Govindpur Gunshot: फायरिंग हुई, पैर को छूते हुए निकली गोली, कृष्णानगर मंदिर के पास मची भारी दहशत

जमशेदपुर के गोविंदपुर स्थित कृष्णानगर मंदिर के पास रविवार की रात अचानक हुई फायरिंग से सनसनी फैल गई है जहाँ सीसीटीवी मैकेनिक वीरेंद्र महतो बाल-बाल बच गए हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर चलाई गई इस रहस्यमयी गोली और इलाके में फैले खौफ की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस अनसुलझे सुरक्षा खतरे की गंभीरता को नहीं समझ पाएंगे।

Dec 22, 2025 - 13:31
Dec 22, 2025 - 14:26
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Govindpur Gunshot: फायरिंग हुई, पैर को छूते हुए निकली गोली, कृष्णानगर मंदिर के पास मची भारी दहशत
Govindpur Gunshot: फायरिंग हुई, पैर को छूते हुए निकली गोली, कृष्णानगर मंदिर के पास मची भारी दहशत

जमशेदपुर, 22 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर का शांत माना जाने वाला गोविंदपुर इलाका रविवार की रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। कृष्णानगर मंदिर के समीप हुई इस अचानक फायरिंग ने स्थानीय निवासियों को दहशत में डाल दिया है। इस घटना में सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम करने वाले वीरेंद्र कुमार महतो घायल हो गए हैं। किस्मत अच्छी थी कि गोली उनके पैर को छूते हुए निकल गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मंदिर जैसे पवित्र और शांत स्थल के पास हुई इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

इतिहास: गोविंदपुर और जमशेदपुर में 'अनजान' फायरिंग का बढ़ता चलन

जमशेदपुर का गोविंदपुर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से टाटा मोटर्स और संबद्ध कंपनियों के कर्मचारियों का रिहायशी गढ़ रहा है। 1970 और 80 के दशक में यह इलाका अपनी शांति और सामुदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में, शहर के बाहरी इलाकों में अनधिकृत हथियारों की घुसपैठ ने इस शांति को भंग किया है। अक्सर देखा गया है कि आपसी रंजिश या डराने के उद्देश्य से 'हवाई फायरिंग' या 'टारगेटेड अटैक' की घटनाएं बढ़ी हैं। कृष्णानगर मंदिर के पास हुई यह घटना इसी बिगड़ते सुरक्षा चक्र की एक नई कड़ी है, जहाँ अपराधी अब भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के पास भी दुस्साहस दिखाने से नहीं हिचक रहे हैं।

पटाखा नहीं, वो मौत की आहट थी: खौफनाक मंजर

रविवार की रात वीरेंद्र कुमार महतो अपनी बाइक के पास खड़े थे। तभी अचानक एक तेज आवाज हुई।

  • भ्रम और सच्चाई: शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को लगा कि किसी ने शादी या उत्सव का पटाखा छोड़ा है। लेकिन जब वीरेंद्र दर्द से कराहने लगे और उनके पैर से खून का फव्वारा फूटा, तब जाकर स्पष्ट हुआ कि वह पटाखे की नहीं बल्कि बंदूक की गोली थी।

  • तत्काल मदद: स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए मानवता दिखाई और घायल वीरेंद्र को तुरंत टाटा मोटर्स अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुष्टि की कि गोली केवल मांस को छूकर निकल गई है, हड्डी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

सीसीटीवी मैकेनिक ही बना 'अदृश्य' निशानेबाज का शिकार

हैरानी की बात यह है कि घायल वीरेंद्र खुद सीसीटीवी कैमरा लगाने का पेशेवर काम करते हैं। घटना के समय भी वे किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में ही वहां मौजूद थे।

  1. पुलिस की तफ्तीश: गोविंदपुर थाना प्रभारी पवन कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का मुआयना किया।

  2. जांच का आधार: पुलिस अब उन्हीं कैमरों की फुटेज खंगाल रही है जिन्हें वीरेंद्र जैसे लोग सुरक्षा के लिए लगाते हैं। मंदिर के आसपास और भागने वाले रास्तों के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि हमलावर पैदल था या बाइक पर।

फायरिंग की घटना का संक्षिप्त विवरण (Quick Facts)

विवरण जानकारी
घटना स्थल कृष्णानगर मंदिर के पास, गोविंदपुर
घायल का नाम वीरेंद्र कुमार महतो (सीसीटीवी मैकेनिक)
चोट की प्रकृति पैर को छूती हुई निकली गोली (खतरे से बाहर)
अस्पताल टाटा मोटर्स अस्पताल
पुलिस स्टेशन गोविंदपुर थाना

दहशत में स्थानीय लोग: सुरक्षा की मांग तेज

कृष्णानगर के निवासियों का कहना है कि मंदिर के पास इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और अंधेरे का फायदा उठाकर की जाने वाली ऐसी हरकतें सुरक्षा में बड़ी चूक हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गोविंदपुर के आंतरिक मार्गों पर पुलिस गश्त (Night Patrolling) बढ़ाई जाए और संदिग्धों की सघन जांच हो।

अनसुलझे सवालों के घेरे में गोविंदपुर

गोली किसने चलाई? क्या वीरेंद्र ही असली निशाना थे या यह महज एक इत्तेफाक था? इन सवालों के जवाब अभी भी पुलिस की फाइलों में दबे हैं। गोविंदपुर पुलिस का दावा है कि वे बहुत जल्द आरोपियों तक पहुँच जाएंगे, लेकिन जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, इलाके में डर का माहौल बना रहेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।