Chaibasa Murder: कार्तिक बाड़ा हत्याकांड के तीनों आरोपियों ने किया सरेंडर, जंगल में जलाने के बाद भी नहीं मिटा सबूत
चाईबासा के कार्तिक बाड़ा हत्याकांड में तीनों नामजद आरोपियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद। जानिए पूरा मामला।
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र में 17 अप्रैल को हुए कार्तिक बाड़ा हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले के तीनों नामजद आरोपियों ने शनिवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 की सुबह आनंदपुर थाना क्षेत्र के सारगीडीह जंगल में पावर ग्रिड के बगल में एक अधजला शव मिला था। मृतक की पहचान आनंदपुर उरांव बस्ती निवासी 35 वर्षीय कार्तिक बाड़ा के रूप में हुई थी। मृतक के पिता नागो बाड़ा के आवेदन पर आनंदपुर थाना में कांड संख्या 10/2026 दर्ज किया गया था। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि मुख्य आरोपी मनुएल भुइयां, राजन तामसोय और पिंटू सुरीन हैं - तीनों सारगीडीह, आनंदपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
आरोपियों ने थाने में किया सरेंडर
पुलिस की जांच के दौरान तीनों प्राथमिकी अभियुक्त शनिवार को आनंदपुर थाना पहुंचे और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने तीनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में हत्या में संलिप्तता स्वीकार कर ली।
शव को जलाकर मिटाना चाहते थे निशान
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उन्होंने सारगीडीह जंगल में ही शव के ऊपर सूखे पत्ते डालकर आग लगा दी थी। उन्हें विश्वास था कि शव जल जाने के बाद उसकी पहचान नहीं हो सकेगी। हालांकि, शव पूरी तरह नहीं जल सका और अधजली हालत में मिल गया। आरोपियों ने घटना में प्रयुक्त मृतक का गमछा और सब्जी काटने वाला चाकू भी वहीं फेंक दिया था।
पुलिस ने बरामद किया चाकू
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया हुआ चाकू बरामद कर लिया है। इसके अलावा, घटनास्थल से अन्य सबूत भी जुटाए गए हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर हत्या के पीछे क्या कारण था। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश या विवाद को वजह बताया जा रहा है।
चाईबासा का इतिहास और बढ़ते अपराध
चाईबासा, जो पश्चिमी सिंहभूम जिला का मुख्यालय है, अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां हत्या और अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। इतिहास गवाह है कि इससे पहले भी इस थाना क्षेत्र में कई हत्याएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों के आत्मसमर्पण ने लोगों में विश्वास पैदा किया है।
पुलिस की सराहना
आरोपियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन की सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
तीनों आरोपियों - मनुएल भुइयां, राजन तामसोय और पिंटू सुरीन - को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने अदालत से रिमांड की मांग की है ताकि आरोपियों से और अधिक पूछताछ की जा सके और हत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
हत्या का कारण अब भी स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर कार्तिक बाड़ा की हत्या क्यों की गई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में ही इस राजफाश होगा। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों और मृतक के बीच पुरानी रंजिश थी। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
चाईबासा के कार्तिक बाड़ा हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। तीनों आरोपियों के आत्मसमर्पण ने इस मामले को तूल दे दिया है। यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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