Tata Steel Security Big Action: रात 2:14 बजे गुप्त सूचना पर छापा, 27 किलो तांबा और 62 किलो पीतल बरामद
रात 2:14 बजे गुप्त सूचना पर छापा, 27 किलो तांबा और 62 किलो पीतल बरामद, 20 वर्षीय किशन सरदार गिरफ्तार, बिष्टुपुर पुलिस को सौंपा गया।
Jamshedpur Big Breakthrough: टाटा स्टील सिक्योरिटी की टीम ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और सक्रियता का परिचय देते हुए एक बड़ी चोरी की कोशिश को नाकाम किया है। बीती देर रात करीब 2:14 बजे टाटा स्टील सिक्योरिटी को गुप्त सूचना मिली कि आदित्यपुर इलाके में कुछ संदिग्ध लोग चोरी के गैर-लौह (नॉन-फेरस) धातु को बेचने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ ऑपरेशन
सूचना को गंभीरता से लेते हुए टाटा स्टील सिक्योरिटी की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। टीम ने आसपास के इलाके में सघन तलाशी और पीछा कर अभियान चलाया। देर रात के अंधेरे का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे चोरों को पुलिस टीम ने घेर लिया। इस दौरान आदित्यपुर के पार्वती घाट निवासी 20 वर्षीय किशन सरदार को उसी समय रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
27 किलो तांबा और 62 किलो पीतल बरामद
जब टीम ने आरोपी के पास रखे बैग और कंटेनर को खोलकर देखा तो सबके होश उड़ गए। उसके पास से भारी मात्रा में औद्योगिक धातु बरामद हुई, जिसे किसी तरह चुराकर लाया गया था। बरामद सामग्री में शामिल था:
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27 किलो तांबा (कॉपर) – जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16,200 रुपये है। तांबे का उपयोग बिजली के तारों, मशीनरी पार्ट्स और विद्युत उपकरणों में होता है, जिसके चलते इसकी काला बाजार में काफी मांग रहती है।
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62 किलो पीतल (ब्रास) – जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 27,900 रुपये है। पीतल का यूज प्लंबिंग, फिटिंग और सजावटी सामानों में किया जाता है।
कुल मिलाकर बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 44,100 रुपये आंकी गई है। हालांकि, बाजार में अगर इसे अवैध तरीके से बेचा जाता तो इसकी कीमत और भी अधिक हो सकती थी।
औद्योगिक धातु चोरी – क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
जानकारों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उद्योगों से तांबा और पीतल जैसी गैर-लौह धातुओं की चोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसकी कई वजहें हैं:
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे और पीतल की बढ़ती कीमत – इन धातुओं का रेट अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ रहा है, जिससे ये चोरों की पहली पसंद बन गई हैं।
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आसानी से पिघलाकर बेचने की सुविधा – इन धातुओं को आसानी से पिघलाकर सिल्ली (इंगॉट) के रूप में बदला जा सकता है, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो जाती है।
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काले बाजार में मजबूत डिमांड – छोटे कारखाने और ठेले वाले अक्सर बिना पूछताछ के ये धातु खरीद लेते हैं।
मेडिकल जांच के बाद पुलिस को सौंपा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद टाटा स्टील सिक्योरिटी की टीम ने नियमानुसार आरोपी किशन सरदार का मेडिकल जांच कराया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बिष्टुपुर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ चोरी और अवैध धातु रखने का मामला दर्ज किया जा रहा है।
टाटा स्टील सिक्योरिटी की सतर्कता साबित
टाटा स्टील सिक्योरिटी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मुस्तैद है। रात के 2:14 बजे गुप्त सूचना मिलने के बाद से लेकर आरोपी को पकड़ने और पुलिस के हवाले करने तक, पूरी प्रक्रिया में टीम ने बेहतर समन्वय और सक्रिय कार्यशैली का परिचय दिया।
पुलिस की अपील – सूचना दें, सुरक्षा में बनें साथी
बिष्टुपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, खासकर औद्योगिक धातुओं की तस्करी या चोरी के मामले में, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
आपकी राय क्या है – क्या तांबा-पीतल जैसी औद्योगिक धातुओं की चोरी रोकने के लिए सरकार को और सख्त कानून बनाने चाहिए? कमेंट में बताएं।
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