Baharagora Accident: बहरागोड़ा में बेकाबू बाइक ने बुजुर्ग को रौंदा, जगन्नाथपुर चौक पर लहूलुहान हुए पुलीन घोष
बहरागोड़ा के बरसोल थाना क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथपुर चौक पर एक अज्ञात तेज रफ्तार बाइक ने मार्केटिंग करने आए 60 वर्षीय पुलीन कुमार घोष को जोरदार टक्कर मार दी है। एनएचएआई एंबुलेंस से अस्पताल पहुँचाए गए बुजुर्ग की नाजुक हालत और पुलिस की छापेमारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
बहरागोड़ा/पूर्वी सिंहभूम, 19 मार्च 2026 – झारखंड-ओडिशा-बंगाल की सीमा पर बसे बहरागोड़ा के बरसोल थाना क्षेत्र में बुधवार की शाम एक बार फिर 'रफ्तार का कहर' देखने को मिला। जगन्नाथपुर चौक पर उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक अज्ञात तेज रफ्तार बाइक सवार ने सड़क पार कर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग पुलीन कुमार घोष को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलीन हवा में उछलकर दूर जा गिरे और उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की तत्परता और एनएचएआई (NHAI) की एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
चौक पर 'हिट एंड रन': मार्केटिंग के दौरान हुआ हादसा
घटना बुधवार शाम की है जब जगन्नाथपुर चौक पर रोज की तरह चहल-पहल थी।
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अचानक हमला: पश्चिम बंगाल के गोविंदपुर निवासी पुलीन कुमार घोष घर का कुछ जरूरी सामान (मार्केटिंग) खरीदने के लिए चौक आए थे।
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बेकाबू रफ्तार: जैसे ही वह सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, एक बाइक सवार बिजली की गति से आया और उन्हें रौंदते हुए निकल गया।
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रेफरल का सिलसिला: बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्राथमिक उपचार के बाद, पुलीन की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर न्यूरो और ऑर्थोपेडिक इलाज के लिए ओडिशा के बारीपदा रेफर कर दिया है।
बरसोल पुलिस का एक्शन: सीसीटीवी और चश्मदीदों की तलाश
बरसोल थाना पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मोर्चा संभाल लिया है।
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अज्ञात की तलाश: पुलिस अब उस बाइक के नंबर और हुलिए की तलाश में जुटी है जिसने बुजुर्ग को मरणासन्न स्थिति में छोड़ दिया और फरार हो गया।
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स्थानीय सहयोग: पुलिस उन चश्मदीदों से बात कर रही है जिन्होंने बाइक का ब्रांड या रंग देखा था, ताकि फरार अपराधी तक पहुँचा जा सके।
बहरागोड़ा का जगन्नाथपुर चौक—तीन राज्यों का 'खूनी' संगम
बहरागोड़ा का इतिहास केवल धान की खेती और संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मिलन बिंदु के रूप में जाना जाता है।
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सामरिक मार्ग: जगन्नाथपुर चौक और बरसोल का यह इलाका एनएच-18 (पुराना एनएच-33) और एनएच-49 का महत्वपूर्ण जंक्शन है। आजादी के बाद से ही यह मार्ग व्यापार के लिए बंगाल और ओडिशा की जीवनरेखा रहा है।
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हादसों का पुराना रिकॉर्ड: इतिहास गवाह है कि बहरागोड़ा का यह 'ट्रायंगल' बेकाबू भारी वाहनों और तेज रफ्तार बाइकर्स के लिए बदनाम रहा है। 1990 के दशक में जब यह सड़क सिंगल लेन थी, तब यहाँ बेलगाम रफ्तार ने कई परिवारों को उजाड़ा था। 2020 के बाद सड़क के चौड़ीकरण (फोरलेन) ने दूरी तो कम की, लेकिन 'फ्लाईओवर' और 'अंडरपास' की कमी के कारण जगन्नाथपुर जैसे चौक अब 'ब्लैक स्पॉट' में तब्दील हो चुके हैं।
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गोविंदपुर का कनेक्शन: बंगाल के गोविंदपुर और झारखंड के बहरागोड़ा के बीच रोटी-बेटी और व्यापार का गहरा ऐतिहासिक नाता है। पुलीन कुमार घोष का यहाँ मार्केटिंग के लिए आना इसी सामाजिक ताने-बाने का हिस्सा है, जिसे एक अज्ञात बाइक सवार की लापरवाही ने लहूलुहान कर दिया। यह घटना याद दिलाती है कि जब तक इन चौकों पर सख्त गति नियंत्रण नहीं होगा, तब तक सीमावर्ती क्षेत्रों के निर्दोष नागरिक ऐसे ही 'ट्रैफिक आतंकवाद' का शिकार होते रहेंगे।
वर्तमान स्थिति: बारीपदा में चल रही जंग
पुलीन घोष का परिवार बारीपदा अस्पताल पहुँच चुका है।
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गंभीर चोटें: डॉक्टरों के अनुसार, बुजुर्ग के पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर और सिर में अंदरूनी चोट है।
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प्रशासनिक सतर्कता: बरसोल पुलिस ने सीमावर्ती चेकपोस्टों को भी सूचित कर दिया है ताकि संदिग्ध बाइकर्स की जांच की जा सके।
बहरागोड़ा की यह घटना सड़क सुरक्षा के उन दावों की पोल खोलती है जो केवल कागजों पर दिखाई देते हैं। जगन्नाथपुर चौक पर पुलीन घोष के साथ हुआ यह हादसा किसी के भी साथ हो सकता है। जब तक 'हिट एंड रन' के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक सड़कों पर यह खूनी खेल जारी रहेगा। क्या बरसोल पुलिस उस अज्ञात बाइक सवार को सलाखों के पीछे भेज पाएगी जिसने एक बुजुर्ग की जिंदगी को दांव पर लगा दिया?
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