।
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खून के निशान: वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुँची, तो हाथी की सूंढ़ से ताजा खून बहता देख अधिकारी भी दंग रह गए।
साथी हाथी का 'खूनी प्रतिशोध': गांवों में हाई अलर्ट
वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती वह दूसरा हाथी है जो अब भी आसपास के जंगलों में छिपा हुआ है।
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आक्रामक व्यवहार: वन क्षेत्र पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आशंका जताई है कि अपने साथी की मौत के बाद दूसरा हाथी बेहद हिंसक और आक्रामक हो सकता है। वह बदला लेने के लिए गांव के घरों पर हमला कर सकता है।
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हाथी भगाओ दल तैनात: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'हाथी भगाओ दल' को तुरंत अलर्ट पर रखा गया है।
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ग्रामीणों को चेतावनी: चोपादारू और आसपास के गांवों में मुनादी करा दी गई है कि लोग रात के समय घरों से बाहर न निकलें और न ही जंगल की ओर जाएं।
हाथी की मौत का मामला: मुख्य विवरण (Elephant Death Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | चोपादारू गांव, गोला वन क्षेत्र, रामगढ़ |
| घटना का समय | सोमवार देर रात |
| शारीरिक स्थिति | सूंढ़ से खून का रिसाव (संदिग्ध मौत) |
| कारण | पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार (पोइज़निंग या करंट की आशंका) |
| वर्तमान स्थिति | वन विभाग की घेराबंदी और अलर्ट जारी |
पोस्टमार्टम से खुलेगा राज: क्या यह शिकार है या हादसा?
वन विभाग फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
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जांच के बिंदु: क्या हाथी की मौत जहर (Poisoning) देने से हुई है? या फिर उसने किसी जहरीले कीटनाशक वाली फसल का सेवन कर लिया था? सूंढ़ से खून निकलना किसी अंदरूनी चोट या हाई वोल्टेज झटके का भी संकेत हो सकता है।
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सुरक्षा घेरा: मृत हाथी के दांत (Tusks) और अंगों की सुरक्षा के लिए विशेष गार्ड तैनात किए गए हैं ताकि शिकारी इस स्थिति का फायदा न उठा सकें।
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टीम का गठन: रांची से विशेषज्ञों की एक टीम को पोस्टमार्टम के लिए बुलाया जा रहा है ताकि मौत की वास्तविक वजह का खुलासा हो सके।
जंगल और इंसान की जंग में हारती प्रकृति
गोला में हाथी की यह मौत एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि हम हाथियों के घर में घुसपैठ कर रहे हैं। जब तक सही वजह सामने नहीं आती, चोपादारू गांव के लोग एक अनजाने डर और दूसरे हाथी के संभावित हमले के साये में जीने को मजबूर हैं।
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