Tamar Plot: खूनी साजिश, 35 लाख के लिए दागी गई गोली, फर्जी कागज बनाकर जमीन हड़पने वाले तीन और अभियुक्त धरे गए

तमाड़ के राजोडेरा में शंभु मुंडा को जान से मारने की नीयत से गोली मारने वाले गिरोह के तीन और सदस्यों को पुलिस ने अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लीज की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे 35 लाख में बेचने की इस खौफनाक साजिश और बुंडू डीएसपी के खुलासे की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस जमीन माफिया के बड़े जाल से अनजान रह जाएंगे।

Dec 23, 2025 - 20:48
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Tamar Plot: खूनी साजिश, 35 लाख के लिए दागी गई गोली, फर्जी कागज बनाकर जमीन हड़पने वाले तीन और अभियुक्त धरे गए
Tamar Plot: खूनी साजिश, 35 लाख के लिए दागी गई गोली, फर्जी कागज बनाकर जमीन हड़पने वाले तीन और अभियुक्त धरे गए

बुंडू/तमाड़, 23 दिसंबर 2025 – राजधानी रांची के सीमावर्ती इलाके तमाड़ में जमीन के लालच ने रिश्तों और इंसानियत को इस कदर शर्मसार किया कि एक शख्स को मौत के घाट उतारने के लिए पेशेवर अपराधियों का सहारा लिया गया। तमाड़ थाना क्षेत्र के गांगो स्थित राजोडेरा गांव में हुए चर्चित शंभु मुंडा गोलीकांड में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार को बुंडू डीएसपी ओम प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर खुलासा किया कि पुलिस ने घटना में शामिल तीन और मुख्य आरोपियों को अवैध हथियार के साथ दबोच लिया है। यह मामला महज एक आपसी विवाद नहीं, बल्कि 35 लाख रुपये की जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए हड़पने की एक सुनियोजित 'क्रिमिनल प्लानिंग' का हिस्सा था।

इतिहास: तमाड़ की 'लीज' परंपरा और भू-माफिया का उदय

ऐतिहासिक रूप से बुंडू और तमाड़ का इलाका मुंडा समुदाय की पैतृक संपत्तियों और 'खूंटकट्टी' अधिकारों के लिए जाना जाता रहा है। 1908 के छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act) के बाद इन जमीनों की सुरक्षा के कड़े नियम बने, लेकिन पिछले कुछ दशकों में हाईवे के किनारे की जमीनों की कीमतें बढ़ने से बाहरी तत्वों ने 'लीज' (Lease) को हथियार बनाया। 2010 के बाद इस क्षेत्र में कई ऐसे मामले सामने आए जहाँ होटल या व्यापार के लिए ली गई जमीन को फर्जी कागजात के सहारे बेचने की कोशिश की गई। शंभु मुंडा का मामला इसी ऐतिहासिक धोखे का एक आधुनिक और हिंसक उदाहरण है, जहाँ विकास के नाम पर दी गई जमीन 'डेथ वारंट' बन गई।

साजिश का पर्दाफाश: 50 डिसमिल जमीन और 35 लाख का सौदा

डीएसपी ओम प्रकाश ने बताया कि इस खूनी संघर्ष की नींव तब पड़ी जब शंभु मुंडा के ससुर पंचान सिंह मुंडा ने संजय महतो को होटल चलाने के लिए 50 डिसमिल जमीन 5 साल के लिए लीज पर दी थी।

  • लालच की हद: संजय महतो की नीयत खराब हुई और उसने जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए।

  • 35 लाख का सौदा: जांच में खुलासा हुआ कि संजय ने इस जमीन को 35 लाख रुपये में बेचने का सौदा सोनू उर्फ शाहिद अंसारी, अरशदुद्दीन अंसारी, वसीम अकरम और सोनू खान जैसे लोगों के साथ कर लिया था।

  • विरोध और गोलीबारी: शंभु मुंडा इस फर्जीवाड़े की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बने हुए थे। उन्हें रास्ते से हटाने के लिए संजय महतो और रमन प्रताप बागती ने अपराधियों के साथ मिलकर शंभु के घर पर धावा बोला और उन्हें गोली मार दी।

पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: हथियार समेत 3 गिरफ्तार

तमाड़ पुलिस ने सघन छापेमारी कर इस मामले में शामिल तीन और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

  1. बरामदगी: इनके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देसी कट्टा और एक जिंदा गोली बरामद की गई है।

  2. मुख्य अभियुक्त पहले ही जेल में: पुलिस ने बताया कि इस कांड का मास्टरमाइंड सोनू उर्फ शाहिद अंसारी (26 वर्ष) पहले ही 28 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

  3. सिंडिकेट की पहचान: पुलिस अब वसीम अकरम और सोनू खान जैसे अन्य नामों की तलाश कर रही है जो इस भू-माफिया सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

तमाड़ पुलिस ऑपरेशन का संक्षिप्त विवरण (Case Snapshot)

विवरण जानकारी
पीड़ित का नाम शंभु मुंडा (राजोडेरा, तमाड़)
जमीन का विवाद 50 डिसमिल (होटल लीज मामला)
सौदा राशि ₹35,00,000 (फर्जी दस्तावेजों पर)
बरामद हथियार 01 देसी कट्टा, 01 जिंदा कारतूस
मुख्य अधिकारी ओम प्रकाश (डीएसपी, बुंडू)

भू-माफियाओं को कड़ा संदेश: डीएसपी की चेतावनी

प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी ने स्पष्ट किया कि तमाड़ और बुंडू क्षेत्र में सक्रिय किसी भी भू-माफिया गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी कागजात बनाने वाले गिरोहों और उनके मददगारों पर पुलिस की पैनी नजर है। डीएसपी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि लीज पर जमीन देते समय कानूनी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करें और किसी भी दबाव या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

न्याय की ओर बढ़ते कदम

शंभु मुंडा आज भी उस खौफनाक शाम के जख्मों से जूझ रहे हैं, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने राजोडेरा के लोगों में एक बार फिर कानून के प्रति विश्वास जगाया है। 35 लाख के इस खूनी खेल के मोहरों का जेल जाना उन लोगों के लिए सबक है जो दूसरों की पुश्तैनी जमीन पर नजरें गड़ाए बैठे हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।