Jamshedpur Traffic Meet: एक माह में 48 सड़क हादसे, चालकों की लापरवाही सबसे बड़ी वजह, तीन गुड समारिटन सम्मानित
जमशेदपुर में यातायात बैठक में मार्च में हुई 48 सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता, तीन गुड समारिटन को नकद पुरस्कार। जानिए क्या हुआ बैठक में।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। उपायुक्त के निर्देशानुसार समाहरणालय में यातायात एवं सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मार्च माह में हुई 48 सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। चालकों की लापरवाही, तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना और ड्रिंक एंड ड्राइव को हादसों के प्रमुख कारणों के रूप में पहचाना गया। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले तीन गुड समारिटन को 2-2 हजार रुपये नगद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मार्च में 48 हादसे, क्या है चिंता की वजह?
बैठक में समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि मार्च माह में जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में 48 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। यह आंकड़ा काफी चिंताजनक है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इनमें से अधिकतर हादसे चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों का पालन न करने के कारण हुए। गलत दिशा में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाना जैसी गंभीर लापरवाहियां हादसों की बड़ी वजह रही हैं।
क्या हुए निर्देश? लाइसेंस रद्द करने तक की चेतावनी
बैठक में यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
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लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनका लाइसेंस रद्द करने का निर्देश दिया गया।
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यात्री वाहनों, मालवाहक वाहनों और स्कूल वैन पर ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई होगी।
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सड़क पर जहां-तहां रोककर सवारी उतारने-चढ़ाने के मामले में वाहन मालिक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने को कहा गया।
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स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच यातायात नियमों को लेकर जागरुकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
हिट एंड रन में मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में हिट एंड रन (वाहन चलाकर भाग जाने) के मामलों में प्रभावित परिजनों को मिलने वाले मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन ने साफ किया कि पीड़ित परिवारों को बिना देरी के मुआवजा दिलाया जाएगा।
गोल्डन ऑवर में जान बचाने वाले हुए सम्मानित
बैठक के दौरान तीन ऐसे लोगों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। ये हैं:
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अनुज कुमार सिंह (मुसाबनी थाना प्रभारी)
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रामदेव हेम्ब्रम (मुसाबनी)
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बागुन केराई (चाकुलिया)
तीनों को 2-2 हजार रुपये नगद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद, डीटीओ धनंजय, अन्य विभागीय पदाधिकारी और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए और प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
आगे की कार्ययोजना
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूली बच्चों से लेकर बड़े वाहन चालकों तक, सभी को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएंगे। सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और खतरनाक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।
जमशेदपुर में एक माह में 48 सड़क दुर्घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। क्या हम यातायात नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की जान बचा पाएंगे? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने परिवार को भी जागरूक करें। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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