Galudih Tragedy: सोते समय महिला को जहरीले चित्ती सांप ने डसा, अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम!
गालूडीह के केशपुर बागालगोड़ा में बुधवार तड़के जमीन पर सो रही गौरी सबर को जहरीले चित्ती सांप द्वारा डसने और एमजीएम अस्पताल ले जाने के दौरान हुई दर्दनाक मौत की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
गालूडीह/घाटशिला, 3 जून 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र (Galudih Police Station) से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के केशपुर स्थित बागालगोड़ा गांव में बुधवार तड़के बिस्तर पर सो रही 30 वर्षीय महिला गौरी सबर को एक अत्यधिक जहरीले 'चित्ती सांप' (Common Krait) ने डस लिया। सांप के डसने के बाद आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जमशेदपुर के एमजीएम (MGM Hospital) रेफर कर दिया गया। लेकिन बदकिस्मती से जमशेदपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में गौरी सबर ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे बागालगोड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं मृतका के तीन मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की लाइव इनसाइड स्टोरी: तड़के 3 बजे खुली आंख, बिस्तर के पास रेंग रहा था काल
परिजनों और गालूडीह स्थानीय सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक वारदात बुधवार की सुबह करीब 3 बजे हुई:
-
जमीन पर सो रहा था परिवार: रोज की तरह गौरी सबर अपने घर के भीतर जमीन पर बिस्तर लगाकर सोई हुई थी। बुधवार तड़के करीब 3 बजे अचानक कंधे पर तेज दर्द होने के कारण उसकी आंख खुली।
-
लाइट जलाते ही उड़ गए होश: जब गौरी ने शोर मचाया तो घर के अन्य सदस्यों की भी नींद खुल गई। जैसे ही कमरे की लाइट जलाई गई, तो बिस्तर से कुछ ही दूरी पर एक बेहद ही जहरीला चित्ती सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया।
-
सांप को मौके पर ही मारा: महिला को तड़पता देख गुस्से और डर में परिजनों ने मौके पर ही उस चित्ती सांप को लाठी-डंडों से मार डाला।
-
रास्ते में थम गईं सांसें: परिजन बिना वक्त गंवाए गौरी को अस्पताल ले गए, लेकिन जहर इतनी तेजी से पूरे शरीर में फैल चुका था कि बड़े अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है।
सुदूर स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम और बेड की सख्त जरूरत
गालूडीह की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में ही बेहतर वेंटिलेटर या तुरंत एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) का सही बैकअप मिल जाता, तो शायद तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया नहीं उठता।
2026 के इस आधुनिक दौर में, जब स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल और हाई-टेक बनाने की बातें हो रही हैं, तब सुदूर गांवों में सांप के काटने से तड़पकर दम तोड़ना बेहद चिंताजनक है। इस तरह की मौतों को स्थायी रूप से रोकने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को गालूडीह और घाटशिला के सभी प्राथमिक उप-स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में सांप के जहर को काटने वाली दवाइयां उपलब्ध करानी होंगी। साथ ही, ग्रामीण अंचलों में लोगों को जागरूक करना होगा कि वे जमीन पर सोने के बजाय खाट या चौकी का इस्तेमाल करें और मच्छरदानी लगाकर सोएं, ताकि सोते समय ऐसी जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके।
What's Your Reaction?


