Adityapur Fire: भयानक लपटें: आदित्यपुर में तड़के 4 बजे बरपा 11 हजार वोल्ट का कहर, जलकर खाक हुई दुकान, लाखों का सामान राख
आदित्यपुर के वार्ड 17 स्थित प्रभात पार्क के पास शुक्रवार तड़के शॉर्ट सर्किट से एक दुकान में भीषण आग लग गई। दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लाखों का नुकसान हुआ है लेकिन बड़ी अनहोनी टल गई। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
आदित्यपुर, 6 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम अंतर्गत वार्ड 17 में शुक्रवार की सुबह मौत बनकर आई। प्रभात पार्क के पास स्थित एक झोपड़ीनुमा दुकान में तड़के करीब 4:20 बजे भीषण आग लग गई। आसमान छूती लपटों और धुएं के गुबार ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी। बताया जा रहा है कि दुकान के ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाई-टेंशन बिजली के तार में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ।
तड़के 4:20 बजे का वो खौफनाक मंजर
जब पूरा शहर गहरी नींद में सोया था, तभी प्रभात पार्क के पास अचानक चिंगारियां उठीं और देखते ही देखते पूरी दुकान आग की लपटों में घिर गई।
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11,000 वोल्ट की तबाही: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाई-टेंशन तार में जोरदार स्पार्किंग हुई, जिससे निकली चिंगारी ने नीचे स्थित झोपड़ीनुमा दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।
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लाखों का नुकसान: आग इतनी तेज थी कि दुकानदार को संभलने या सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। दुकान के अंदर रखा कीमती सामान, फर्नीचर और स्टॉक जलकर पूरी तरह राख हो गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस घटना में लाखों रुपये की क्षति हुई है।
वार्ड पार्षद की सक्रियता और दमकल की दौड़
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत वार्ड पार्षद नीतू शर्मा को सूचित किया।
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त्वरित एक्शन: पार्षद नीतू शर्मा बिना देर किए मौके पर पहुँचीं और तत्काल अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) और आदित्यपुर थाना पुलिस को जानकारी दी।
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आधे घंटे का संघर्ष: सूचना मिलते ही दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुँची। फायर फाइटर्स ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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बचा ली गई मार्केट: गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा ली गई, वरना प्रभात पार्क के आसपास की सघन दुकानों तक आग फैल सकती थी, जिससे करोड़ों का नुकसान और जनहानि हो सकती थी।
आदित्यपुर: औद्योगिक विकास और बिजली का पुराना पंगा
आदित्यपुर न केवल झारखंड बल्कि देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक रहा है।
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ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: 1960 के दशक के बाद आदित्यपुर का तेजी से औद्योगिक विकास हुआ। इसी विकास के साथ यहाँ हाई-टेंशन लाइनों का जाल बिछ गया।
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जोखिम भरा क्षेत्र: प्रभात पार्क और आसपास के इलाकों में बिजली के तारों का पुराना इन्फ्रास्ट्रक्चर अक्सर हादसों का कारण बनता रहा है। 11 हजार वोल्ट की लाइनें अक्सर घनी आबादी और झोपड़ीनुमा दुकानों के काफी करीब से गुजरती हैं, जो मॉनसून या तकनीकी खराबी के दौरान 'चलते-फिरते बम' की तरह व्यवहार करती हैं।
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सुरक्षा की मांग: स्थानीय लोग लंबे समय से इन तारों को भूमिगत (Underground) करने या सुरक्षा जाली लगाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती आज फिर एक गरीब दुकानदार पर भारी पड़ गई।
पार्षद का आश्वासन और मुआवजे की मांग
मौके पर मौजूद वार्ड पार्षद नीतू शर्मा ने प्रभावित दुकानदार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा:
"अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई ने बड़े हादसे को रोक दिया। हम दुकानदार को हर संभव सहायता दिलाएंगे और सरकार से उचित मुआवजे की मांग करेंगे। बिजली विभाग को भी इस शॉर्ट सर्किट के कारणों की गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।"
उन्होंने आसपास के अन्य दुकानदारों से भी अपील की कि वे अपनी दुकानों की वायरिंग दुरुस्त रखें और बिजली व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
वारदात का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| घटना का समय | शुक्रवार सुबह 4:20 बजे |
| स्थान | प्रभात पार्क के पास, वार्ड 17, आदित्यपुर |
| हादसे का कारण | 11,000 वोल्ट तार में शॉर्ट सर्किट |
| राहत कार्य | अग्निशमन विभाग व आदित्यपुर थाना |
| क्षति | लाखों का सामान जलकर खाक |
सबक लेने की जरूरत
आदित्यपुर की यह आग केवल एक दुकान की तबाही नहीं है, बल्कि यह प्रशासन के लिए एक अलार्म है। रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों के ऊपर से गुजरते हाई-टेंशन तार किसी भी दिन बड़ी त्रासदी को दावत दे सकते हैं। क्या विभाग इस घटना के बाद कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर अगले किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा?
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