Patna Claim: पटना में तेजस्वी यादव ने एग्जिट पोल्स को पीएमओ से 'सेट' बताया, शपथ ग्रहण की तारीख का खुलासा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा किया। एग्जिट पोल्स को खारिज करते हुए उन्होंने इसे अधिकारियों पर 'मनोवैज्ञानिक दबाव' बताया। तेजस्वी यादव ने 14 नवंबर को नतीजों के बाद 18 नवंबर को शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान किया। 2020 की तुलना में 72 लाख अधिक वोट पड़े, और इसे सरकार बचाने के लिए नहीं, बल्कि सरकार बदलने के लिए दिया गया वोट बताया। महागठबंधन को 1995 से भी बेहतर फीडबैक मिला। जानिए तेजस्वी के इन बड़े दावों का पूरा विश्लेषण।
पटना, 12 नवंबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से ठीक पहले, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राजनीतिक गर्मी को अत्यधिक बढ़ा दिया है। उन्होंने मीडिया के सामने एग्जिट पोल्स के आंकड़ों को पूरी तरह से खारिज करते हुए एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि ये सभी एग्जिट पोल्स सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से 'सेट' किए गए हैं और इनका मकसद सिर्फ वोटों की गिनती के दिन अधिकारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना है। उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि बिहार में बदलाव होना तय है, और उन्होंने अपनी सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख भी बता दी। सवाल यह है कि तेजस्वी यादव के इस बड़े दावे के पीछे क्या आधार है, और क्या मतगणना के दौरान पिछली बार की तरह 'बेईमानी' होने की आशंका है?
एग्जिट पोल्स पर सीधा हमला: 'पीएमओ से सेट' का आरोप
पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने एग्जिट पोल्स की प्रामाणिकता पर सीधा सवाल खड़ा किया।
-
खारिज किया: तेजस्वी ने एग्जिट पोल्स को "पीएमओ से सेट" बताते हुए कहा कि ये सब काउंटिंग के दिन अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश है।
-
मानक: उन्होंने आरोप लगाया कि सैम्पल सर्वे का कोई स्पष्ट मानक भी नहीं है, इसलिए इन आंकड़ों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।
शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान: बौखलाहट में एनडीए
तेजस्वी ने अपनी जीत को लेकर इतना विश्वास दिखाया कि उन्होंने अपनी सरकार के गठन की तारीख तक बता दी।
-
दावा: "14 नवंबर को परिणाम आएंगे और 18 नवंबर को शपथ ग्रहण होगी।" उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के लोग इसी वजह से बौखलाहट में हैं।
-
सकारात्मक फीडबैक: तेजस्वी ने कहा कि उन्हें बहुत ही सकारात्मक सूचना मिली है, जो 1995 से भी बेहतर फीडबैक है, जिसमें आरजेडी ने भारी जीत दर्ज की थी।
मतदान का बदलाव: सरकार बदलने के लिए वोट
तेजस्वी यादव ने इस बार हुए भारी मतदान को अपनी जीत के पक्ष में सबसे बड़ा तर्क बताया।
-
बढ़े मतदाता: उन्होंने बताया कि 2020 की तुलना में इस बार 72 लाख अधिक लोग मतदान में शामिल हुए। हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 30 हजार से अधिक लोगों ने मतदान किया।
-
वोट का मकसद: तेजस्वी ने स्पष्ट कहा, "यह वोट सरकार बचाने के लिए नहीं, बल्कि सरकार बदलने के लिए दिया गया है। बदलाव अवश्य होगा।"
वोट चोरी रोकने का संकल्प: कलम राज की स्थापना
पिछली बार मतगणना में 'बेईमानी' होने का आरोप लगाते हुए, तेजस्वी ने इस बार सख्ती बरतने की बात कही।
-
आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार मतगणना को जानबूझकर धीमा किया गया और बेईमानी हुई थी।
-
संकल्प: "हमारे लोग वोट चोरी रोकेंगे और काउंटिंग में बेईमानी नहीं होने देंगे।" उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में नौकरी वाली सरकार बनेगी और 'कलम राज' स्थापित होगा।
तेजस्वी के इन बयानों से स्पष्ट है कि महागठबंधन को अपनी जीत का पूरा भरोसा है, और अब सबकी निगाहें 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
What's Your Reaction?


