Adityapur Murder: खूनी साजिश, आदित्यपुर में गार्ड की निर्मम हत्या, अवैध संबंध के शक में सगे साथी ने ही रेता गला
आदित्यपुर के शिवनारायणपुर जंगल में मिले सिक्योरिटी गार्ड संदीप महतो के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पत्नी के साथ अवैध संबंध के शक में रची गई इस खौफनाक साजिश और चाकू-कुदाल से किए गए प्रहार की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस 'क्राइम पेट्रोल' जैसी वारदात के पीछे का कड़वा सच कभी नहीं जान पाएंगे।
आदित्यपुर/सरायकेला, 7 जनवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर में क्रिसमस के दिन झाड़ियों में मिले सिक्योरिटी गार्ड संदीप महतो के शव ने जो सनसनी फैलाई थी, उसका पर्दाफाश पुलिस ने कर दिया है। यह कोई सामान्य लूटपाट या दुश्मनी नहीं, बल्कि 'इश्क, शक और इंतकाम' की एक खूनी दास्तां निकली। गम्हरिया निवासी संदीप महतो की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे साथी विकास चंद्र महतो ने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, गैंता और कुदाल के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
लापता गार्ड और जंगल में मिली लाश: 24 दिसंबर की वो रात
गम्हरिया निवासी सुखलाल महतो का पुत्र संदीप महतो 24 दिसंबर 2025 की सुबह अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकला था।
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गायब हुआ संदीप: जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की धड़कनें बढ़ गईं। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला।
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खौफनाक मंजर: अगले दिन यानी 25 दिसंबर को शिवनारायणपुर के घने जंगल में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया संदीप का शव मिला।
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पहचान मिटाने की कोशिश: कातिलों ने संदीप की पहचान छुपाने के लिए उसके आधार कार्ड और पासबुक को जलाने की कोशिश भी की थी, ताकि पुलिस गुमराह हो सके।
SIT का गठन और 'तकनीकी' जाल: 3 कातिल दबोचे गए
एसपी के कड़े निर्देश पर एसडीपीओ सरायकेला समीर कुमार सवैया के नेतृत्व में एक SIT (विशेष जांच टीम) बनाई गई। टीम ने कॉल डिटेल्स और लोकेशन (तकनीकी साक्ष्य) के आधार पर छापेमारी की।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने शिवनारायणपुर के विकास चंद्र महतो, गोरांगो कालिंदी और गम्हरिया के संदीप प्रमाणिक उर्फ फटिक को गिरफ्तार किया।
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जुर्म की स्वीकारोक्ति: मुख्य आरोपी विकास ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसे शक था कि संदीप महतो का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है। इसी 'शक की आग' ने उसे कातिल बना दिया।
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वारदात का तरीका: विकास ने संदीप को बहाने से जंगल बुलाया और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर चाकू और कुदाल से उस पर जानलेवा हमला कर दिया।
आदित्यपुर हत्याकांड: पुलिस की बड़ी बरामदगी (Evidence Snapshot)
| बरामद सामान | विवरण (Details) |
| हथियार | चाकू, गैंता और कुदाल |
| वाहन | हत्या में प्रयुक्त सीएनजी ऑटो (CNG Auto) |
| मृतक का सामान | मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन |
| जला हुआ साक्ष्य | अधजला आधार कार्ड और बैंक पासबुक |
| गिरफ्तार टीम | आदित्यपुर थाना प्रभारी बिनोद तिर्की व अन्य |
इतिहास और रंजिश: कोल्हान में 'ऑनर किलिंग' और शक का साया
सरायकेला और आदित्यपुर का औद्योगिक बेल्ट केवल मशीनों के लिए ही नहीं, बल्कि यहाँ के पेचीदा सामाजिक संबंधों के कारण भी चर्चा में रहा है। पिछले एक दशक में आदित्यपुर थाना क्षेत्र में अवैध संबंधों के चलते होने वाली हत्याओं (Crime of Passion) में 15% की वृद्धि दर्ज की गई है। 2023 में भी आरआईटी क्षेत्र में इसी तरह एक युवक की हत्या उसके दोस्त ने केवल 'शक' के आधार पर कर दी थी। इतिहास गवाह है कि शिवनारायणपुर और गम्हरिया के बीच का यह जंगली इलाका अपराधियों के लिए लाशें ठिकाने लगाने का 'सेफ जोन' रहा है। संदीप महतो की हत्या ने एक बार फिर समाज के उस स्याह पहलू को उजागर किया है जहाँ 'संवाद' की जगह 'हथियार' ले लेते हैं।
पुलिस की सक्रियता: एसआईटी की पीठ थपथपाई
आदित्यपुर थाना प्रभारी बिनोद तिर्की और उनकी टीम ने जिस तरह से कड़ियों को जोड़ा, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है।
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साक्ष्यों का संकलन: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वो ऑटो भी बरामद कर लिया है जिससे शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी।
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न्यायिक हिरासत: तीनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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अग्रिम जांच: पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था या क्या विकास को किसी ने उकसाया था।
शक का खूनी अंजाम
संदीप महतो की मौत ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। अवैध संबंध का शक सच था या नहीं, यह अब भी जांच का विषय है, लेकिन विकास की सनक ने तीन लोगों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया और एक की जान ले ली। आदित्यपुर पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।
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