Budget 2026: Budget से पहले क्यों खिलाया जाता है ‘हलवा’? नॉर्थ ब्लॉक की इस परंपरा का राज़, जो आम जनता नहीं जानती

Budget 2026 से पहले हलवा सेरेमनी क्यों होती है? क्या इसके बाद अधिकारी लॉक-इन हो जाते हैं? जानिए बजट से जुड़ी इस गोपनीय और ऐतिहासिक परंपरा की पूरी कहानी।

Jan 30, 2026 - 00:09
Jan 30, 2026 - 00:10
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Budget 2026: Budget से पहले क्यों खिलाया जाता है ‘हलवा’? नॉर्थ ब्लॉक की इस परंपरा का राज़, जो आम जनता नहीं जानती
Budget 2026: Budget से पहले क्यों खिलाया जाता है ‘हलवा’? नॉर्थ ब्लॉक की इस परंपरा का राज़, जो आम जनता नहीं जानती

बजट 2026: क्या है हलवा सेरेमनी? क्यों होती है और इसका मतलब क्या है

भारत का केंद्रीय बजट पेश होने से पहले हर साल एक तस्वीर जरूर सामने आती है—वित्त मंत्री अधिकारियों को हलवा परोसते हुए। इसे ही कहा जाता है “हलवा सेरेमनी”। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ परंपरा है, या इसके पीछे कोई गंभीर प्रशासनिक और संवैधानिक कारण भी है?

यह Explainer उसी सवाल का जवाब देता है।



 Explainer: हलवा सेरेमनी क्या है?

हलवा सेरेमनी बजट तैयार करने की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत को दर्शाती है। इस दिन वित्त मंत्री, नॉर्थ ब्लॉक में बजट निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा खिलाकर शुभारंभ करते हैं।

 इसके साथ ही बजट से जुड़ी सभी फाइलें सील्ड मोड में चली जाती हैं।



हलवा सेरेमनी की शुरुआत कब हुई?

  • इसकी जड़ें ब्रिटिश काल की प्रशासनिक परंपराओं में मिलती हैं

  • आज़ादी के बाद इसे 1950 के दशक से व्यवस्थित रूप से अपनाया गया

  • उद्देश्य था बजट की गोपनीयता बनाए रखना



 हलवा सेरेमनी के बाद क्या होता है?

हलवा सेरेमनी के बाद शुरू होती है “लॉक-इन प्रक्रिया”:

  • बजट डिवीजन के अधिकारी

  • वित्त मंत्रालय का टेक्निकल स्टाफ

  • डेटा और प्रिंटिंग से जुड़े कर्मचारी

नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं
बाहरी संपर्क बंद
मोबाइल, मीडिया, इंटरनेट सीमित

यह व्यवस्था बजट पेश होने तक रहती है।



 पेपरलेस बजट में हलवा सेरेमनी क्यों?

2021 से बजट पूरी तरह डिजिटल है, फिर भी हलवा सेरेमनी जारी है क्योंकि:

  • बजट सिर्फ कागज नहीं, नीति का दस्तावेज़ है

  • डिजिटल डेटा भी लीक हो सकता है

  • अब लॉक-इन का मतलब है:

    • सर्वर एक्सेस कंट्रोल

    • साइबर सिक्योरिटी हाई अलर्ट



 हलवा ही क्यों चुना गया?

भारतीय संस्कृति में हलवा:

  • शुभ कार्य की शुरुआत का प्रतीक

  • सामूहिक मिठास और बराबरी का संदेश

  • सरल लेकिन गरिमापूर्ण

 संदेश साफ है:
“बजट किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे सिस्टम की मेहनत है।”



बजट 2026 में हलवा सेरेमनी का संकेत

बजट 2026:

  • 1 फरवरी को पेश होगा

  • पूरी तरह पेपरलेस

  • चुनावी वर्ष से पहले का अहम बजट

हलवा सेरेमनी बताती है कि:

  • बजट ड्राफ्ट फाइनल

  • बड़े बदलाव की गुंजाइश खत्म

  • सरकार की आर्थिक दिशा तय



 FAQ: हलवा सेरेमनी से जुड़े सवाल-जवाब

Q1. हलवा सेरेमनी कौन करता है?

???? केंद्रीय वित्त मंत्री

Q2. क्या यह सिर्फ प्रतीकात्मक है?

❌ नहीं, यह बजट की गोपनीय प्रक्रिया की शुरुआत है

Q3. लॉक-इन कितने दिन रहता है?

???? आमतौर पर 7–10 दिन, बजट पेश होने तक

Q4. क्या पेपरलेस बजट में भी लॉक-इन होता है?

✔️ हाँ, लेकिन अब यह डिजिटल सिक्योरिटी आधारित है

Q5. क्या पहले कभी हलवा सेरेमनी नहीं हुई?

❌ हर साल होती है, कभी नहीं टाली गई

Q6. क्या राज्यों के बजट में भी ऐसा होता है?

✔️ कई राज्य यही परंपरा अपनाते हैं



 निष्कर्ष

हलवा सेरेमनी कोई साधारण रस्म नहीं बल्कि:

  • प्रशासनिक अनुशासन

  • संवैधानिक गोपनीयता

  • परंपरा और आधुनिकता का संतुलन

भारत के बजट सिस्टम की संस्कृति और गंभीरता को दर्शाती है।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।