Chaibasa Suicide: खौफनाक कदम, चाईबासा में पारिवारिक कलह ने ली नौजवान की जान, घर में मातम
पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना अंतर्गत बामियाहातु गांव में 19 वर्षीय इहाश्री सवैया ने मामूली पारिवारिक विवाद के बाद फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। एक हंसते-खेलते नौजवान के इस आत्मघाती कदम और चाईबासा सदर अस्पताल में मची चीख-पुकार की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस दुखद घटना के पीछे के असली सच से अनजान रह जाएंगे।
चाईबासा/टोंटो, 3 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के बामियाहातु गांव में मात्र 19 साल के एक युवक इहाश्री सवैया ने फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह जब घर के आंगन में खुशियाँ होनी चाहिए थीं, वहां से इहाश्री की लाश निकली। इस घटना ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया है, बल्कि पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हुआ एक मामूली विवाद शनिवार की सुबह मौत का पैगाम लेकर आया।
विवाद से वियोग तक: 24 घंटे में उजड़ गया परिवार
बामियाहातु गांव में रहने वाला इहाश्री सवैया अपने परिवार का लाडला था, लेकिन गुस्से के एक पल ने सब कुछ खत्म कर दिया।
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शुक्रवार की वो तकरार: परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को घर में किसी बात को लेकर इहाश्री का परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हुआ था। बात मामूली थी, लेकिन इहाश्री के दिल पर लग गई।
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नाराजगी और खामोशी: विवाद के बाद से ही वह चुपचाप था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह अपने भीतर मौत की योजना बुन रहा है।
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शनिवार सुबह का खौफ: शनिवार की सुबह जब घर के लोग अपने कामों में व्यस्त थे, इहाश्री ने कमरे में फंदा लगाया और उस पर झूल गया।
अस्पताल में मातम: डॉक्टरों ने तोड़ी आखिरी उम्मीद
जैसे ही परिजनों की नजर फंदे से लटकते इहाश्री पर पड़ी, घर में चीख-पुकार मच गई।
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भागदौड़ और उम्मीद: आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से फंदे को काटकर उसे नीचे उतारा गया। सांसें शायद बाकी थीं, इसी उम्मीद में परिजन उसे भागते हुए चाईबासा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
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चिकित्सकों का जवाब: सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे 'ब्रॉट डेड' (मृत) घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इन शब्दों ने परिजनों की आखिरी उम्मीद भी छीन ली।
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पुलिस की एंट्री: अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की।
टोंटो आत्महत्या कांड: मुख्य विवरण (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| नाम | इहाश्री सवैया (19 वर्ष) |
| निवासी | बामियाहातु गांव, टोंटो (चाईबासा) |
| कारण | पारिवारिक विवाद और गुस्सा |
| स्थान | चाईबासा सदर अस्पताल (मृत घोषित) |
| जांच | टोंटो थाना पुलिस |
इतिहास और समाज: हो बहुल क्षेत्रों में बढ़ता 'आवेग'
पश्चिमी सिंहभूम का टोंटो और बामियाहातु क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से 'हो' जनजातीय संस्कृति का केंद्र रहा है। यहाँ की जीवनशैली सादगी और स्वाभिमान से भरी होती है। लेकिन समाजशास्त्रियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सुदूर ग्रामीण इलाकों के युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और आवेग (Impulse Control) की कमी देखी जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर 'हो' समुदाय के युवाओं में आत्मघाती कदम उठाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। अक्सर पारिवारिक रंजिश या अपनी बात न माने जाने पर गुस्से में आकर ऐसे कदम उठा लिए जाते हैं। इहाश्री की मौत भी इसी 'क्षणभंगुर गुस्से' का परिणाम मानी जा रही है, जिसने एक पूरे परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं।
गांव में शोक की लहर: सुरक्षा और जांच
इस घटना के बाद बामियाहातु गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। हर कोई इहाश्री की सादगी और उसकी कम उम्र को याद कर आंसू बहा रहा है।
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पुलिसिया कार्रवाई: टोंटो थाना पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विवाद इतना बड़ा था कि इहाश्री ने अपनी जान दे दी या इसके पीछे कोई और दबाव था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट: पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है ताकि मौत के सटीक समय और कारणों की पुष्टि हो सके।
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संवेदनाएं: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
गुस्से पर नियंत्रण ही जीवन का आधार
इहाश्री सवैया की मौत एक चेतावनी है उन तमाम युवाओं के लिए जो आवेश में आकर अपनी जिंदगी को खत्म करने जैसा बड़ा फैसला ले लेते हैं। विवाद हर घर में होते हैं, लेकिन उनका समाधान संवाद है, फंदा नहीं। चाईबासा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही जांच पूरी होने की बात कही है।
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