Palamu Fire : पलामू में जलकर खाक हुई किराना दुकान, तड़के 10 लाख का सामान राख, 2 डीप फ्रीजर भी जले
पलामू के रेड़मा में गुरुवार देर रात एक बड़ी किराना दुकान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में 2 डीप फ्रीजर समेत करीब 10 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया है। दमकल विभाग ने भारी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू/मेदिनीनगर, 6 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। शहर थाना क्षेत्र के रेड़मा इलाके में गुरुवार की देर रात एक प्रतिष्ठित किराना दुकान में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि दुकान में रखा लाखों का सामान धुएं और लपटों की भेंट चढ़ गया। इस हादसे ने दुकानदार की बरसों की मेहनत को कुछ ही घंटों में राख के ढेर में तब्दील कर दिया है।
आधी रात को मची चीख-पुकार
किराना दुकान के मालिक नागेंद्र पांडेय रोजाना की तरह रात में दुकान बढ़ाकर (बंद कर) अपने घर चले गए थे। रात के सन्नाटे में अचानक दुकान से उठती लपटों ने मोहल्ले के लोगों की नींद उड़ा दी।
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10 लाख का नुकसान: दुकानदार के अनुसार, इस अग्निकांड में करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है।
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डीप फ्रीजर हुए खाक: दुकान में रखे दो बड़े डीप फ्रीजर, जिनमें आइसक्रीम और डेयरी उत्पाद रखे थे, पूरी तरह जल गए हैं। साथ ही किराने का पूरा स्टॉक अब सिर्फ कोयला बन चुका है।
पुलिस और दमकल की दौड़
घटना की जानकारी मिलते ही शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
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फायर ब्रिगेड की एंट्री: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।
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घंटों चली मशक्कत: आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को इसे पूरी तरह बुझाने में काफी पसीना बहाना पड़ा। काफी मेहनत के बाद आग को आसपास की रिहायशी इमारतों में फैलने से रोका जा सका।
पलामू और मेदिनीनगर का व्यापारिक इतिहास
मेदिनीनगर (डालटनगंज) और इसका रेड़मा इलाका दशकों से पलामू प्रमंडल का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र रहा है।
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ऐतिहासिक महत्व: चेरो राजवंश की विरासत समेटे इस शहर ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। यहाँ की बाज़ारों में बिहार और उत्तर प्रदेश तक के व्यापारी व्यापार करने आते हैं।
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बढ़ता जोखिम: जैसे-जैसे शहर की आबादी बढ़ी, रेड़मा जैसे व्यापारिक क्षेत्रों में बिजली की खपत और तारों का जाल भी बढ़ता गया।
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शॉर्ट सर्किट की समस्या: पलामू के पुराने बाजारों में वायरिंग की पुरानी व्यवस्था अक्सर 'शॉर्ट सर्किट' का कारण बनती है। शुरुआती जांच में नागेंद्र पांडेय की दुकान में भी आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट ही माना जा रहा है।
मुआवजे की गुहार: प्रशासन पर टिकी निगाहें
दुकान मालिक नागेंद्र पांडेय इस वक्त सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि यह दुकान उनकी जीविका का एकमात्र साधन थी। उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है ताकि वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
अग्निकांड का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| घटना का स्थान | रेड़मा, पलामू (शहर थाना क्षेत्र) |
| पीड़ित दुकानदार | नागेंद्र पांडेय |
| कुल क्षति | लगभग 10 लाख रुपये |
| बरामद अवशेष | जले हुए 2 डीप फ्रीजर और किराना सामान |
| प्रशासनिक टीम | थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार व दमकल विभाग |
सुरक्षा के कड़े सबक
रेड़मा की इस आग ने एक बार फिर सभी दुकानदारों के लिए चेतावनी जारी की है।
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फायर ऑडिट की जरूरत: स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को घने बाजारों में फायर ऑडिट कराना चाहिए।
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वायरिंग की जांच: गर्मी के मौसम की शुरुआत से पहले ही शॉर्ट सर्किट के मामले बढ़ने लगे हैं, ऐसे में समय-समय पर बिजली कनेक्शन की जांच अनिवार्य है।
सुलगते सवाल और इंसाफ का इंतजार
पलामू पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट का लग रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी अन्य साजिश के पहलू से इनकार नहीं कर रही है। नागेंद्र पांडेय की दुकान की आग बुझ चुकी है, लेकिन अब उनके जीवन के संघर्ष की नई आग शुरू हो गई है।
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