Mango Smuggling: बड़ा भंडाफोड़, जमशेदपुर में लक्जरी इनोवा बनी बूचड़खाना, सीटें हटाकर भरे थे मवेशी, एक गिरफ्तार

जमशेदपुर के मानगो में पुलिस ने हाई-टेक गो तस्करी का पर्दाफाश करते हुए एक लग्जरी इनोवा से अमानवीय तरीके से ठूंसे गए 5 मवेशी बरामद किए हैं। जवाहरनगर में छिपे इस 'मीट सिंडिकेट' और फरार सरगनाओं की तलाश की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी लग्जरी कारों की आड़ में चल रहे इस खौफनाक काले कारोबार का सच कभी नहीं जान पाएंगे।

Jan 7, 2026 - 14:09
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Mango Smuggling: बड़ा भंडाफोड़, जमशेदपुर में लक्जरी इनोवा बनी बूचड़खाना, सीटें हटाकर भरे थे मवेशी, एक गिरफ्तार
Mango Smuggling: बड़ा भंडाफोड़, जमशेदपुर में लक्जरी इनोवा बनी बूचड़खाना, सीटें हटाकर भरे थे मवेशी, एक गिरफ्तार

जमशेदपुर, 7 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के मानगो इलाके में पुलिस ने गो-तस्करी के एक ऐसे शातिर और 'हाई-प्रोफाइल' तरीके का भंडाफोड़ किया है जिसे जानकर खाकी भी दंग रह गई। अब तक ट्रक और पिकअप वैन में जानवरों की तस्करी की खबरें आती थीं, लेकिन मानगो में तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लग्जरी इनोवा कार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पुलिस ने जवाहरनगर रोड नंबर 12 स्थित सबीना मस्जिद के पास घेराबंदी कर इस गैंग के एक सदस्य इजहार इकबाल को धर दबोचा। गाड़ी के अंदर का नजारा इतना अमानवीय था कि देखने वालों की रूह कांप गई—सीटें हटाकर वहां 5 गो-वंशीय जानवरों को हाथ-पैर बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था।

जवाहरनगर में आधी रात की रेड: इनोवा के पीछे छिपा था सच

मानगो थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर मवेशियों की खेप शहर के भीतर लाई जा रही है।

  • गुप्त घेराबंदी: पुलिस ने सबीना मस्जिद के पास जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध इनोवा वहां पहुँची, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

  • क्रूरता की हद: जब गाड़ी का दरवाजा खुला, तो पुलिसकर्मी सन्न रह गए। इनोवा की पिछली सीटें निकाल दी गई थीं और वहां 5 मवेशी बेसुध हालत में पड़े थे। उन्हें इस तरह बांधा गया था कि वे हिल भी नहीं सकते थे।

  • चक्रधरपुर का कनेक्शन: गिरफ्तार आरोपी इजहार इकबाल मूल रूप से पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर का रहने वाला है, जो इस अंतर-जिला गिरोह की कड़ियों को जोड़ रहा है।

मीट सिंडिकेट का खुलासा: सोनू और सईद कुरैशी की तलाश

गिरफ्तारी के बाद इजहार इकबाल ने पुलिसिया पूछताछ में कई बड़े राज उगले हैं। उसने बताया कि वह केवल एक मोहरा है, जबकि इस पूरे खेल के असली खिलाड़ी कोई और हैं।

  1. मास्टरमाइंड का नाम: इजहार ने बताया कि यह पूरी खेप सोनू कुरैशी उर्फ सफदर कुरैशी और सईद कुरैशी के पास ले जाई जा रही थी।

  2. मकसद: पुलिस के अनुसार, इन जानवरों को तस्करी कर लाने का मकसद उनकी हत्या कर मांस की अवैध बिक्री करना था।

  3. फरार आरोपी: सोनू और सईद दोनों आजाद नगर रोड नंबर 12 के निवासी हैं और फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

मानगो गो-तस्करी केस: अहम जानकारियां (Case Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
गिरफ्तार आरोपी इजहार इकबाल (चक्रधरपुर निवासी)
फरार सरगना सोनू कुरैशी और सईद कुरैशी
जब्त वाहन सफेद रंग की लग्जरी इनोवा (Innova)
बरामदगी 05 गो-वंशीय जानवर (जीवित)
वारदात स्थल जवाहरनगर रोड नंबर 12, मानगो

इतिहास और रसूख: मानगो और मवेशी तस्करी का पुराना नाता

जमशेदपुर का मानगो और आजाद नगर इलाका ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील रहा है। 2000 के दशक की शुरुआत से ही यहाँ के संकरी गलियों का फायदा उठाकर अवैध बूचड़खाने चलाने की खबरें आती रही हैं। पहले इन वारदातों में साइकिल और ऑटो का इस्तेमाल होता था, लेकिन 2020 के बाद तस्करों ने 'लग्जरी कार मॉडल' अपना लिया है। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि टाटा-राँची हाईवे और चाईबासा रोड पर चेकिंग से बचने के लिए तस्कर अब ऐसी गाड़ियों का चुनाव करते हैं जिन पर पुलिस को जल्दी शक न हो। इजहार की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि यह सिंडिकेट अब काफी हाई-टेक हो चुका है और इनके तार चक्रधरपुर से लेकर जमशेदपुर तक फैले हुए हैं।

पुलिस की चेतावनी: सिंडिकेट के 'स्लीपर सेल' पर नजर

मानगो थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

  • नेटवर्क की जांच: पुलिस यह पता लगा रही है कि इनोवा कार किसकी है और क्या इसमें किसी रसूखदार व्यक्ति का हाथ है।

  • छापेमारी जारी: सोनू और सईद कुरैशी के पकड़े जाने के बाद शहर के कई अन्य अवैध मांस बिक्री केंद्रों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।

  • पशु क्रूरता अधिनियम: आरोपी इजहार पर गो-वंशीय पशु वध निषेध अधिनियम के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी कड़ा मामला दर्ज किया गया है।

लग्जरी के पीछे छिपा काला धंधा

मानगो की इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी के नए तरीकों पर चिंता बढ़ा दी है। लक्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि तस्करी का यह कारोबार अब करोड़ों का हो चुका है। पुलिस की मुस्तैदी ने फिलहाल एक बड़ी खेप को तो रोक लिया है, लेकिन सोनू और सईद जैसे सरगनाओं का बाहर रहना अब भी बड़ा खतरा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।