Bokaro Raid: तनिष्क शोरूम लूट की साजिश का पर्दाफाश, बेगूसराय से दबोचे गए शातिर अपराधी, पिस्टल और गोलियों के साथ पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
बोकारो के तनिष्क शोरूम में हथियार के बल पर लूट के दुस्साहिक प्रयास का मास्टरमाइंड अब पुलिस की गिरफ्त में है। बेगूसराय से हुई गिरफ्तारी और बरामद पिस्टल व जिंदा कारतूसों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस सनसनीखेज केस के खुलासे की पूरी जानकारी से चूक जाएंगे।
बोकारो, 3 फरवरी 2026 – बोकारो पुलिस ने सिटी सेंटर स्थित तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम में हुई लूट की कोशिश मामले में एक बड़ी अंतरराज्यीय सफलता हासिल की है। 11 जनवरी 2026 की उस खौफनाक शाम को जब हथियारबंद अपराधियों ने शोरूम में घुसकर दहशत फैलाई थी, तब से ही पुलिस इनके पीछे लगी थी। पुलिस अधीक्षक बोकारो के कड़े निर्देश पर गठित विशेष टीम ने बिहार के बेगूसराय में छापेमारी कर दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। पकड़े गए अपराधियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी ने न केवल बोकारो बल्कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक फैले लूट के नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है।
बेगूसराय से बोकारो तक: पुलिस का 'सीक्रेट ऑपरेशन'
बीते 12 जनवरी को सेक्टर-4 थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद, पुलिस ने मानवीय इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और मोबाइल लोकेशन) का जाल बिछाया।
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दबिश: 2 फरवरी 2026 को पुलिस टीम ने बिहार के बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में धावा बोला।
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स्वीकारोक्ति: हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि उन्होंने ही तनिष्क शोरूम में लूट की योजना बनाई थी और हथियार लहराए थे।
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बरामदगी: अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक 7.65 एमएम की देशी पिस्टल, 5 जिंदा गोलियां, लूट में इस्तेमाल होने वाला पिट्ठू बैग और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पकड़े गए खूंखार अपराधी: सिलीगुड़ी से भी जुड़े हैं तार
गिरफ्तार अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास पुलिस को चौंकने पर मजबूर कर रहा है:
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प्रिंस कुमार (20 वर्ष): कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले प्रिंस पर पहले से आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं।
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मो. समशाद उर्फ मुख्तार (24 वर्ष): यह अपराधी पुलिस के लिए 'मोस्ट वांटेड' था। इसके खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी तनिष्क ज्वेलर्स लूट का मामला दर्ज है। इससे साफ है कि यह गैंग नामी ज्वेलरी शोरूम्स को ही अपना सॉफ्ट टारगेट बनाता है।
तनिष्क केस फाइल: पुलिसिया कार्रवाई की रिपोर्ट (Case Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| घटनास्थल | तनिष्क ज्वेलर्स, सिटी सेंटर (बोकारो) |
| गिरफ्तारी स्थल | चेरिया बरियारपुर, जिला बेगूसराय (बिहार) |
| मुख्य हथियार | 01 देशी पिस्टल (7.65 MM), 05 गोलियां |
| नेतृत्व | आलोक रंजन (पुलिस उपाधीक्षक नगर) |
| संलिप्त टीमें | सेक्टर-4, सिटी, बालीडीह, हरला, तकनीकी शाखा |
इतिहास गवाह है कि झारखंड के औद्योगिक शहरों (जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद) में ज्वेलरी शोरूम्स को निशाना बनाने के लिए बिहार के बेगूसराय और समस्तीपुर के 'घोड़ासहन' जैसे इलाकों के गैंग्स सक्रिय रहे हैं। 2015 और 2022 में भी ऐसी ही लूट की कोशिशें हुई थीं, जहाँ अपराधी घटना को अंजाम देकर सीधे बिहार सीमा पार कर जाते थे। हालांकि, 2026 की इस डिजिटल निगरानी और तकनीकी शाखा (Technical Cell) की सक्रियता ने अपराधियों के लिए 'भागना' नामुमकिन बना दिया है।
पुलिस टीम की सराहना: साझा ऑपरेशन सफल
इस सफल कार्रवाई में डीएसपी नगर आलोक रंजन के साथ सेक्टर-4, सिटी थाना, बालीडीह, हरला और सेक्टर-12 थाना के अधिकारियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गैंग के और कितने सदस्य शहर के होटलों या किराए के मकानों में रेकी (Recce) कर रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता
तनिष्क शोरूम कांड के खुलासे के बाद बोकारो पुलिस ने अन्य ज्वेलरी स्टोर संचालकों को भी सुरक्षा ऑडिट कराने की सलाह दी है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।है?
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