Chakulia Terror : मोहन डुंगरी जंगल में घुसा 10 हाथियों का झुंड, दिघी गांव और मुख्य सड़क पर पसरा भारी सन्नाटा!
चाकुलिया के वार्ड-12 दिघी गांव से सटे मोहन डुंगरी जंगल में 8-10 हाथियों के दल के डेरा डालने और केरूकोचा सड़क पर राहगीरों के बीच मचे भारी खौफ की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाकुलिया/जमशेदपुर, 3 जून 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र (Chakulia Nagar Panchayat) से इस वक्त एक बेहद डराने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। वार्ड संख्या 12 के अंतर्गत आने वाले दिघी गांव से बिल्कुल सटे मोहन डुंगरी साल जंगल में बुधवार सुबह अचानक 8 से 10 जंगली हाथियों के एक विशाल दल ने धावा बोल दिया है। गांव के ठीक मुहाने पर हाथियों के इस झुंड के शरण लेने की खबर फैलते ही पूरे दिघी अंचल में भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। सबसे गंभीर स्थिति चाकुलिया से केरूकोचा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की है, जो इस जंगल से होकर गुजरती है। हाथियों की मौजूदगी के कारण इस रूट पर चलने वाले राहगीर और वाहन चालक बेहद डरे और सहमे हुए हैं।
दहशत की इनसाइड स्टोरी: केरूकोचा मार्ग पर थमी गाड़ियों की रफ्तार, वन विभाग से गुहार
चाकुलिया वन क्षेत्र और दिघी गांव के स्थानीय ग्रामीण सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के अनुसार, स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है:
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सड़क के किनारे जमे हैं गजराज: मोहन डुंगरी का साल जंगल चाकुलिया-केरूकोचा मुख्य मार्ग से बिल्कुल सटा हुआ है। हाथियों का झुंड पटरियों और झाड़ियों के पीछे छिपा है, जिसके कारण सड़क से गुजरने वाले लोग काफी सावधानीपूर्वक और जान हथेली पर रखकर आवागमन कर रहे हैं।
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महीनों से नगर पंचायत में डेरा: कोई यह न समझे कि यह हाथियों का दल अचानक आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से हाथियों का अलग-अलग झुंड चाकुलिया नगर पंचायत के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्थायी रूप से जमा हुआ है, जिससे क्षेत्र के लोग चौबीसों घंटे भय के साए में जीने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों की मांग: दिघी गांव के लोगों ने वन विभाग (Forest Department) के उच्चाधिकारियों से तत्काल गुहार लगाई है कि वे त्वरित कदम उठाते हुए हाथियों के इस झुंड को बस्तियों से दूर किसी सुरक्षित और गहरे जंगली इलाके में खदेड़ें, ताकि जान-माल का कोई बड़ा नुकसान न हो।
त्वरित एलीफेंट क्विक रिस्पांस टीम और नाइट गश्त समय की मांग
दिघी गांव और मोहन डुंगरी जंगल के आसपास के हालातों को देखते हुए कड़े एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक हाथियों ने किसी घर या व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन जंगली हाथियों का मूड कभी भी बदल सकता है।
2026 के इस हाई-टेक दौर में, जहाँ हम सैटेलाइट और ड्रोन से जानवरों की ट्रैकिंग की बात करते हैं, वहाँ चाकुलिया जैसे संवेदनशील क्षेत्र में महीनों से हाथियों का जमे रहना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस गंभीर समस्या का परम्परागत समाधान निकालने के लिए वन विभाग को केरूकोचा मार्ग पर तुरंत 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) तैनात करनी होगी, जो पटाखों और सर्च लाइट के जरिए हाथियों को सड़क से दूर रखे। साथ ही, ग्रामीणों को रात के वक्त अकेले घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
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