Dhalbhumgarh Crash : धालभूमगढ़ में पुआल लदे ट्रैक्टर से भिड़ी तेज रफ्तार कार, एक युवक की मौके पर मौत, दो गंभीर रूप से घायल

धालभूमगढ़ मुख्य सड़क पर पीडी बागान के पास बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ है। चाकुलिया से आ रही तेज रफ्तार कार खड़े ट्रैक्टर से जा भिड़ी, जिसमें एक अज्ञात युवक की जान चली गई। मोहित महतो और सन्नी यादव की नाजुक हालत और पुलिस जांच की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 19, 2026 - 13:29
 0
Dhalbhumgarh Crash : धालभूमगढ़ में पुआल लदे ट्रैक्टर से भिड़ी तेज रफ्तार कार, एक युवक की मौके पर मौत, दो गंभीर रूप से घायल
Dhalbhumgarh Crash : धालभूमगढ़ में पुआल लदे ट्रैक्टर से भिड़ी तेज रफ्तार कार, एक युवक की मौके पर मौत, दो गंभीर रूप से घायल

धालभूमगढ़/पूर्वी सिंहभूम, 19 मार्च 2026 – झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण अंचल धालभूमगढ़ से बुधवार की देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। चाकुलिया-धालभूमगढ़ मुख्य सड़क पर पीडी बागान के पास एक तेज रफ्तार कार (JH 05EE 9903) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पुआल लदे ट्रैक्टर (JH 22F 1986) के पिछले हिस्से से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में दो अन्य युवक, जिनकी पहचान चाकुलिया निवासी मोहित महतो और सन्नी यादव के रूप में हुई है, गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस अब उस अज्ञात मृतक की शिनाख्त करने में जुटी है जिसने इस खूनी सड़क पर अपनी अंतिम सांस ली।

आधी रात का तांडव: पुआल का ढेर बना काल

हादसा बुधवार की देर रात तब हुआ जब सड़क पर सन्नाटा पसरा था और विजिबिलिटी भी कम थी।

  • भयानक टक्कर: चाकुलिया से धालभूमगढ़ की ओर जा रही कार ने खड़े ट्रैक्टर को इतनी जोर से टक्कर मारी कि उसकी आवाज दूर तक सुनी गई। कार सीधे ट्रैक्टर के पीछे जा घुसी।

  • मदद के लिए दौड़े ग्रामीण: धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल की मदद से घायल मोहित और सन्नी को चाकुलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया।

  • हालत नाजुक: सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम रेफर कर दिया है।

मृतक की पहचान एक पहेली: पुलिस की छानबीन जारी

हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है।

  1. शिनाख्त की कोशिश: पुलिस कार के नंबर और घायलों के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि मृतक के बारे में जानकारी मिल सके।

  2. लापरवाही का पहलू: स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के खड़े ट्रैक्टर अक्सर इस मार्ग पर हादसों का कारण बनते हैं। पुआल लदा होने के कारण कार चालक को संभवतः अंधेरे में ट्रैक्टर दिखाई नहीं दिया।

धालभूमगढ़ का सामरिक महत्व और 'खतरनाक' मुख्य सड़क

धालभूमगढ़ का इतिहास ब्रिटिश काल से ही काफी महत्वपूर्ण रहा है, विशेषकर यहाँ के ऐतिहासिक द्वितीय विश्व युद्ध के हवाई पट्टी (Airstrip) के कारण।

  • कनेक्टिविटी का केंद्र: 1940 के दशक में मित्र देशों की सेनाओं के लिए यह एक प्रमुख बेस था। आजादी के बाद यह क्षेत्र जमशेदपुर और बंगाल को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग बन गया।

  • दुर्घटनाओं का पुराना रिकॉर्ड: धालभूमगढ़ से चाकुलिया जाने वाली यह मुख्य सड़क ऐतिहासिक रूप से संकरी और घुमावदार रही है। इतिहास गवाह है कि यहाँ रात के समय हाथियों की आवाजाही और सड़क किनारे खड़े वाहनों की वजह से पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं। 2010 के दशक में जब इस मार्ग का चौड़ीकरण हुआ, तब उम्मीद थी कि मौतें कम होंगी, लेकिन वाहनों की तेज रफ्तार और रिफ्लेक्टर रहित ट्रैक्टरों ने इसे फिर से 'डेथ जोन' बना दिया है। पीडी बागान के पास का यह इलाका अपने अंधे मोड़ों के लिए पहले भी पुलिस रिकॉर्ड में 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में दर्ज हो चुका है। रमण कुमार दास (कोलाबिरा हादसा) की तरह ही यहाँ भी अज्ञात युवक की मौत प्रशासन की उन सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है जो कागजों से बाहर नहीं निकल पाईं।

प्रशासनिक मुस्तैदी: जब्त हुए दोनों वाहन

धालभूमगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर और क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया है।

  • ट्रैक्टर चालक फरार: घटना के बाद ट्रैक्टर का चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या ट्रैक्टर को गलत तरीके से सड़क पर खड़ा किया गया था।

  • परिजनों को सूचना: चाकुलिया में मोहित और सन्नी के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जो झाड़ग्राम के लिए रवाना हो चुके हैं।

धालभूमगढ़ की यह दुर्घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही, जैसे बिना लाइट के वाहन खड़ा करना या अत्यधिक रफ्तार, किसी का भी घर उजाड़ सकती है। अज्ञात युवक की लाश अब भी अस्पताल के मुर्दाघर में अपनों का इंतजार कर रही है। क्या धालभूमगढ़ पुलिस अब सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले इन 'मौत के ट्रैक्टरों' पर सख्त कार्रवाई करेगी?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।