भगवान कल्कि अवतार: जन्म, स्थान, और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

जानिए भगवान कल्कि अवतार कब और कहां लेंगे, उनकी जन्मतिथि, जन्मस्थान और उनके अवतार से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें। भविष्य पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित कल्कि भगवान की जानकारी।

Jul 1, 2024 - 23:01
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भगवान कल्कि अवतार: जन्म, स्थान, और महत्वपूर्ण जानकारियाँ
भगवान कल्कि अवतार: जन्म, स्थान, और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

भगवान कल्कि अवतार: जन्म, जन्मस्थान और अन्य खास बातें

भगवान कल्कि अवतार कब और कहां लेंगे?

शास्त्रों में वर्णन किया गया है कि भगवान कल्कि विष्णु जी के अंतिम अवतार होंगे, और उनका जन्म कलयुग में होगा। हिंदू शास्त्रों की मानें तो जब पाप अपनी पराकाष्ठा पर होगा, तो विष्णु भगवान कल्कि रूप में पृथ्वी पर प्रकट होंगे।

किस पुराण में है कल्कि भगवान का जिक्र?

विष्णु जी के कल्कि अवतार का जिक्र कई धर्म ग्रंथों में देखने को मिलता है:

  • भविष्य पुराण में लिखा गया है कि कलयुग में पापियों का नाश करने के लिए कल्कि भगवान जन्म लेंगे।
  • श्रीमद्भागवत पुराण में भी इसी तरह का जिक्र कल्कि जी के संबंध में है, जो धर्म की स्थापना के लिए धरती पर जन्म लेंगे।
  • स्कंदपुराण में वर्णित है कि जब कलयुग और सतयुग का संधिकाल होगा, तो भगवान कल्कि मानव कल्याण के लिए जन्म लेंगे।

कल्कि अवतार से जुड़ी कुछ खास बातें:

भगवान विष्णु का यह अवतार अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  1. जन्मस्थान: उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में एक ब्राह्मण के घर में कल्कि भगवान का जन्म होगा।
  2. जन्मतिथि: सावन महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी को।
  3. विशेषताएँ: कल्कि भगवान के पास देवदत्त नामक एक घोड़ा होगा, तीर-कमान और तलवार से सज्जित होंगे, और 64 कलाओं में परिपूर्ण होंगे।
  4. भाई: भगवान राम की तरह कल्कि जी के भी 4 भाई होंगे - सुमन्त, प्राज्ञ, और कवि।
  5. विवाह: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कल्कि अवतार में भगवान विष्णु वैष्णों देवी के साथ विवाह करेंगे।

परशुराम जी का मार्गदर्शन:

भगवान कल्कि को मार्गदर्शन देने वाले परशुराम जी होंगे, जिन्हें अमरता का वरदान प्राप्त है। परशुराम जी के कहने पर ही कल्कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या करेंगे, जिससे उन्हें कई दिव्य शक्तियां प्राप्त होंगी।

भगवान कल्कि अवतार की पहचान:

भगवान कल्कि अवतार को निष्कलंक भगवान के नाम से भी जाना जाएगा, और यह अवतार अधर्मियों का नाश और धर्म की स्थापना के लिए होगा। शास्त्रों के अनुसार, कलयुग के अंत में जब पाप अपने चरम पर होगा, तब भगवान कल्कि अवतार लेंगे, और कलयुग का अंत होने में अभी 426875 साल बाकी हैं।