Azadnagar Suicide: जमशेदपुर के आजादनगर में नशे के लिए पैसे न मिलने पर 22 वर्षीय शरीफ ने दी जान, मां के इनकार के बाद कमरे में झूला शव

जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र के ग्रीन वैली में नशे के आदी 22 वर्षीय मोहम्मद शरीफ ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मां द्वारा नशे के लिए पैसे देने से मना करने के बाद उपजे तनाव और एमजीएम अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 19, 2026 - 13:46
Mar 19, 2026 - 13:51
 0
Azadnagar Suicide: जमशेदपुर के आजादनगर में नशे के लिए पैसे न मिलने पर 22 वर्षीय शरीफ ने दी जान, मां के इनकार के बाद कमरे में झूला शव
Azadnagar Suicide: जमशेदपुर के आजादनगर में नशे के लिए पैसे न मिलने पर 22 वर्षीय शरीफ ने दी जान, मां के इनकार के बाद कमरे में झूला शव

जमशेदपुर/मानगो, 19 मार्च 2026 – लौहनगरी के आजादनगर थाना क्षेत्र में नशे की लत ने एक और हंसते-खेलते परिवार के चिराग को बुझा दिया है। रोड नंबर 7, ग्रीन वैली के रहने वाले 22 वर्षीय युवक मोहम्मद शरीफ ने बुधवार की शाम अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे की वजह रोंगटे खड़े कर देने वाली है—महज नशे के लिए पैसे न मिलना। शरीफ अपनी मां से नशे की खुराक के लिए रुपयों की मांग कर रहा था, और जब ममता ने बेटे को बर्बादी से बचाने के लिए पैसे देने से इनकार किया, तो उसने खौफनाक रास्ता चुन लिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन इलाके में इस घटना को लेकर भारी गम और चर्चा का माहौल है।

मां का 'इनकार' और बेटे का 'प्रहार': ऐसे टूटी सांसों की डोर

मोहम्मद शरीफ की मौत की कहानी किसी भी मां का दिल दहला देने के लिए काफी है।

  • नशे की मांग: बुधवार की दोपहर से ही शरीफ अपनी मां पर पैसे देने का दबाव बना रहा था। वह नशे का बुरी तरह आदी हो चुका था और उसकी तलब बढ़ती जा रही थी।

  • तनाव और कदम: मां ने जब सख्ती दिखाई और पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो शरीफ गुस्से और तनाव में अपने कमरे में चला गया।

  • अस्पताल में मौत की पुष्टि: काफी देर तक कमरे से बाहर न आने पर जब परिजनों ने अंदर झांका, तो शरीफ फंदे से लटक रहा था। आनन-फानन में उसे उतारकर एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिसिया कार्रवाई: पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल

आजादनगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

  1. पोस्टमार्टम रिपोर्ट: एमजीएम अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से आत्महत्या का मामला है, जो नशे के कारण उत्पन्न हुए मानसिक अवसाद का नतीजा है।

  2. परिजनों का बयान: पुलिस ने शरीफ के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें नशे की लत की बात सामने आई है।

सामाजिक चेतावनी: "पैसे नहीं, जान जा रही है"

स्थानीय लोगों का कहना है कि शरीफ की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि यह उन सैकड़ों परिवारों के लिए चेतावनी है जिनके बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं।

  • अवैध ठिकानों पर छापेमारी: आजादनगर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में नशे के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी तेज की जाएगी।

  • काउंसलिंग की कमी: शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि जमशेदपुर में सरकारी स्तर पर नशा मुक्ति केंद्रों और मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) की भारी कमी है, जिसके कारण युवा ऐसे घातक कदम उठा रहे हैं।

मोहम्मद शरीफ की मौत ने एक बार फिर जमशेदपुर के चेहरे पर लगे 'नशे के दाग' को गहरा कर दिया है। एक मां ने अपने बेटे को बचाने के लिए पैसे नहीं दिए, लेकिन उसे क्या पता था कि उसका यही इनकार बेटे की जान ले लेगा। ग्रीन वैली की गलियों में आज सन्नाटा है, लेकिन यह सन्नाटा उन ड्रग माफियाओं को चुनौती दे रहा है जो सरेराह जहर बेच रहे हैं। क्या आजादनगर पुलिस अब उन सप्लायर्स को सलाखों के पीछे भेजेगी जिन्होंने शरीफ को इस कदर मजबूर कर दिया था?

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।