Azerbaijan Extradition: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा मयंक सिंह जल्द भारत लाया जाएगा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा के भारत प्रत्यर्पण को अजरबैजान ने मंजूरी दी। जानें पूरा मामला और इससे गैंग पर क्या असर पड़ेगा।

भारत की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गुर्गे मयंक सिंह उर्फ सुनील सिंह मीणा के भारत प्रत्यर्पण को अजरबैजान की अदालत ने मंजूरी दे दी है। झारखंड एटीएस और सीबीआई की लगातार कोशिशों के बाद अब उसे जल्द बाकू की जेल से भारत लाया जाएगा।
कौन है मयंक सिंह और क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण
मयंक सिंह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करता था और कई संगीन अपराधों में शामिल रहा है। भारत में उस पर हत्या, फिरौती, हथियार तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े कई केस दर्ज हैं। उसने भारत से भागकर अजरबैजान में शरण ली थी, लेकिन झारखंड एटीएस और सीबीआई की सख्ती के बाद उसका प्रत्यर्पण संभव हो सका।
कैसे हुआ प्रत्यर्पण का फैसला
- झारखंड एटीएस ने सीआईडी के जरिए अजरबैजान सरकार को प्रत्यर्पण का आवेदन भेजा था।
- अजरबैजान की निचली अदालत ने भारत में दर्ज मामलों के आधार पर प्रत्यर्पण को मंजूरी दी।
- सीबीआई ने सभी केस डिटेल्स और कोर्ट के जारी वारंट की कॉपी अजरबैजान सरकार को भेजी।
- अजरबैजान सरकार ने सीबीआई से पत्राचार कर प्रत्यर्पण को हरी झंडी दी।
अंतिम मौका – क्या मयंक सिंह अपील करेगा
हालांकि, मयंक सिंह को अब भी एक आखिरी मौका मिला है। वह अजरबैजान की उच्च अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है। अगर वह अपील नहीं करता या उसकी अपील खारिज हो जाती है, तो जल्द ही उसे भारत लाया जाएगा।
भारतीय एजेंसियों की रणनीति
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मयंक सिंह की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है और मयंक कई आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे पकड़ा गया मयंक
मयंक ने भारत छोड़ने के बाद अजरबैजान को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। लेकिन इंटरपोल के सहयोग से भारत सरकार ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया, जिसके चलते उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर शिकंजा
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पिछले कुछ सालों में देशभर में कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। गैंग के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र में कई केस दर्ज हैं। मयंक सिंह की गिरफ्तारी गैंग के नेटवर्क को कमजोर कर सकती है।
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